{"_id":"5d697d908ebc3e01711f584e","slug":"crime-bareilly-news-bly374278423","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर मचा बच्चा चोर का शोर, कई पिट गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर मचा बच्चा चोर का शोर, कई पिट गए
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बरेली। बच्चा चोर गिरोह की अफवाह को लेकर शहर से देहात तक मारपीट और हंगामे का दौर चल रहा है। शुक्रवार को भी जिले में ऐसी कई घटनाएं हुईं जिनमें बेकसूर लोगों को बुरी तरह धुन दिया गया। कुछ लोग खुशकिस्मत रहे जो बाल-बाल बच गए। सुभाष नगर के मामले में भी संभ्रांत लोगों के आ जाने से ऐसे ही एक मानसिक मंद युवक की जान बच गई।
शुक्रवार सुबह सुभाषनगर के बेनीपुर चौधरी गांव में मंदिर पर बच्चों के पास बैठे मानसिक मंद युवक को लोगों ने बच्चा चोर के शक में पकड़ लिया। गनीमत रही कि उसकी पिटाई करने की बजाय वहां के संभ्रांत लोगों ने सौ नंबर पर सूचना दे दी। पुलिस उसे सुभाष नगर थाने ले आई। यहां पता लगा कि वह जौनपुर का निवासी है। मानसिक संतुलन ठीक न होने पर भटककर यहां आ गया है। जौनपुर पुलिस के जरिये परिवार को सूचना दी गई। बात साफ हुई कि युवक करीब 25 दिन पहले घर से कार लेकर निकला था। उसके पिता सरकारी सेवा में हैं और कुछ समय पहले उनका एक्सीडेंट हो गया है। परिवार से तस्दीक के बाद उसे जीआरपी स्टाफ के साथ टिकट दिलाकर जौनपुर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया।
इज्जत नगर थाना क्षेत्र के संजय नगर बीडीए कॉलोनी में भी ऐसे ही एक युवक को भीड़ ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। लोगों ने युवक को पकड़कर यूपी 100 को कॉल कर दिया। पुलिस थाने लाई तो युवक ने अपना नाम सलीस हैदर बताया। वह हाफिजगंज के गांव हरहरपुर मटकली का निवासी है। सलीस के मुताबिक 15 दिन पहले उसके पड़ोसी की पत्नी दो बच्चों के साथ लापता हो गई थी। उसकी मदद के लिए वह भी महिला को खोज रहा था। बताया कि महिला के संजय नगर में होने की सूचना मिली थी, वह महिला और बच्चों के फोटो लेकर वहां पहुंचा लेकिन महिला उसे नहीं मिली। इस पर आसपास के लोगों ने उसके हाथ में बच्चों के फोटो देखकर उसे बच्चा चोर समझ लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सलीस की तस्दीक की जा रही है। अभी तक उस पर कोई आरोप साबित नहीं हो सका। सलीस ने बताया कि वह गांव का ताजियेदार है।
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दोहना में मानसिक मंद को बच्चा चोर समझ बैठे
भोजीपुरा। गांव दोहना पीतमराय में शुक्रवार सुबह एक मानसिक मंद युवक गांव की गलियों में घूम रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक वह घरों में ताकाझांकी कर रहा था। कुछ लोग उसकी पिटाई के मूड में थे पर बाद में पुलिस की अपील पर गौर कर भोजीपुरा थाने में सूचना दी। सूचना पर एसएचओ मनोज त्यागी फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के कब्जे से युवक को लेकर पुलिस थाने पहुंची। युवक से पूछताछ की लेकिन वह बिल्कुल बोल ही नहीं रहा। पुलिस ने उसे थाने में ही बैठा रखा है।
आंवला में बच्चा चोर बताकर विक्षिप्त को पीटा, पांच को जेल भेजा
आंवला। शुक्रवार सुबह बिहार के जिला वैशाली के थाना क्षेत्र महुआ के गांव अब्दलपुर का संजीव पासवान पुराना तिराहे पर विक्षिप्त हालात में घूम रहा था। यह देखकर कुछ लोगों ने उसको बच्चा चोर समझकर डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस ने बेहटा चौहान के भारत पहलवान बजरिया निवासी अजीम, कामिल, सहामीर और फूटा दरवाजा के आमिर को हिरासत में ले लिया। कोतवाल सुनील कुमार ने बताया कि विक्षिप्त व्यक्ति को मारने वाला अजीम घंटा चोरी करने में जेल जा चुका है। आमिर पर भी तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। भारत पहलवान इससे पूर्व लोगों को उकसाकर जाम लगवा चुका है। बताया कि दरोगा बृजपाल सिंह की ओर से मारपीट और बलवे की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है।
खेत में सोते मानसिक मंद को पीटने वाले चार को जेल
भोजीपुरा। गुरुवार को गांव पिपरिया के गन्ने के खेत में भुता निवासी मानसिक मंद वेदराम सो रहा था। उसके पास एक बड़ा थैला था। उसे सोते देख किसी ने गांव में बच्चा चोर होने की सूचना दे दी। सूचना पर गांव से करीब बीस लोगों की भीड़ थाने पहुंच गई। भीड़ ने उसे गन्ने के खेत से खींचकर लात घूंसों और डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। सूचना पर यूपी 100 और भोजीपुरा थाने से प्रभारी निरीक्षक मनोज त्यागी मय फोर्स के पहुंच गए। भीड़ पुलिस को देख भाग गई थी। दरोगा ललित वर्मा और उनकी टीम ने भीड़ में से चार लोगों को पकड़ लिया। बाकी भागने में कामयाब रहे। घायल वेदराम को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की ओर से पिपरिया निवासी बलवीर उर्फ कल्लू, राजेश कुमार, छोटे और बबलू समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। चारो आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
जिले भर में चला अभियान, बच्चा चोर कहीं नहीं
बरेली। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में जिले भर में बच्चा चोर को लेकर हो रही अफवाहें रोकने के लिए अभियान चलाया गया। सभी थानों के प्रभारी अपनी टीम के साथ अपने क्षेत्र में घूमे और लोगों से इन अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा। आह्वान किया कि इस तरह का कोई बच्चा चोर गैंग नहीं है। लोग मानसिक रूप से कमजोर लोगों को बच्चा चोर समझकर हमला कर रहे हैं। इस पर रोक लगनी चाङिए। लोगों से कहा कि उन्हें अपने आसपास इस तरह की गतिविधि दिखती है तो तत्काल थाना पुलिस या सौ नंबर को सूचना दें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में छाया बच्चा चोर का मुद्दा
शुक्रवार देर रात एडीजी अविनाश चंद्र ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी नौ जिलों के एसपी को संबोधित किया। सभी एसपी से तीन बिंदुओं पर विशेष जोर देते हुए समस्याएं और सुझाव भी लिए गए। इनमें मोहर्रम और गणेश चतुर्थी पर्व को बिना किसी व्यवधान से निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बच्चा चोर की माहौल में तैर रही अफवाहों को लेकर सजगता बरतने के लिए कहा गया। बताया कि लोगों को गली मोहल्ले जाकर समझाया जाए कि बच्चा चोर गैंग नहीं है। उन्हें हिंसा करने से रोका जाए। एडीजी ने कहा कि भीड़ अगर हिंसा करती है उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजें ताकि दूसरों को सबक मिले। वीसी में डीआईजी रेंज राजेश कुमार पांडेय और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भी शामिल हुए।
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शुक्रवार सुबह सुभाषनगर के बेनीपुर चौधरी गांव में मंदिर पर बच्चों के पास बैठे मानसिक मंद युवक को लोगों ने बच्चा चोर के शक में पकड़ लिया। गनीमत रही कि उसकी पिटाई करने की बजाय वहां के संभ्रांत लोगों ने सौ नंबर पर सूचना दे दी। पुलिस उसे सुभाष नगर थाने ले आई। यहां पता लगा कि वह जौनपुर का निवासी है। मानसिक संतुलन ठीक न होने पर भटककर यहां आ गया है। जौनपुर पुलिस के जरिये परिवार को सूचना दी गई। बात साफ हुई कि युवक करीब 25 दिन पहले घर से कार लेकर निकला था। उसके पिता सरकारी सेवा में हैं और कुछ समय पहले उनका एक्सीडेंट हो गया है। परिवार से तस्दीक के बाद उसे जीआरपी स्टाफ के साथ टिकट दिलाकर जौनपुर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया।
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इज्जत नगर थाना क्षेत्र के संजय नगर बीडीए कॉलोनी में भी ऐसे ही एक युवक को भीड़ ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। लोगों ने युवक को पकड़कर यूपी 100 को कॉल कर दिया। पुलिस थाने लाई तो युवक ने अपना नाम सलीस हैदर बताया। वह हाफिजगंज के गांव हरहरपुर मटकली का निवासी है। सलीस के मुताबिक 15 दिन पहले उसके पड़ोसी की पत्नी दो बच्चों के साथ लापता हो गई थी। उसकी मदद के लिए वह भी महिला को खोज रहा था। बताया कि महिला के संजय नगर में होने की सूचना मिली थी, वह महिला और बच्चों के फोटो लेकर वहां पहुंचा लेकिन महिला उसे नहीं मिली। इस पर आसपास के लोगों ने उसके हाथ में बच्चों के फोटो देखकर उसे बच्चा चोर समझ लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सलीस की तस्दीक की जा रही है। अभी तक उस पर कोई आरोप साबित नहीं हो सका। सलीस ने बताया कि वह गांव का ताजियेदार है।
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दोहना में मानसिक मंद को बच्चा चोर समझ बैठे
भोजीपुरा। गांव दोहना पीतमराय में शुक्रवार सुबह एक मानसिक मंद युवक गांव की गलियों में घूम रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक वह घरों में ताकाझांकी कर रहा था। कुछ लोग उसकी पिटाई के मूड में थे पर बाद में पुलिस की अपील पर गौर कर भोजीपुरा थाने में सूचना दी। सूचना पर एसएचओ मनोज त्यागी फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के कब्जे से युवक को लेकर पुलिस थाने पहुंची। युवक से पूछताछ की लेकिन वह बिल्कुल बोल ही नहीं रहा। पुलिस ने उसे थाने में ही बैठा रखा है।
आंवला में बच्चा चोर बताकर विक्षिप्त को पीटा, पांच को जेल भेजा
आंवला। शुक्रवार सुबह बिहार के जिला वैशाली के थाना क्षेत्र महुआ के गांव अब्दलपुर का संजीव पासवान पुराना तिराहे पर विक्षिप्त हालात में घूम रहा था। यह देखकर कुछ लोगों ने उसको बच्चा चोर समझकर डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस ने बेहटा चौहान के भारत पहलवान बजरिया निवासी अजीम, कामिल, सहामीर और फूटा दरवाजा के आमिर को हिरासत में ले लिया। कोतवाल सुनील कुमार ने बताया कि विक्षिप्त व्यक्ति को मारने वाला अजीम घंटा चोरी करने में जेल जा चुका है। आमिर पर भी तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। भारत पहलवान इससे पूर्व लोगों को उकसाकर जाम लगवा चुका है। बताया कि दरोगा बृजपाल सिंह की ओर से मारपीट और बलवे की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है।
खेत में सोते मानसिक मंद को पीटने वाले चार को जेल
भोजीपुरा। गुरुवार को गांव पिपरिया के गन्ने के खेत में भुता निवासी मानसिक मंद वेदराम सो रहा था। उसके पास एक बड़ा थैला था। उसे सोते देख किसी ने गांव में बच्चा चोर होने की सूचना दे दी। सूचना पर गांव से करीब बीस लोगों की भीड़ थाने पहुंच गई। भीड़ ने उसे गन्ने के खेत से खींचकर लात घूंसों और डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। सूचना पर यूपी 100 और भोजीपुरा थाने से प्रभारी निरीक्षक मनोज त्यागी मय फोर्स के पहुंच गए। भीड़ पुलिस को देख भाग गई थी। दरोगा ललित वर्मा और उनकी टीम ने भीड़ में से चार लोगों को पकड़ लिया। बाकी भागने में कामयाब रहे। घायल वेदराम को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की ओर से पिपरिया निवासी बलवीर उर्फ कल्लू, राजेश कुमार, छोटे और बबलू समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। चारो आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
जिले भर में चला अभियान, बच्चा चोर कहीं नहीं
बरेली। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में जिले भर में बच्चा चोर को लेकर हो रही अफवाहें रोकने के लिए अभियान चलाया गया। सभी थानों के प्रभारी अपनी टीम के साथ अपने क्षेत्र में घूमे और लोगों से इन अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा। आह्वान किया कि इस तरह का कोई बच्चा चोर गैंग नहीं है। लोग मानसिक रूप से कमजोर लोगों को बच्चा चोर समझकर हमला कर रहे हैं। इस पर रोक लगनी चाङिए। लोगों से कहा कि उन्हें अपने आसपास इस तरह की गतिविधि दिखती है तो तत्काल थाना पुलिस या सौ नंबर को सूचना दें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में छाया बच्चा चोर का मुद्दा
शुक्रवार देर रात एडीजी अविनाश चंद्र ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी नौ जिलों के एसपी को संबोधित किया। सभी एसपी से तीन बिंदुओं पर विशेष जोर देते हुए समस्याएं और सुझाव भी लिए गए। इनमें मोहर्रम और गणेश चतुर्थी पर्व को बिना किसी व्यवधान से निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बच्चा चोर की माहौल में तैर रही अफवाहों को लेकर सजगता बरतने के लिए कहा गया। बताया कि लोगों को गली मोहल्ले जाकर समझाया जाए कि बच्चा चोर गैंग नहीं है। उन्हें हिंसा करने से रोका जाए। एडीजी ने कहा कि भीड़ अगर हिंसा करती है उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजें ताकि दूसरों को सबक मिले। वीसी में डीआईजी रेंज राजेश कुमार पांडेय और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भी शामिल हुए।