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प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
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बरेली। प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर दो महिलाओं ने भोले-भाले युवकों के साथ ठगी करके लाखों रुपये वसूल लिए। लोगों ने आवास के लिए संपर्क किया तो पता चला प्रधानमंत्री आवास की सूची में उनका नाम नहीं हैं। थाना इज्जतनगर में दो महिलाओं समेत छह लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
पीड़ित लोगों ने बताया कि दिसंबर 2018 में पीरबहोड़ा की मंजू देवी, उनके भाई रंजीत और भाभी लकी देवी उनके घर आए और प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। वह कम रुपयों में आवास दिलवा देंगे। यह सुनने के बाद जयदेवी 79 हजार, शीतल 40 हजार, दुलीराम 62 हजार, रामपाल साठ हजार और विमला देवी सवा लाख रुपये मंजू देवी को दे दिए। पीड़ितों ने बताया कि अचानक हजारों रुपये उनके पास नहीं थे, इसलिए अपने जेवरों को भी गिरवी रख दिया। आरोपियों ने कुछ लोगों को लोन दिलाने का भी वादा किया था। काफी समय बीतने के बाद आवास और रुपये नहीं मिले। तो आरोपियों से संपर्क किया, उन्होंने कहा कि थोडे़ दिनों में मिल जाएगा। आवास नहीं मिला तो उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। दबाव पड़ने पर मंजू और रंजीत एक प्लाट पर ले गए, जिसकी नींव खुद रही थी। छानबीन करने पर पता चला कि वह प्लाट किसी अन्य व्यक्ति का है। मंजू के साथ देवेंद्र सिंह और अकरम ने जो एग्रीमेंट किया था, वह फर्जी निकला। कुछ दिन पहले सभी लोग रुपये लेने के लिए मंजू के घर गए तो रंजीत ने फर्जी मुकदमा लिखवाने की धमकी और अभद्रता करते हुए भगा दिया। पीड़ितों ने थाना इज्जतनगर में मंजू, सूरज, रंजीत, लकी, अकरम, देवेंद्र सिंह के खिलाफ थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट कराई है।
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पीड़ित लोगों ने बताया कि दिसंबर 2018 में पीरबहोड़ा की मंजू देवी, उनके भाई रंजीत और भाभी लकी देवी उनके घर आए और प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया। वह कम रुपयों में आवास दिलवा देंगे। यह सुनने के बाद जयदेवी 79 हजार, शीतल 40 हजार, दुलीराम 62 हजार, रामपाल साठ हजार और विमला देवी सवा लाख रुपये मंजू देवी को दे दिए। पीड़ितों ने बताया कि अचानक हजारों रुपये उनके पास नहीं थे, इसलिए अपने जेवरों को भी गिरवी रख दिया। आरोपियों ने कुछ लोगों को लोन दिलाने का भी वादा किया था। काफी समय बीतने के बाद आवास और रुपये नहीं मिले। तो आरोपियों से संपर्क किया, उन्होंने कहा कि थोडे़ दिनों में मिल जाएगा। आवास नहीं मिला तो उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। दबाव पड़ने पर मंजू और रंजीत एक प्लाट पर ले गए, जिसकी नींव खुद रही थी। छानबीन करने पर पता चला कि वह प्लाट किसी अन्य व्यक्ति का है। मंजू के साथ देवेंद्र सिंह और अकरम ने जो एग्रीमेंट किया था, वह फर्जी निकला। कुछ दिन पहले सभी लोग रुपये लेने के लिए मंजू के घर गए तो रंजीत ने फर्जी मुकदमा लिखवाने की धमकी और अभद्रता करते हुए भगा दिया। पीड़ितों ने थाना इज्जतनगर में मंजू, सूरज, रंजीत, लकी, अकरम, देवेंद्र सिंह के खिलाफ थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट कराई है।
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