{"_id":"5d449c1d8ebc3e6cb713ce21","slug":"crime-bareilly-news-bly3709438167","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे की मौत पर घरवालों ने अस्पताल में किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चे की मौत पर घरवालों ने अस्पताल में किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पीलीभीत बाईपास के एक अस्पताल में एक हफ्ते से भर्ती बच्चे की बृहस्पतिवार सुबह मौत होने के बाद परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। अस्पताल स्टाफ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें शांत कराकर तहरीर देने को कहा, लेकिन डॉक्टरों से बातचीत के बाद तहरीर देने से इनकार कर वे शव लेकर लौट गए।
बिल्सी (बदायूं) में रहने वाले चंद्र प्रकाश ने 27 जुलाई को अपने 12 वर्षीय बेटे प्रवीन को अस्पताल में भर्ती कराया था। चंद्रप्रकाश के मुताबिक प्रवीन को कई दिनों से सिर में तेज दर्द था। बिल्सी में ही काफी दिनों तक इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं हुआ तो वह एक परिचित की सलाह पर उसे बरेली लेकर आए और यहां पीलीभीत बाईपास पर एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में दो दिन तो कुछ फायदा हुआ, मगर फिर उसकी हालत बिगड़ने लगी। बृहस्पतिवार सुबह प्रवीन की मौत के बाद परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्टाफ के समझाने पर भी नहीं माने को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने उन्हें शांत कर डॉक्टरों से बात की। अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक परिजनों को बच्चे की हालत के बारे में पहले ही बता दिया गया था।
विज्ञापन
बिल्सी (बदायूं) में रहने वाले चंद्र प्रकाश ने 27 जुलाई को अपने 12 वर्षीय बेटे प्रवीन को अस्पताल में भर्ती कराया था। चंद्रप्रकाश के मुताबिक प्रवीन को कई दिनों से सिर में तेज दर्द था। बिल्सी में ही काफी दिनों तक इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं हुआ तो वह एक परिचित की सलाह पर उसे बरेली लेकर आए और यहां पीलीभीत बाईपास पर एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में दो दिन तो कुछ फायदा हुआ, मगर फिर उसकी हालत बिगड़ने लगी। बृहस्पतिवार सुबह प्रवीन की मौत के बाद परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्टाफ के समझाने पर भी नहीं माने को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने उन्हें शांत कर डॉक्टरों से बात की। अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक परिजनों को बच्चे की हालत के बारे में पहले ही बता दिया गया था।
विज्ञापन