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लंबी छानबीन का चक्कर न भाये.. पुलिस ले-देकर मामला निपटाए

Tue, 23 Jul 2019 02:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2019 02:31 AM IST
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crime
बरेली। फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर पर गाड़ियां चलाए जाने के संगीन मामले पर पुलिस की ले-देकर मामला निपटाने की आदत ने पानी फेर दिया। चार दिन पहले एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो ऑटो चलाने का मामला सामने आने के बाद कुछ लोगों ने एक ऑटो चालक को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया था, लेकिन अशरफ खां चौकी पुलिस ने मामले की छानबीन करने के बजाय ऑटो चालक को ही छोड़ दिया। सोमवार को यह मामला जानकारी में आने के बाद एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
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डेढ़ साल पहले कर्मचारी नगर निवासी प्रवीन पाठक ने उसी कॉलोनी के प्रदीप से आटो यूपी 25 सीटी 6979 खरीदा था। यह आटो अब भी प्रदीप के नाम है। बृहस्पतिवार को मोबाइल पर पहुंचे मेसेज से प्रवीन को आटो का ई-चालान होने का पता चला जबकि उनके आटो का चालान ही नहीं हुआ था। प्रवीन ने अगले दिन नैनीताल रोड पर एक आटो पकड़ा जिस पर उनके आटो का नंबर पड़ा था। उन्होंने आटो चालक को पकड़कर अशरफ खां चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। बताया जाता है कि उसने रजिस्ट्रेशन के जो कागज दिखाए वह प्रवीन के आटो के थे। प्रवीन के मुताबिक वह अगले दिन अशरफ खां चौकी गए तो पुलिस ने पकड़े आटो का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेचिस व इंजन नंबर का पता लगने को कहकर उन्हें आरटीओ दफ्तर भेजा था। प्रवीन आरटीओ कार्यालय गए तो रजिस्ट्रेशन नंबर की डिटेल मिल गई जो उनके आटो की निकली। मगर इंजन नंबर और चेचिस नंबर का कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं था।
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इस बीच मामले की छानबीन करने के बजाय पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को ही छोड़ दिया। सोमवार को यह मामला एसएसपी मुनिराज जी. के पास पहुंच गया। एसएसपी ने मामले की छानबीन के लिए एसपी क्राइम को निर्देश दिया। एसपी क्राइम ने बताया कि प्रेमनगर इंस्पेक्टर को आटो के रजिस्ट्रेशन, चेचिस व इंजन नंबर की आरटीओ कार्यालय से जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दो आटो का एक रजिस्ट्रेशन नंबर एक चलना गंभीर मामला है।
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सामने आ सकता है जालसाजी का बड़ा खेल
इस मामले का खुलासा होने पर जालसाजी का बड़ा मामला सामने आ सकता है। कुछ दलाल साठगांठ करके गाड़ियों के फर्जी कागज बनवा देते हैं। फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर पर चलने वाली ज्यादातर गाड़ियां चोरी की होती हैं। आरोपियों के कपड़े जाने पर जालसाजी और आटो चोरी करने वाले बड़े गैंगों खुलासा हो सकता है।
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