बरेली: दरोगा ने बंद कमरे में दिए 20 हजार रुपये और लूट की जगह लिख दी मारपीट की तहरीर
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बरेली जिले के फरीदपुर में नागा साधु वेशधारियों पर लग रहे किसानों से लूट के आरोप में अब अजीबोगरीब कहानी सामने आ रही है। किसानों के मुताबिक लूट की जगह मारपीट की तहरीर लेकर पुलिस ने उनके साथ खेल कर दिया है।
किसानों की मानें तो एक दरोगा ने उन्हें बीस हजार रुपये देकर भरोसा दिलाया कि बाकी रकम लुटेरों को पकड़े जाने के बाद मिल जाएगी। ताज्जुब की बात ये है कि इसमें एक नोट लूटी गई रकम का ही है।
फतेहगंज पूर्वी के सिमरा हरचंद निवासी आशू, पातीराम और सर्वेश धान लेकर नरियावल बाजार में बेचने गए थे। शनिवार दोपहर तीनों उसी ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे।
आरोप है कि फरीदपुर क्षेत्र में सफेद मारुति कार से नागा साधु बनकर आए लुटेरों ने ओवरटेक कर तमंचे तान दिए। तीनों से 51 हजार रुपये लूट लिए और कार लेकर फरार हो गए। पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन लुटेरों का सुराग नहीं लग सका। किसानों पर शक होने पर पुलिस ने आढ़ती से भी तस्दीक कर ली कि 51 हजार का धान खरीदा था।
20 हजार रुपए देकर बदल दी तहरीर
रविवार को सीओ दफ्तर आए पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनको थाने के एक कमरे में ले गई। वहां एक दरोगा ने कहा कि कुछ रुपये हम अभी दे देंगे और बाकी रुपया लुटेरों को पकड़ेंगे तो वापस करेंगे।
उन्होंने लूट की बजाय मारपीट की तहरीर ली और 20 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद किसानों को धमकाकर थाने से भेज दिया। गांव पहुंचकर परिवार को बताया तो लोगों ने आपत्ति जाहिर की। कहा, जिन्होंने लूट की है उन्हें उसी धारा में सजा मिलनी चाहिए। आशू का कहना था कि दो हजार रुपये के एक नोट को लेकर आढ़ती से उसकी तकरार हुई थी।
तब आढ़ती ने कहा था कि नोट न चले तो वापस कर जाना। यह नोट भी लूटी गई रकम में था और अब दरोगा ने जो रकम लौटाई है, उसमें भी यह नोट है। वह समझ नहीं पा रहे कि लूटी गई रकम पुलिस तक कैसे पहुंच गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
वीडियो वायरल होने पर सीओ बोले- रिपोर्ट कराने नहीं आया कोई
सीओ ऑफिस के सामने खड़े होकर किसानों ने लूटी गई रकम में से 20 हजार देने और दो हजार के कथित नोट को लेकर जो बयान दिए उसका मीडिया कर्मियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वहीं सीओ नागेंद्र यादव का कहना था कि उन्होंने तो कॉल करके पीड़ितों को लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बुलाया पर कोई नहीं आया। लोग आएंगे तो रिपोर्ट करा देंगे।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इस मामले में कहा कि किसानों को रुपये वापस करने और दो हजार के नोट की बात किसी तरह गले नहीं उतर रही। अगर पुलिस लुटेरों को पकड़ ही लेती तो खुद ही गुडवर्क लेकर दमदारी से खुलासा करती। किसान ऐसा क्यों कह रहे हैं, पता नहीं। हालांकि पुलिस तेजी से काम कर रही है और जल्द ही सही खुलासा कर दिया जाएगा।