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समझे न! फिजिकल एजुकेशन का मतलब घास छीलो

Thu, 24 Oct 2019 02:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2019 02:09 AM IST
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education
बरेली। एक तरफ तो बेहतर शिक्षा और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की बात की जाती है और दूसरी तरफ उनके भविष्य से खिलवाड़ करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। गुलाब राय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के छात्रों से शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर मजदूरों का काम करा लिया गया। परीक्षकों की तीन सदस्यीय कमेटी ने उन्हें महीनों से गंदे पड़े मैदान की घास छीलने और गड्ढे भरने के काम पर लगा दिया। खुलासा तब हुआ जब किसी ने उसका फोटो खींचकर वायरल कर दिया।
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नैनीताल रोड स्थित सरकारी सहायता प्राप्त गुलाब राय इंटर कॉलेज में इंटर के सेक्शन सी के करीब 45 छात्रों को शारीरिक शिक्षा के प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया था। इसके लिए स्कूल के ही शिक्षकों का एक तीन सदस्यीय पैनल भी बनाया गया था। लेकिन प्रैक्टिकल के नाम पर छात्रों से वहां जो कराया गया वो उन्होंने खुद भी नहीं सोचा था। बच्चों को इकट्ठा कर उनके सामने फावड़े लाकर रख दिए गए। फिर उन्हें मैदान की घास काटने और गड्ढे पाटने का फरमान सुनाया गया। दोपहर तक छात्र मैदान की घास छीलते रहे और वहां के गड्ढे भी पाटे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का काम करने पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई तो उन्हें फटकार भी पड़ी। एक छात्र ने बताया कि उन्हें मंगलवार को ही प्रैक्टिकल के लिए एक पुरानी टी शर्ट और नेकर लाने को कहा गया था।
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‘बारिश में खराब होने के बाद जुतवाए गए मैदान में लगी घास सूख गई थी। बच्चों से बस वही सूखी हुई घास इकट्ठी कराई गई थी। इससे ज्यादा कुछ नहीं। पिछले करीब दस साल से स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के पद भी खाली पड़े हैं।’
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- ओमवीर सिंह, उपप्रधानाचार्य
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