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दबंगों ने छेड़ा, महिलाओं ने ताने दिए तो किशोरी फंदे पर लटकी
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हाफिजगंज (बरेली)। एक दबंग ने अपने परिवार की महिलाओं के साथ अनुसूचित वर्ग के घर में घुसकर दो किशोरियों से छेड़खानी की। महिलाओं ने उन पर तंज कसे। इससे खुद को अपमानित महसूस कर एक किशोरी ने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त किशोरियों के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। पीड़ित परिवार ने दबंग के खिलाफ तहरीर दी तो इंस्पेक्टर ने इसे खारिज कर दिया। अफसरों तक शिकायत पहुंची तो देर रात नवाबगंज सीओ ने मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिखी जाएगी। एससी एक्ट भी लगेगा।
थाना हाफिजगंज के एक गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के किसान ने गुरुवार शाम थाने में दी तहरीर में बताया कि वह खेत में धान काटने गए थे। उनकी पत्नी नवाबगंज में दवा लेने गईं थीं। घर में उनकी 15 और 17 साल की दो बेटियां ही थीं। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते करीब तीन बजे गांव का एक दबंग अपने बेटों और परिवार की महिलाओं के साथ उनके घर में घुस गया और बेटियों से उसके और पत्नी के बारे में पूछा। बेटियों के यह कहने पर कि माता-पिता घर पर नहीं हैं, उनके आने पर बात कर लें, दबंग ने बेटियों से छेड़छाड़ की। कहा, इन्हें नंगा कर गांव में घुमाएंगे। उसके परिवार की महिलाओं ने भी किशोरियों पर आपत्तिजनक तंज कसे। किशोरियों के चीखपुकार मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठे हुए तो आरोपी धमकी देकर भाग गए। आरोप है कि इस घटना से 15 वर्षीय बेटी इस कदर आहत हुई कि उसने कमरे में कुंडे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कक्षा आठ की छात्रा थी। बड़ी बेटी ने यह देखा तो पिता को सूचना दी। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई और शव फंदे से उतरा।
इंस्पेक्टर ने तहरीर को दरकिनार कर एक सूचना लिखवाई जिसमें शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई। इसके बाद शव बरेली भेज दिया गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। घटना को लेकर इंस्पेक्टर का रुख सकारात्मक नहीं लगा तो पीड़ितों ने अधिकारियों के नंबरों पर कॉल करनी शुरू कर दी। इसके बाद सीओ नवाबगंज को मौके पर भेजा गया। उन्होंने देर रात दोनों पक्षों से बात की।
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पांच साल से है विवाद
पीड़ित परिवार अनुसूचित वर्ग का तो पड़ोसी पिछड़ी जाति का है। करीब पांच साल पहले दीवार लगाने को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद अक्सर दोनों पक्षों में मारपीट और गालीगलौज होती रहती है। दोनों पक्ष कई बार एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा चुके हैं। दोनों ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं। इस घटना को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मैंने मौके पर जाकर जांच की। पता लगा कि दबंगों के घर में घुसने और छेड़छाड़ की बात में ज्यादा दम नहीं है। महिलाओं के ताने देने की बात सही है, इसी वजह से किशोरी के आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। वैसे तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखने के बाद विवेचना में सारे तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। - योगेंद्र सिंह, सीओ नवाबगंज
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थाना हाफिजगंज के एक गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के किसान ने गुरुवार शाम थाने में दी तहरीर में बताया कि वह खेत में धान काटने गए थे। उनकी पत्नी नवाबगंज में दवा लेने गईं थीं। घर में उनकी 15 और 17 साल की दो बेटियां ही थीं। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते करीब तीन बजे गांव का एक दबंग अपने बेटों और परिवार की महिलाओं के साथ उनके घर में घुस गया और बेटियों से उसके और पत्नी के बारे में पूछा। बेटियों के यह कहने पर कि माता-पिता घर पर नहीं हैं, उनके आने पर बात कर लें, दबंग ने बेटियों से छेड़छाड़ की। कहा, इन्हें नंगा कर गांव में घुमाएंगे। उसके परिवार की महिलाओं ने भी किशोरियों पर आपत्तिजनक तंज कसे। किशोरियों के चीखपुकार मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठे हुए तो आरोपी धमकी देकर भाग गए। आरोप है कि इस घटना से 15 वर्षीय बेटी इस कदर आहत हुई कि उसने कमरे में कुंडे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कक्षा आठ की छात्रा थी। बड़ी बेटी ने यह देखा तो पिता को सूचना दी। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई और शव फंदे से उतरा।
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इंस्पेक्टर ने तहरीर को दरकिनार कर एक सूचना लिखवाई जिसमें शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई। इसके बाद शव बरेली भेज दिया गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। घटना को लेकर इंस्पेक्टर का रुख सकारात्मक नहीं लगा तो पीड़ितों ने अधिकारियों के नंबरों पर कॉल करनी शुरू कर दी। इसके बाद सीओ नवाबगंज को मौके पर भेजा गया। उन्होंने देर रात दोनों पक्षों से बात की।
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पांच साल से है विवाद
पीड़ित परिवार अनुसूचित वर्ग का तो पड़ोसी पिछड़ी जाति का है। करीब पांच साल पहले दीवार लगाने को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद अक्सर दोनों पक्षों में मारपीट और गालीगलौज होती रहती है। दोनों पक्ष कई बार एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा चुके हैं। दोनों ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं। इस घटना को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मैंने मौके पर जाकर जांच की। पता लगा कि दबंगों के घर में घुसने और छेड़छाड़ की बात में ज्यादा दम नहीं है। महिलाओं के ताने देने की बात सही है, इसी वजह से किशोरी के आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। वैसे तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखने के बाद विवेचना में सारे तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे। - योगेंद्र सिंह, सीओ नवाबगंज