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सरकार! गरीबों के साथ ‘क्रेडाई’ का भी रखेें ख्याल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 11 Apr 2018 06:44 PM IST
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Credai meet
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क्रेडाई पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी से मुलाकात कर उनको 2022 तक सबको आवास उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने के संबंध में सुझाव दिए। निमभन और मध्यम वर्ग को आसानी से घर देने के लिए क्रेडाई की ओर से नियमों में परिवर्तन की मांग की।
क्रेडाई पदाधिकारियों ने कहा कि पीएम आवास योजना में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम में मध्यमवर्ग- एक के तहत छह से 12 लाख की वार्षिक आय वाले परिवार और मध्य वर्ग -2 में 12 से 18 लाख की वार्षिक आय वर्ग के परिवारों को शामिल किया गया है, लेकिन उनके लिए मकान का एरिया 120 वर्ग मीटर और 150 वर्ग मीटर रखा गया है। क्रेडाई ने कहा कि जिस तरह आर्थिक रूप से पिछड़े और अल्प आर्य वर्ग के लोगों के लिए कारपेट एरिया की सीमा तय नहीं है, उसी तरह मध्य आर्य के भवनों के कारपेट एरिया की सीमा भी तय न हो। इस योजना का लाभ वही ले सकते हैं, जिनका देश भर में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं है, जबकि इसमें स्लम में बने पक्के घर भी आते हैं। अगर यह स्कीम लागू होती है तो स्लैम में पक्के घरों में रहने वाले इस योजना से बाहर हो जाएंगे। क्रेडाई ने इस प्रावधान को समाप्त करने की मांग की।
रेरा के सेक्शन 16 (1) में प्रमोटर को भूमि का बीमा कराना जरूरी बताया गया जबकि मार्केट में जमीन का बीमा करने वाली कोई कंपनी नहीं है, इसलिए ऐसे संस्था बनने तक यह प्रावधान स्थगित करने की मांग की। अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने के लिए सरकार की प्रशंसा करते हुए क्रेडाई ने सरकार से हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए बैंकों को लोन देने का आग्रह किया। क्रेडाई के ज्वाइंट सेक्रेटरी रमनदीप सिंह ने आवास मंत्री को बरेली में भवन निर्माण के लिए डेवलपर्स के समक्ष उपस्थित समस्याओं से अवगत कराया और कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग के परिवारों को भवन खरीदने के लिए अधिक सुविधाएं मिलें क्योंकि इस वर्ग को सबसे ज्यादा मकान की जरूरत है। प्रतिनिधि मंडल में क्रेडाई चेयरमैन गीतांबर आनंद, अध्यक्ष जक्षय शाह, बोमन इरानी, दीपक गिरोडिया, कोषाध्यक्ष अतुल राय आदि शामिल थे।
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क्रेडाई पदाधिकारियों ने कहा कि पीएम आवास योजना में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम में मध्यमवर्ग- एक के तहत छह से 12 लाख की वार्षिक आय वाले परिवार और मध्य वर्ग -2 में 12 से 18 लाख की वार्षिक आय वर्ग के परिवारों को शामिल किया गया है, लेकिन उनके लिए मकान का एरिया 120 वर्ग मीटर और 150 वर्ग मीटर रखा गया है। क्रेडाई ने कहा कि जिस तरह आर्थिक रूप से पिछड़े और अल्प आर्य वर्ग के लोगों के लिए कारपेट एरिया की सीमा तय नहीं है, उसी तरह मध्य आर्य के भवनों के कारपेट एरिया की सीमा भी तय न हो। इस योजना का लाभ वही ले सकते हैं, जिनका देश भर में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं है, जबकि इसमें स्लम में बने पक्के घर भी आते हैं। अगर यह स्कीम लागू होती है तो स्लैम में पक्के घरों में रहने वाले इस योजना से बाहर हो जाएंगे। क्रेडाई ने इस प्रावधान को समाप्त करने की मांग की।
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रेरा के सेक्शन 16 (1) में प्रमोटर को भूमि का बीमा कराना जरूरी बताया गया जबकि मार्केट में जमीन का बीमा करने वाली कोई कंपनी नहीं है, इसलिए ऐसे संस्था बनने तक यह प्रावधान स्थगित करने की मांग की। अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने के लिए सरकार की प्रशंसा करते हुए क्रेडाई ने सरकार से हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए बैंकों को लोन देने का आग्रह किया। क्रेडाई के ज्वाइंट सेक्रेटरी रमनदीप सिंह ने आवास मंत्री को बरेली में भवन निर्माण के लिए डेवलपर्स के समक्ष उपस्थित समस्याओं से अवगत कराया और कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग के परिवारों को भवन खरीदने के लिए अधिक सुविधाएं मिलें क्योंकि इस वर्ग को सबसे ज्यादा मकान की जरूरत है। प्रतिनिधि मंडल में क्रेडाई चेयरमैन गीतांबर आनंद, अध्यक्ष जक्षय शाह, बोमन इरानी, दीपक गिरोडिया, कोषाध्यक्ष अतुल राय आदि शामिल थे।
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