Bareilly News: पुलिस ने 10 माह बाद भेजी अंतिम रिपोर्ट, अदालत ने इंस्पेक्टर-सीओ को किया तलब
बरेली में पुलिस की लेटलतीफी का मामला सामने आया है। सुभाषनगर थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज होने के 10 माह बाद अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेजी है। इस पर कोर्ट ने इंस्पेक्टर और सीओ को तलब किया है।
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बरेली में एफआईआर दर्ज होने के 10 माह बाद अंतिम रिपोर्ट भेजने पर एसीजेएम रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सीओ राजकुमार मिश्र व इंस्पेक्टर सुभाषनगर को तलब किया है। सुभाषनगर थाने में अंकिता भार्गव की ओर से 15 नवंबर 2022 को हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इस मामले में थाना प्रभारी ने 10 माह बाद तीन सितंबर 2023 को अंतिम रिपोर्ट अग्रसारित करके कोर्ट में भेजी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि उप्र पुलिस रेगुलेशन एक्ट के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद सम्मन व वारंट मामलों में चार सप्ताह और सेशन मामलों में आठ सप्ताह बाद अंतिम रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए।
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कोर्ट ने थाना प्रभारी मदन मोहन चतुर्वेदी व सीओ राजकुमार मिश्र को एक नवंबर को कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सीओ का दायित्व है कि वह विवेचना की उचित तरीके से निगरानी करें, न कि थाने को कानून के खिलाफ काम करने की आजादी दें।
'राजा की तरह काम कर रही पुलिस'
कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि मुलजिम को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। विवेचना में जानबूझ कर देरी की गई है।
पुलिस रेगुलेशन एक्ट में अंतिम रिपोर्ट के बारे में प्रावधान रखने की मंशा यह है कि विवेचना जल्द पूरी हो और दोषी व्यक्ति को दंड मिले। मामले को लंबा लटकाकर अभियुक्त अनुचित लाभ न हासिल कर पाए। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में कानून के खिलाफ जाकर मनमाने तरीके से राजा की तरह व्यवहार किया है।