{"_id":"5dd05e858ebc3e548a692871","slug":"court-bareilly-news-bly3843423164","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को महीने भर में ही उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को महीने भर में ही उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। सीबीगंज इलाके में दो साल की बच्ची को अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले को शनिवार को पॉक्सो कोर्ट में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। घटना 14 अक्तूबर को हुई थी, जिसमें अदालत ने महीने भर के अंदर फैसला सुना दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुनील कुमार यादव के कोर्ट में चले इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान सिर्फ 14 तारीखें पड़ीं।
हिला देने वाली यह घटना 14 अक्तूबर को हुई थी। पिता ने रिपोर्ट लिखाई थी कि शाम साढ़े छह बजे उनकी दो साल की बेटी घर के सामने दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह करीब 50 मीटर आगे एक दुकान के पास पहुंच गई। काफी देर तक वहां से लौटी नहीं तो उनका बेटा उसे ढूंढता हुआ दुकान तक पहुंचा। वहां बच्चों ने बताया कि पड़ोस का ही यादराम बच्ची को अपने घर की तरफ ले गया है। उनका बेटा यादराम के घर की तरफ गया तो उसकी छत से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। छत पर जाकर देखा तो यादराम बच्ची को बिठाए हुए था। बच्ची लहूलुहान थी। शोर मचाने पर मोहल्लेे के लोग जुटे तो यादराम भाग गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत और राजपाल यादव ने 11 गवाह पेश किए। अदालत ने यादराम को बच्ची से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसे पीड़िता के पुनर्वास और इलाज के लिए बतौर क्षतिपूर्ति उसके परिवार को देने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
सीबीगंज पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करके और सिर्फ छह दिन में चार्जशीट लगाकर प्रदेश भर में रिकार्ड बनाया है। न्यायालय ने भी आरोपी के खिलाफ त्वरित फैसला करके यही सख्ती का संदेश दिया है - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
विज्ञापन
हिला देने वाली यह घटना 14 अक्तूबर को हुई थी। पिता ने रिपोर्ट लिखाई थी कि शाम साढ़े छह बजे उनकी दो साल की बेटी घर के सामने दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह करीब 50 मीटर आगे एक दुकान के पास पहुंच गई। काफी देर तक वहां से लौटी नहीं तो उनका बेटा उसे ढूंढता हुआ दुकान तक पहुंचा। वहां बच्चों ने बताया कि पड़ोस का ही यादराम बच्ची को अपने घर की तरफ ले गया है। उनका बेटा यादराम के घर की तरफ गया तो उसकी छत से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। छत पर जाकर देखा तो यादराम बच्ची को बिठाए हुए था। बच्ची लहूलुहान थी। शोर मचाने पर मोहल्लेे के लोग जुटे तो यादराम भाग गया।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत और राजपाल यादव ने 11 गवाह पेश किए। अदालत ने यादराम को बच्ची से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसे पीड़िता के पुनर्वास और इलाज के लिए बतौर क्षतिपूर्ति उसके परिवार को देने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
सीबीगंज पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करके और सिर्फ छह दिन में चार्जशीट लगाकर प्रदेश भर में रिकार्ड बनाया है। न्यायालय ने भी आरोपी के खिलाफ त्वरित फैसला करके यही सख्ती का संदेश दिया है - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी