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Bareilly News: पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के आरोपी पिता-पुत्र दोषमुक्त, पांच साल पुराने मामले में आया फैसला

Sun, 09 Nov 2025 03:01 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 09 Nov 2025 03:01 PM IST
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court acquitted the father-son duo accused of murderous assault on a police team in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला व फायरिंग करने के आरोपी क्योलड़िया थाना क्षेत्र के गांव आनंदापुर लेखराज निवासी नरेश चंद्र व ओमकार उर्फ सोनू (पिता-पुत्र) को दोषमुक्त करार दिया है। अभियोजन ने आरोपियों से देसी बंदूक, तमंचा और कारतूसों की बरामदगी तो दिखाई, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी।

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अभियोजन पक्ष पुलिस टीम की रवानगी से संबंधित रोजनामचा भी पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने बरामदगी और मौके पर पुलिस टीम की मौजूदगी को संदिग्ध मानते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। 
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क्लोलड़िया थाने के सब इंस्पेक्टर अली मियां जैदी ने नरेश चंद्र और ओमकार उर्फ सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 13 अप्रैल 2020 को वह एसआई प्रवीन सिंह, कांस्टेबल रनवीर सिंह, ललित कुमार, नितिन शर्मा के साथ गश्त पर थे। सूचना मिली की आनंदापुर लेखराज निवासी नरेश चंद्र और सोनू गांव में अवैध शराब बेच रहे हैं। 

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पुलिस ने दिखाई थी ये बरामदगी 
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। फायर मिस होने से वह बाल-बाल बचे। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। आरोपियों से एक देसी बंदूक, एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और देसी शराब के 100 पव्वे मिले। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन ने आठ गवाह और और साक्ष्य पेश किए, लेकिन आरोप साबित करने में नाकाम रहा। 

कोर्ट ने कहा कि आधुनिक हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों की संख्या पांच थी और आरोपी दो थे। पुलिस को देखकर अभियुक्त भागे नहीं। पुलिस ने कोई जवाबी कार्रवाई भी नहीं की। मुठभेड़ में कोई घायल भी नहीं हुआ। फॉरेंसिक रिपोर्ट न होने के कारण तमंचा-बंदूक की बरामदगी भी संदिग्ध प्रतीत होती है। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया जाता है। 

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