{"_id":"6581745c9152d1e24a021ae5","slug":"couple-got-married-again-under-mukhyamantri-samuhik-vivah-yojana-in-bareilly-2023-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा, शादीशुदा जोड़े का करा दिया निकाह, फोटो से खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा, शादीशुदा जोड़े का करा दिया निकाह, फोटो से खुली पोल
Tue, 19 Dec 2023 04:18 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 19 Dec 2023 04:18 PM IST
सार
बरेली क्लब मैदान में 15 दिसंबर को योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन हुआ था। इसमें लक्ष्य पूरा करने के लिए दंपती को दूल्हा-दुल्हन बनाकर निकाह करा दिया गया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के भोजीपुरा इलाके में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अनुदान के लालच में शादीशुदा जोड़े ने दोबारा निकाह कर लिया। दोनों की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। नगर पंचायत धौराटांडा के पूर्व सभासद मोहम्मद ताहिर ने अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
विज्ञापन
दर्ज कराई शिकायत में मोहम्मद ताहिर ने बताया कि नगर पंचायत धौराटांडा को योजना के तहत 20 शादियां कराने का लक्ष्य मिला था। 15 दिसंबर को बरेली क्लब मैदान में हुए समारोह में लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों ने वार्ड पांच निवासी दंपती को दूल्हा-दुल्हन बनाकर निकाह करा दिया। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने फोटो खींचे थे। उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- शौहर की बरात में बेगम का हंगामा: दिल्ली से दूल्हा बनकर आया युवक, महिला बोली- ये मेरा पति है, दुल्हन हैरान
विज्ञापन
मोहल्ले वालों ने दंपती को जब फिर से शादी करते देखा तो आसपास के लोगों को बताया। कुछ ही देर में यह फोटो वायरल होने लगा। जानकारी होने पर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई। मोहम्मद ताहिर ने बताया कि इसमें नगर पंचायत के अधिकारियों की मिलीभगत है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिन जोड़ों की शादी हुई है, उनकी जांच कराई जाए। अनुदान हड़पने के लिए अधिकारियों ने कई ऐसे लोगों को भी मंडप में खड़ा कर दिया जो पहले से शादीशुदा हैं।