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जेलों में भी कोरोना की दहशत.. बंदियों के ट्रांसफर पर रोक
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राखी बांधती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल जेल छोड़कर बरेली मंडल की सभी जेलों में कोरोना के मरीज, अफसर-स्टाफ भी चपेट में
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शाहजहांपुर जेल में 35 बंदियों के संक्रमण की रिपोर्ट ने चौंकाया, बदायूं में 54 पहुंची संख्या
बरेली। बरेली मंडल की जेलों में भी कोरोना की दहशत है। बरेली जिला जेल में डिप्टी जेलर और दस बंदियों के संक्रमित मिलने के बाद उन्हें आइसोलेट किया गया है। मंडल की बाकी जेलों का हाल भी इससे जुदा नहीं है। बदायूं में स्थिति ज्यादा भयावह है। इसलिए प्रशासनिक आधार पर होने वाले कैदियों के सामान्य ट्रांसफर भी रोक दिए गए हैं।
बदायूं जिला जेल में बंदियों और स्टाफ समेत 54 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बरेली जिला जेल में पहले ही संक्रमण की पुष्टि के बाद दस कैदी तन्हाई बैरक में रखे गए हैं। शाहजहांपुर में एक बंदी की कोरोना से मौत के बाद दो और बंदी संक्रमित मिले थे। सोमवार को 35 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पीलीभीत जिला जेल में तीन बंदी पॉजिटिव मिलने के साथ ही जेल का एक कोरोना पॉजिटिव बंदी अस्पताल से भाग गया है। डीआईजी जेल और संबंधित अधीक्षकों ने जेल में सभी प्रकार की सामूहिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। सेंट्रल जेल में प्रशासनिक आधार पर हर महीने कई बंदी जिला जेलों से ट्रांसफर होते रहते थे। कोरोना की वजह से इन बंदियों का ट्रांसफर भी रोका गया है। कोई बंदी बेहद मजबूरी में इधर से उधर किया भी जा रहा है तो उसे 14 दिन जेल में बनाई अस्थाई जेल की आइसोलेशन बैरक में रखा जा रहा है।
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संक्रमित और संदिग्ध बंदियों का खानपान बदला
जिला जेल में सर्किल तीन को अस्थाई जेल बनाया गया है। नए कैदी को वहां 14 दिन रखने के बाद ही दूसरे बंदियों के साथ सामान्य बैरक में रखा जा रहा है। नए बंदी के कपड़े आते ही गर्म पानी में धुलवाए जाते हैं। उन्हें नहाने से लेकर पीने तक को गर्म पानी दिया जा रहा है। तन्हाई बैरक के संक्रमित बंदियों को संतुलित भोजन के साथ ही काढ़ा, मौसमी जूस, हल्दी का दूध, और एक नींबू रोज दिया जा रहा है। अदालत आने जाने वाले बंदी भी 14 दिन अलग रखे जा रहे हैं। बाहर जाने के लिए स्टाफ के साथ ही बंदियों को भी पीपीई किट और फेस शील्ड दी जा रही है।
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‘प्रदेश भर की जेलों में कोरोना के केस मिले हैं पर राहत की बात यह है कि यह सभी एसिम्टोमैटिक हैं। आइसोलेशन और उचित देखभाल से ही बंदी सही हो जा रहे हैं। जेलों में फिलहाल बंदियों के ट्रांसफर भी रोक दिए हैं। किसी जगह ओवरलोड की स्थिति में ही बंदी दूसरी जेल में पूरी एहतियात के साथ शिफ्ट किए जा रहे हैं।’ - वीपी त्रिपाठी, डीआईजी जेल
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शाहजहांपुर जेल में 35 बंदियों के संक्रमण की रिपोर्ट ने चौंकाया, बदायूं में 54 पहुंची संख्या बरेली। बरेली मंडल की जेलों में भी कोरोना की दहशत है। बरेली जिला जेल में डिप्टी जेलर और दस बंदियों के संक्रमित मिलने के बाद उन्हें आइसोलेट किया गया है। मंडल की बाकी जेलों का हाल भी इससे जुदा नहीं है। बदायूं में स्थिति ज्यादा भयावह है। इसलिए प्रशासनिक आधार पर होने वाले कैदियों के सामान्य ट्रांसफर भी रोक दिए गए हैं।
बदायूं जिला जेल में बंदियों और स्टाफ समेत 54 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बरेली जिला जेल में पहले ही संक्रमण की पुष्टि के बाद दस कैदी तन्हाई बैरक में रखे गए हैं। शाहजहांपुर में एक बंदी की कोरोना से मौत के बाद दो और बंदी संक्रमित मिले थे। सोमवार को 35 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पीलीभीत जिला जेल में तीन बंदी पॉजिटिव मिलने के साथ ही जेल का एक कोरोना पॉजिटिव बंदी अस्पताल से भाग गया है। डीआईजी जेल और संबंधित अधीक्षकों ने जेल में सभी प्रकार की सामूहिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। सेंट्रल जेल में प्रशासनिक आधार पर हर महीने कई बंदी जिला जेलों से ट्रांसफर होते रहते थे। कोरोना की वजह से इन बंदियों का ट्रांसफर भी रोका गया है। कोई बंदी बेहद मजबूरी में इधर से उधर किया भी जा रहा है तो उसे 14 दिन जेल में बनाई अस्थाई जेल की आइसोलेशन बैरक में रखा जा रहा है।
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संक्रमित और संदिग्ध बंदियों का खानपान बदला
जिला जेल में सर्किल तीन को अस्थाई जेल बनाया गया है। नए कैदी को वहां 14 दिन रखने के बाद ही दूसरे बंदियों के साथ सामान्य बैरक में रखा जा रहा है। नए बंदी के कपड़े आते ही गर्म पानी में धुलवाए जाते हैं। उन्हें नहाने से लेकर पीने तक को गर्म पानी दिया जा रहा है। तन्हाई बैरक के संक्रमित बंदियों को संतुलित भोजन के साथ ही काढ़ा, मौसमी जूस, हल्दी का दूध, और एक नींबू रोज दिया जा रहा है। अदालत आने जाने वाले बंदी भी 14 दिन अलग रखे जा रहे हैं। बाहर जाने के लिए स्टाफ के साथ ही बंदियों को भी पीपीई किट और फेस शील्ड दी जा रही है।
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‘प्रदेश भर की जेलों में कोरोना के केस मिले हैं पर राहत की बात यह है कि यह सभी एसिम्टोमैटिक हैं। आइसोलेशन और उचित देखभाल से ही बंदी सही हो जा रहे हैं। जेलों में फिलहाल बंदियों के ट्रांसफर भी रोक दिए हैं। किसी जगह ओवरलोड की स्थिति में ही बंदी दूसरी जेल में पूरी एहतियात के साथ शिफ्ट किए जा रहे हैं।’ - वीपी त्रिपाठी, डीआईजी जेल