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कोरोना का खौफ: विदेश में हनीमून की चाहत पर ग्रहण, नहीं हुई बुकिंग
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- फोटो : सोशल मीडिया
घरेलू पर्यटन के लिए भी अबकी बार तैयार नहीं नवविवाहित
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सिर्फ दूरदराज की शादियों में जाने के लिए बुकिंग करा रहे परिजन
हर वर्ष करीब डेढ़ हजार नवदंपती करते रहे हैं विदेश यात्रा
बरेली। करीब दो माह पहले कोरोना संक्रमितों की घट रही तादाद से देश विदेश में हनीमून मनाने की उम्मीद संजोए नवदंपतियों की आस फिर टूट गई है। कोरोना के चलते अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हैं तो दूसरी ओर, दक्षिण भारत, राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में भी संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है। इस वजह से घरेलू पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित है। वहीं, सहालग में मांगलिक आयोजनों के लिए मिली छूट के चलते ट्रेवल एजेंसियों को भी आर्थिक तंगी से उबरने की आखिरी उम्मीद भी धराशायी हो गई है। ट्रेवल एजेंसी संचालक फिलहाल सहालग में बरातियों की बुकिंग लेकर खर्च निकाल रहे हैं।
ट्रेवल एजेंसी संचालकों के मुताबिक, पिछले वर्ष अक्तूबर से दिसंबर और फिर जनवरी से मार्च तक के लिए बरेली समेत आसपास के जिलों में करीब 14 हजार बुकिंग हुई थीं। इसमें चार हजार बुकिंग विदेश जाने वालों की थीं जिसमें से डेढ़ हजार बुकिंग नवदंपतियों ने हनीमून मनाने के लिए कराई थी। मगर, बीते साल नवंबर में चीन में कोरोना महामारी फैलने के बाद इटली, अमेरिका, थाईलैंड, खाड़ी देश, ऑस्ट्रेलिया में भी महामारी पहुंची और संक्र्रमित मिलने लगे। इसके बाद हवाई यात्रा पर बैन लगा दिया गया। साथ ही, भारत में विदेश से आने वालों की जांच और क्वारंटीन का दौर शुरू हो गया। दुनिया के लगभग सभी देशों से मिल रही संक्रमण की सूचनाओं के चलते 80 फीसदी बुकिंग निरस्त हो गई। इससे ट्रेवल एजेंसी संचालकों को तगड़ा झटका लगा। यही नहीं, विदेशों में बुकिंग का पैसा भी वापस नहीं मिला। जिसके चलते बुकिंग कराने वालों ने एजेंसियों से पैसा मांगने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। कई संचालक अब कर्जदार भी हो गए हैं। जो भविष्य में यात्रा शुरू होने पर उसकी भरपाई का दावा किया है। वहीं, इस सहालग में आर्थिक तंगी दूर होने की आस संचालकों को थी मगर, भारत समेत कई देशों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने के कारण एक भी हनीमून ट्रिप का पैकेज बुक नहीं हुआ है।
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वैक्सीन आने का है इंतजार, मंदा रहेगा धंधा
डेलापीर स्थित ट्रेवल एजेंसी संचालक संजीव सक्सेना के मुताबिक कोरोना के चलते कारोबार धड़ाम हो गया है। अबकी बार एक भी हनीमून ट्रिप की बुकिंग नहीं हुई है। शादियों में बरेली से गुजरात, अहमदाबाद, राजस्थान, मुंबई या अन्य किसी राज्य में आने जाने के लिए बुकिंग कराई जा रही है। आशंका जताई है कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाएगी तब तक पैकेज की बुकिंग होना मुश्किल है।
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निरस्त हुई बुकिंग क ी उधारी का भी है बोझ
ट्रेवल एजेंसी संचालक प्रशांत जौहरी के मुताबिक बीते साल विदेश जाने के लिए करीब 42 बुकिंग हुई थीं। इनमें से 34 जोड़ों को भेज दिया था। शेष आठ बुकिंग निरस्त करा दी गईं। जिसका करीब साढ़े पांच लाख रुपये का बकाया है। बताया कि विदेश की जिस एजेंसी को पैसा दिया गया था उसने अभी तक रकम वापस नहीं की है। जिनका रुपया बकाया है वे शुरुआत में दबाव बनाते रहे और अभी भी फोन करते हैं।
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सिर्फ दूरदराज की शादियों में जाने के लिए बुकिंग करा रहे परिजन
हर वर्ष करीब डेढ़ हजार नवदंपती करते रहे हैं विदेश यात्रा बरेली। करीब दो माह पहले कोरोना संक्रमितों की घट रही तादाद से देश विदेश में हनीमून मनाने की उम्मीद संजोए नवदंपतियों की आस फिर टूट गई है। कोरोना के चलते अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हैं तो दूसरी ओर, दक्षिण भारत, राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में भी संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है। इस वजह से घरेलू पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित है। वहीं, सहालग में मांगलिक आयोजनों के लिए मिली छूट के चलते ट्रेवल एजेंसियों को भी आर्थिक तंगी से उबरने की आखिरी उम्मीद भी धराशायी हो गई है। ट्रेवल एजेंसी संचालक फिलहाल सहालग में बरातियों की बुकिंग लेकर खर्च निकाल रहे हैं।
ट्रेवल एजेंसी संचालकों के मुताबिक, पिछले वर्ष अक्तूबर से दिसंबर और फिर जनवरी से मार्च तक के लिए बरेली समेत आसपास के जिलों में करीब 14 हजार बुकिंग हुई थीं। इसमें चार हजार बुकिंग विदेश जाने वालों की थीं जिसमें से डेढ़ हजार बुकिंग नवदंपतियों ने हनीमून मनाने के लिए कराई थी। मगर, बीते साल नवंबर में चीन में कोरोना महामारी फैलने के बाद इटली, अमेरिका, थाईलैंड, खाड़ी देश, ऑस्ट्रेलिया में भी महामारी पहुंची और संक्र्रमित मिलने लगे। इसके बाद हवाई यात्रा पर बैन लगा दिया गया। साथ ही, भारत में विदेश से आने वालों की जांच और क्वारंटीन का दौर शुरू हो गया। दुनिया के लगभग सभी देशों से मिल रही संक्रमण की सूचनाओं के चलते 80 फीसदी बुकिंग निरस्त हो गई। इससे ट्रेवल एजेंसी संचालकों को तगड़ा झटका लगा। यही नहीं, विदेशों में बुकिंग का पैसा भी वापस नहीं मिला। जिसके चलते बुकिंग कराने वालों ने एजेंसियों से पैसा मांगने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। कई संचालक अब कर्जदार भी हो गए हैं। जो भविष्य में यात्रा शुरू होने पर उसकी भरपाई का दावा किया है। वहीं, इस सहालग में आर्थिक तंगी दूर होने की आस संचालकों को थी मगर, भारत समेत कई देशों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने के कारण एक भी हनीमून ट्रिप का पैकेज बुक नहीं हुआ है।
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वैक्सीन आने का है इंतजार, मंदा रहेगा धंधा
डेलापीर स्थित ट्रेवल एजेंसी संचालक संजीव सक्सेना के मुताबिक कोरोना के चलते कारोबार धड़ाम हो गया है। अबकी बार एक भी हनीमून ट्रिप की बुकिंग नहीं हुई है। शादियों में बरेली से गुजरात, अहमदाबाद, राजस्थान, मुंबई या अन्य किसी राज्य में आने जाने के लिए बुकिंग कराई जा रही है। आशंका जताई है कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाएगी तब तक पैकेज की बुकिंग होना मुश्किल है।
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