{"_id":"5e6945688ebc3ef40d4ecc33","slug":"corona-holi-milan-was-also-deserted-bareilly-news-bly3991543109","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना! होली मिलन भी रहा सूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना! होली मिलन भी रहा सूना
विज्ञापन
होली मिलन में लोग कोरोना वायरस के कारण मास्क लगाकर पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
जो मेले में पहुंचे वे भी हिचककर गले मिले, मास्क लगाकर पहुंचे तमाम लोग
विज्ञापन
बरेली। कुछ लोग हिचकिचाते हुए गले मिले तो कुछ लोगों ने उलाहनों को नजरअंदाज कर दूर से ही नमस्ते कर ली। तमाम मास्क लगाए नजर आए तो इसकी वजह भी साफ हो गई। कोरोना के डर का एक अलग ही रंग गुलाबराय कॉलेज के मैदान लगे ऐतिहासिक होली मिलन मेले में बिखरा दिखाई दिया। भीड़ पिछले सालों के मुकाबले आधी भी नहीं थी। आयोजकों ने भी हर साल इस मेले का खास आकर्षण बनने वाली भजन संध्या को टाल दिया बल्कि पिछले सालों के मुकाबले करीब डेढ़ घंटे पहले ही मेले के समापन की भी घोषणा कर दी।
गुलाबराय के मैदान में होली मिलन मेले का रंग इस बार फीका दिखा। आमतौर पर इस मेले में इस कदर भीड़ हुआ करती है कि सड़क से आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। मेला परिसर के अंदर घुसना थोड़ा और मुश्किल भरा रहता है और अंदर पहुंचने के बाद अथाह भीड़ में किसी को ढूंढ पाना तो लगभग नामुमकिन। लेकिन इस बार मेले के नजारे काफी अलग थे। पिछले सालों के मुकाबले आधी से भी कम भीड़ साफ जता रही थी कि कोरोना लोगों के जेहन पर इस कदर हावी हो चुका है कि वे भीड़भाड़ में आने से बचने लगे हैं। गुलाबराय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी कदरन काफी कम भीड़ थी। लोग आसानी से आ-जा रहे थे। अंदर मेला परिसर में लगे स्टालों पर भी भीड़भाड़ काफी कम दिखाई दी।
मेले के आयोजकों ने भी कोरोना की दहशत पर अपनी मोहर लगाई। मेला हमेशा की तरह शाम चार बजे शुरू हुआ लेकिन करीब डेढ़ घंटे पहले छह बजे ही इसके समापन की घोषणा कर दी गई। पिछले सालों में यह शाम साढ़े सात बजे तक आसानी से खिंचता था। हर साल होने वाली रासलीला और भजन संध्या भी इस बार नहीं हुई। दरअसल मेला आयोजन समिति के सचिव विजय कुमार इस बार इस मेले के आयोजन के ही पक्ष में नहीं थे। दूसरे पदाधिकारियों के जोर देने के बाद ही मेला लगाने पर सहमति बनी लेकिन ऐन समय तक इसको लेकर असमंजस भी बना रहा। कोरोना से डरे तमाम लोग मेले में मास्क लगाकर पहुुंचे। तमाम लोगों ने गले मिलने के बजाय दूर से ही नमस्ते करके होली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। ठीक छह बजे आयोजकों ने मेला समाप्ति की घोषणा के साथ प्रवेश द्वार बंद करने का आदेश दे दिया।
विज्ञापन
गुलाबराय के मैदान में होली मिलन मेले का रंग इस बार फीका दिखा। आमतौर पर इस मेले में इस कदर भीड़ हुआ करती है कि सड़क से आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। मेला परिसर के अंदर घुसना थोड़ा और मुश्किल भरा रहता है और अंदर पहुंचने के बाद अथाह भीड़ में किसी को ढूंढ पाना तो लगभग नामुमकिन। लेकिन इस बार मेले के नजारे काफी अलग थे। पिछले सालों के मुकाबले आधी से भी कम भीड़ साफ जता रही थी कि कोरोना लोगों के जेहन पर इस कदर हावी हो चुका है कि वे भीड़भाड़ में आने से बचने लगे हैं। गुलाबराय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी कदरन काफी कम भीड़ थी। लोग आसानी से आ-जा रहे थे। अंदर मेला परिसर में लगे स्टालों पर भी भीड़भाड़ काफी कम दिखाई दी।
विज्ञापन
मेले के आयोजकों ने भी कोरोना की दहशत पर अपनी मोहर लगाई। मेला हमेशा की तरह शाम चार बजे शुरू हुआ लेकिन करीब डेढ़ घंटे पहले छह बजे ही इसके समापन की घोषणा कर दी गई। पिछले सालों में यह शाम साढ़े सात बजे तक आसानी से खिंचता था। हर साल होने वाली रासलीला और भजन संध्या भी इस बार नहीं हुई। दरअसल मेला आयोजन समिति के सचिव विजय कुमार इस बार इस मेले के आयोजन के ही पक्ष में नहीं थे। दूसरे पदाधिकारियों के जोर देने के बाद ही मेला लगाने पर सहमति बनी लेकिन ऐन समय तक इसको लेकर असमंजस भी बना रहा। कोरोना से डरे तमाम लोग मेले में मास्क लगाकर पहुुंचे। तमाम लोगों ने गले मिलने के बजाय दूर से ही नमस्ते करके होली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। ठीक छह बजे आयोजकों ने मेला समाप्ति की घोषणा के साथ प्रवेश द्वार बंद करने का आदेश दे दिया।
विज्ञापन