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लापरवाही : संक्रमित के मौत के बाद दे दिया दूसरे का शव, हंगामा
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पीलीभीत। संक्रमितों के इलाज को लेकर तो लापरवाही के आरोप पहले ही एल-2 स्टाफ पर लग चुके थे। मौतों की संख्या बढ़ी तो शव देने में भी चूक हो गई। मृतक का शव दूसरे परिवार को दे दिया गया। परिजन जब श्मशान घाट पहुंचे तो शव का चेहरा देख दंग रह गए। शव लेकर वापस एल-2 पहुंचे परिवार वालों ने लापरवाही पर हंगामा किया। फिर सही शव परिवार के सुपुर्द किया गया।
शहर के मोहल्ला थान सिंह निवासी 50 वर्षीय एक बुजुर्ग की तीन दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिवार वालों ने एंटीजन किट जांच करने के बाद उन्हें एल-2 कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी बुधवार रात दो बजे मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह अस्तपाल से मामले की सूचना परिवार वालों को दी गई। मोहल्ला सुनगढ़ी के रहने वाले उनके साले जयप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। जहां अस्पताल वालों ने पीपीई किट पहनाकर शव को एंबुलेंस में रखने के लिए कहा। इस पर शव एंबुलेंस में रखकर श्मशान घाट पहुंचे गए। जहां मौके पर मौजूद परिवार वालों को शव देखकर कुछ शक हुआ। तो कवर खोलकर देखा। तो वह शव किसी और का निकला। इस पर परिवार वाले गुस्सा गए, और शव लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने लापरवाही से मौत और शव बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इतना ही नहीं गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड से हाथापाई तक की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामला शांत करने के बाद उनका शव चेक करवाकर एंबुलेंस में रखवाया। इसके बाद परिवार वालों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
परिवार का आरोप- इलाज के अभाव में चली कई मरीज की जान
पीलीभीत। एल-2 कोविड अस्पताल में पूरनपुर नगर के रहने वाले 45 वर्षीय एक युवक की बुधवार देर रात 11 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी अस्पताल गेट पर मौत हो गई थी। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनके मरीज को भर्ती करने में टालमटोल की गई। आधे घंटे तक एल-2 अस्पताल का स्टाफ नीचे नहीं आया। किसी तरह मरीज को एंबुलेंस से बाहर निकाला गया। जहां उसे नीचे जमीन में लिटा दिया गया। काफी देर तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी उन्हें देखने नहीं पहुंचे। इसी दौरान इलाज के अभाव में मरीज की जान चली गई। उधर, इसी बीच हिंदू महासभा के कार्यकर्ता एक अन्य मरीज को लेकर पहुंचे थे। उसे भी अस्पताल वालों ने भर्ती नहीं किया। इस पर हिंदू महासभा के कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा कर दिया। एल-2 अस्पताल के स्टाफ ने सूचना पुलिस को दी। इस पर सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। भीड़ गुस्साई हुई थी, हालांकि पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल से शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत गांव भिजवाया गया। जहां स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। इसके अलावा जहानाबाद के गांव भगाडांडी निवासी 65 वषीय महिला की एल-2 अस्पताल में मौत को लेकर परिवार ने आरोप लगाए। बेटे प्रसादलाल ने बताया कि दो दिन पहले मां को भर्ती कराया था। अस्पताल वालों के देखभाली न करने से उनकी जान चली गई। अगर समय रहते उन्हें ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान बच सकती है।
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मृतक संक्रमित के परिवार वालों की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत हैं। अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। जो कमी मिली है, उसे दूर कर दिया गया है। इसके अलावा हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ नोडल को एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव मिले लोगों को ट्रेस करने के बाद होम आइसोलेट और कोविड अस्पताल में भर्ती कराया है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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शहर के मोहल्ला थान सिंह निवासी 50 वर्षीय एक बुजुर्ग की तीन दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिवार वालों ने एंटीजन किट जांच करने के बाद उन्हें एल-2 कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी बुधवार रात दो बजे मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह अस्तपाल से मामले की सूचना परिवार वालों को दी गई। मोहल्ला सुनगढ़ी के रहने वाले उनके साले जयप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। जहां अस्पताल वालों ने पीपीई किट पहनाकर शव को एंबुलेंस में रखने के लिए कहा। इस पर शव एंबुलेंस में रखकर श्मशान घाट पहुंचे गए। जहां मौके पर मौजूद परिवार वालों को शव देखकर कुछ शक हुआ। तो कवर खोलकर देखा। तो वह शव किसी और का निकला। इस पर परिवार वाले गुस्सा गए, और शव लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने लापरवाही से मौत और शव बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इतना ही नहीं गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड से हाथापाई तक की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामला शांत करने के बाद उनका शव चेक करवाकर एंबुलेंस में रखवाया। इसके बाद परिवार वालों ने उसका अंतिम संस्कार किया।
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परिवार का आरोप- इलाज के अभाव में चली कई मरीज की जान
पीलीभीत। एल-2 कोविड अस्पताल में पूरनपुर नगर के रहने वाले 45 वर्षीय एक युवक की बुधवार देर रात 11 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी अस्पताल गेट पर मौत हो गई थी। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनके मरीज को भर्ती करने में टालमटोल की गई। आधे घंटे तक एल-2 अस्पताल का स्टाफ नीचे नहीं आया। किसी तरह मरीज को एंबुलेंस से बाहर निकाला गया। जहां उसे नीचे जमीन में लिटा दिया गया। काफी देर तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी उन्हें देखने नहीं पहुंचे। इसी दौरान इलाज के अभाव में मरीज की जान चली गई। उधर, इसी बीच हिंदू महासभा के कार्यकर्ता एक अन्य मरीज को लेकर पहुंचे थे। उसे भी अस्पताल वालों ने भर्ती नहीं किया। इस पर हिंदू महासभा के कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा कर दिया। एल-2 अस्पताल के स्टाफ ने सूचना पुलिस को दी। इस पर सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। भीड़ गुस्साई हुई थी, हालांकि पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल से शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत गांव भिजवाया गया। जहां स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया। इसके अलावा जहानाबाद के गांव भगाडांडी निवासी 65 वषीय महिला की एल-2 अस्पताल में मौत को लेकर परिवार ने आरोप लगाए। बेटे प्रसादलाल ने बताया कि दो दिन पहले मां को भर्ती कराया था। अस्पताल वालों के देखभाली न करने से उनकी जान चली गई। अगर समय रहते उन्हें ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान बच सकती है।
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मृतक संक्रमित के परिवार वालों की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह गलत हैं। अस्पताल का निरीक्षण किया गया था। जो कमी मिली है, उसे दूर कर दिया गया है। इसके अलावा हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ नोडल को एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव मिले लोगों को ट्रेस करने के बाद होम आइसोलेट और कोविड अस्पताल में भर्ती कराया है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ