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सहूलियत : जिला अस्पताल में होगी लेप्टोस्पायरोसिस की एलाइजा जांच
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बरेली। चूहे, छछूंदर से फैलने वाली बीमारी लेप्टोस्पायरोसिस के मरीज खोजकर उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए अब जिला अस्पताल में ही संदिग्ध मरीजों की एलाइजा जांच शुरू हो गई है। अब तक यह सुविधा लखनऊ केजीएमयू में उपलब्ध थी। जांच रिपोर्ट मिलने में चार से पांच दिन लगते थे।
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक एलाइजा जांच शुरू होने से अब रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर ही मिल जाएगी। इससे मरीजों को जल्द इलाज शुरू हो सकेगा। बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक तीन मरीज मिल चुके हैं।
लेप्टो की चपेट में मिले मरीज में शुरुआती लक्षण कंपकंपी के साथ बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, आंखों में खुजली, पेशाब करने में परेशानी, त्वचा पर चकत्ते, उल्टी और डायरिया हैं। मरीज की पुष्टि पर संबंधित क्षेत्र में निरोधात्मक कार्रवाई करने के साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में सर्वे कर संदिग्ध मरीज खोजे जाते हैं।
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हालांकि, मरीजों के क्षेत्र में दो सौ से ज्यादा जांच हुई पर कोई पॉजिटिव नहीं मिला। डॉ. अब्बास के मुताबिक इसी वर्ष शासन ने लेप्टो की सघन जांच के निर्देश दिए। मरीज मिलने पर एलाइजा जांच भी शुरू हो गई है। कहा कि जलभराव में लेप्टो वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है। अमर उजाला ब्यूरो
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इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक एलाइजा जांच शुरू होने से अब रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर ही मिल जाएगी। इससे मरीजों को जल्द इलाज शुरू हो सकेगा। बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक तीन मरीज मिल चुके हैं।
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लेप्टो की चपेट में मिले मरीज में शुरुआती लक्षण कंपकंपी के साथ बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, आंखों में खुजली, पेशाब करने में परेशानी, त्वचा पर चकत्ते, उल्टी और डायरिया हैं। मरीज की पुष्टि पर संबंधित क्षेत्र में निरोधात्मक कार्रवाई करने के साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में सर्वे कर संदिग्ध मरीज खोजे जाते हैं।
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हालांकि, मरीजों के क्षेत्र में दो सौ से ज्यादा जांच हुई पर कोई पॉजिटिव नहीं मिला। डॉ. अब्बास के मुताबिक इसी वर्ष शासन ने लेप्टो की सघन जांच के निर्देश दिए। मरीज मिलने पर एलाइजा जांच भी शुरू हो गई है। कहा कि जलभराव में लेप्टो वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है। अमर उजाला ब्यूरो