{"_id":"6abd594dbd5182131804a204","slug":"complaint-reaches-human-rights-commission-pvr-fined-after-91-days-bareilly-news-c-4-bly1015-978685-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: मानवाधिकार आयोग पहुंची शिकायत, 91 दिन बाद पीवीआर पर लगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: मानवाधिकार आयोग पहुंची शिकायत, 91 दिन बाद पीवीआर पर लगा जुर्माना
विज्ञापन
बरेली। तीन साल की बच्ची को सिनेमा हॉल में बिस्किट और कुरकुरे ले जाने से रोकने की शिकायत के निस्तारण में करीब तीन महीने (91 दिन) लग गए। 30 जून को घटना के बाद मानवाधिकार आयोग में शिकायत हुई थी। 29 सितंबर को डीएम अविनाश सिंह ने 2000 रुपये का जुर्माना लगाया।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, महेंद्र नगर डोहरा रोड निवासी गौरव तुली 30 जून को पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ फीनिक्स मॉल स्थित पीवीआर में फिल्म देखने गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, बच्ची के लिए बिस्किट और कुरकुरे के पैकेट पत्नी के बैग में थे। प्रवेश के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने खाद्य सामग्री अंदर ले जाने से रोक दिया और पास रख लिया। बच्ची के अनुरोध के बावजूद सामग्री अंदर नहीं ले जाने दी गई। उप्र मानवाधिकार आयोग से मामले की शिकायत की गई।
जिला प्रशासन ने सिनेमा प्रबंधन को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में स्पष्टीकरण और साक्ष्य मांगे। प्रबंधन ने 18 सितंबर को जवाब दिया। प्रशासन के अनुसार, प्रबंधन अपेक्षित साक्ष्य नहीं दे सका। सुनवाई के बाद डीएम ने माना कि सिनेमा प्रबंधन ने उप्र चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1955 के तहत लाइसेंस की शर्त संख्या-20 का उल्लंघन किया है। इसे अधिनियम की धारा-8 के तहत दंडनीय मानते हुए 29 सितंबर को आदेश जारी कर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, महेंद्र नगर डोहरा रोड निवासी गौरव तुली 30 जून को पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ फीनिक्स मॉल स्थित पीवीआर में फिल्म देखने गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, बच्ची के लिए बिस्किट और कुरकुरे के पैकेट पत्नी के बैग में थे। प्रवेश के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने खाद्य सामग्री अंदर ले जाने से रोक दिया और पास रख लिया। बच्ची के अनुरोध के बावजूद सामग्री अंदर नहीं ले जाने दी गई। उप्र मानवाधिकार आयोग से मामले की शिकायत की गई।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने सिनेमा प्रबंधन को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में स्पष्टीकरण और साक्ष्य मांगे। प्रबंधन ने 18 सितंबर को जवाब दिया। प्रशासन के अनुसार, प्रबंधन अपेक्षित साक्ष्य नहीं दे सका। सुनवाई के बाद डीएम ने माना कि सिनेमा प्रबंधन ने उप्र चलचित्र (विनियमन) अधिनियम-1955 के तहत लाइसेंस की शर्त संख्या-20 का उल्लंघन किया है। इसे अधिनियम की धारा-8 के तहत दंडनीय मानते हुए 29 सितंबर को आदेश जारी कर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
विज्ञापन