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आरएसएस प्रमुख पर टिप्पणी से बरेली कालेज में बवाल
बरेली।
Updated Mon, 20 Mar 2017 01:13 AM IST
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Comment on RSS chief, Bawal in Barely College
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली कॉलेज में चल रही संगोष्ठी के दौरान बीएचयू के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रिटायर्ड प्रोफेसर डा. चौथीराम यादव की आरएसएस प्रमुख पर टिप्पणी ने बवाल करा दिया। आरोप है कि उन्होंने विषयांतर करते हुए पहले भाजपा नेताओं पर तीर चलाए और बाद में कह दिया कि मोहन भागवत आतंक फैला रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद आगरा और मुरादाबाद के प्रोफेसरों ने विरोध कर दिया और मंच पर ही आने से इंकार कर दिया। मामले की जानकारी जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हुई तो वे सभाकक्ष में पहुंच गए और हंगामा करने लगे बाद में तोड़फोड़ कर दी। प्राचार्य, चीफ प्राक्टर को घेरकर धक्का मुक्की की गई। चौथीराम को किसी तरह पिछले दरवाजे से निकाला गया। बवाल की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई। घंटों हंगामे के बाद प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तब हंगामा शांत हुआ।
बरेली कॉलेज में रविवार को सभागार कक्ष में दोपहर के समय हिन्दी साहित्य के विकास में सूचना एवं तकनीकी के योगदान विषय पर सेमीनार आयोजन किया गया था। दोपहर करीब ढाई बजे उद्घाटन सत्र में ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त डा. चौथीराम यादव ने पहले तो कुछ देर विषय पर बोला बाद में आरोप है कि उन्होंने कहा कि मोदी जैसे नेता विदेशों में जाते हैं तो गांधी व अन्य नेताओं की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि देश की पहचान महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों से है। जब अपने देश में आते हैं तो उनके हत्यारों की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं। बाद में कहा कि यह देश डिजिटलाइजेशन नहीं अंधकार युग में जा रहा है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे लोग आतंकवाद को फैला रहे हैं। उनके यह कहते ही वहां मौजूद आगरा के प्रोफेसर डा. धर और मुरादाबाद के एमएच कालेज के प्रिंसिपल डा. विशेष गुप्ता ने विरोध किया और मंच पर जाने से ही इंकार कर दिया। डा. गुप्ता ने तो यहां तक कहा कि इसकी शिकायत भारत सरकार से करेंगे। एबीवीपी से जुड़े तमाम छात्र आनन फानन में कॉलेज पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। सभागार कक्ष के बाहर पड़ी कुर्सियां और वाटर कूलर आदि तोड़ दिया गया और छात्र धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जानकारी पर एसपी सिटी समीर सौरभ समेत भारी पुलिस फोर्स कॉलेज में पहुंच गया। छात्रों ने आरोपी और सेमीनार संयोजकों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। आक्रोश को देखते हुए इसी बीच प्राचार्य सोमेश यादव, चीफ प्राक्टर एसपी मौर्य, आयोजन समिति सचिव डॉ.मीना यादव आदि भी मौके पर पहुंच गईं।
सभाकक्ष में टकरा गए छात्रनेता
बरेली। विरोध करने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ता और वहां पहले से ही मौजूद सपा संगठन से जुड़े छात्रों में झड़प के बाद मारपीट भी हुई। समाजवादी छात्र सभा के सदस्य वहां पहले से मौजूद थे। जब एबीवीपी वालों ने हंगामा शुरू किया तो विरोध किया इसपर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई।
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नहीं उपलब्ध कराई गई वीडियो क्लिपिंग
छात्रों का कहना था कि सेमीनार पर वक्ताओं के बोल की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई गई। जिसको पुलिस को देने का कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाया गया, लेकिन यह क्लिपिंग शाम तक उपलब्ध नहीं कराई गई।
सभी ने बंद कर लिए मोबाइल, ढाई घंटे तक चला बवाल
सेमीनार में प्रोफेसर चौथीराम यादव की टिप्पणी के बाद हुए बवाल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन से जुड़े सभी लोगों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। पुलिस और अन्य लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। बाद में प्राचार्य पहुंचे तो एक एक कर चीफ प्राक्टर आदि पहुंच गए।
सेमीनार में प्रोफेसर डॉ.चौथीराम यादव पर मोहन भागवत को आतंकी कहने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक कोई वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिर भी पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
- समीर सौरभ, एसपी सिटी
मैं सेमिनार में तो मौजूद नहीं था, लेकिन छात्रों ने बीएचयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ.चौथीराम पर मोहन भागवत पर टिप्प्णी करने का आरोप लगाया है। आयोजन समिति की सचिव की ओर से तहरीर दिलाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
- सोमेश यादव, प्राचार्य बरेली कॉलेज
प्रोफेसर ने दी सफाई, मांगी माफी
बरेली। डा. चौथीराम ने अपने बयान में कहा है कि उनके वक्तव्य में कहीं भी मोहन भागवत जी को आतंकवादी नहीं कहा। अतिवाद की चर्चा किसी अन्य संदर्भ में हुई जिसका गलत आशय लिया गया। मोहन भागवत जी को आतंकवादी कहने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। फिर भी यदी मेरे कथन से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर भागवत जी और सभी महापुरुषों, जन सेवकों का सम्मान करता हूं।
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बरेली कॉलेज में रविवार को सभागार कक्ष में दोपहर के समय हिन्दी साहित्य के विकास में सूचना एवं तकनीकी के योगदान विषय पर सेमीनार आयोजन किया गया था। दोपहर करीब ढाई बजे उद्घाटन सत्र में ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त डा. चौथीराम यादव ने पहले तो कुछ देर विषय पर बोला बाद में आरोप है कि उन्होंने कहा कि मोदी जैसे नेता विदेशों में जाते हैं तो गांधी व अन्य नेताओं की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि देश की पहचान महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों से है। जब अपने देश में आते हैं तो उनके हत्यारों की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं। बाद में कहा कि यह देश डिजिटलाइजेशन नहीं अंधकार युग में जा रहा है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे लोग आतंकवाद को फैला रहे हैं। उनके यह कहते ही वहां मौजूद आगरा के प्रोफेसर डा. धर और मुरादाबाद के एमएच कालेज के प्रिंसिपल डा. विशेष गुप्ता ने विरोध किया और मंच पर जाने से ही इंकार कर दिया। डा. गुप्ता ने तो यहां तक कहा कि इसकी शिकायत भारत सरकार से करेंगे। एबीवीपी से जुड़े तमाम छात्र आनन फानन में कॉलेज पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। सभागार कक्ष के बाहर पड़ी कुर्सियां और वाटर कूलर आदि तोड़ दिया गया और छात्र धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जानकारी पर एसपी सिटी समीर सौरभ समेत भारी पुलिस फोर्स कॉलेज में पहुंच गया। छात्रों ने आरोपी और सेमीनार संयोजकों पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। आक्रोश को देखते हुए इसी बीच प्राचार्य सोमेश यादव, चीफ प्राक्टर एसपी मौर्य, आयोजन समिति सचिव डॉ.मीना यादव आदि भी मौके पर पहुंच गईं।
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सभाकक्ष में टकरा गए छात्रनेता
बरेली। विरोध करने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ता और वहां पहले से ही मौजूद सपा संगठन से जुड़े छात्रों में झड़प के बाद मारपीट भी हुई। समाजवादी छात्र सभा के सदस्य वहां पहले से मौजूद थे। जब एबीवीपी वालों ने हंगामा शुरू किया तो विरोध किया इसपर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई।
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नहीं उपलब्ध कराई गई वीडियो क्लिपिंग
छात्रों का कहना था कि सेमीनार पर वक्ताओं के बोल की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई गई। जिसको पुलिस को देने का कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाया गया, लेकिन यह क्लिपिंग शाम तक उपलब्ध नहीं कराई गई।
सभी ने बंद कर लिए मोबाइल, ढाई घंटे तक चला बवाल
सेमीनार में प्रोफेसर चौथीराम यादव की टिप्पणी के बाद हुए बवाल को देखते हुए कॉलेज प्रशासन से जुड़े सभी लोगों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। पुलिस और अन्य लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। बाद में प्राचार्य पहुंचे तो एक एक कर चीफ प्राक्टर आदि पहुंच गए।
सेमीनार में प्रोफेसर डॉ.चौथीराम यादव पर मोहन भागवत को आतंकी कहने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक कोई वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिर भी पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
- समीर सौरभ, एसपी सिटी
मैं सेमिनार में तो मौजूद नहीं था, लेकिन छात्रों ने बीएचयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ.चौथीराम पर मोहन भागवत पर टिप्प्णी करने का आरोप लगाया है। आयोजन समिति की सचिव की ओर से तहरीर दिलाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
- सोमेश यादव, प्राचार्य बरेली कॉलेज
प्रोफेसर ने दी सफाई, मांगी माफी
बरेली। डा. चौथीराम ने अपने बयान में कहा है कि उनके वक्तव्य में कहीं भी मोहन भागवत जी को आतंकवादी नहीं कहा। अतिवाद की चर्चा किसी अन्य संदर्भ में हुई जिसका गलत आशय लिया गया। मोहन भागवत जी को आतंकवादी कहने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। फिर भी यदी मेरे कथन से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैं व्यक्तिगत तौर पर भागवत जी और सभी महापुरुषों, जन सेवकों का सम्मान करता हूं।