प्रधानमंत्री पर टिप्पणी: लखनऊ से हुई पूछताछ.. अब साहब भी घेरे में
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वाणिज्य कर विभाग के स्थापना दिवस पर राज नेताओं और प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करने वाले कर्मचारी पर गाज गिरी है। मुख्यालय ने संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। उधर, भाजपा नेताओं ने एडिशनल कमिश्नर का घेराव कर जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई पर जोर दिया। इस प्रकरण को लेकर दिन भर विभाग में अफरातफरी मची रही, इससे विभागीय कामकाज भी अस्तव्यस्त रहा।
बुधवार 26 फरवरी को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन कार्यालय प्रांगण में स्थापना दिवस कार्यक्रम हुआ था। इसमें विभागीय कर्मचारी, अफसर और कुछ व्यापारी बुलाए थे। कार्यक्रम में चुनिंदा व्यापारी सम्मानित किए गए। वक्ताओं ने शायरी, गजल, कविता और हास्य व्यंग्य प्रस्तुत किए।
कार्यालय प्रधान सहायक प्रेमसिंह ने हास्य व्यंग्य सुनाने से पहले ही कह दिया कि उनकी प्रस्तुति अलग है, इसलिए जिसे बुरी लगे वह उठकर चला जाए। इसके बाद नेताओं पर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किए। मंत्रियों को माफिया करार तक दे दिया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 आरके पांडे ने नाराजगी जताते हुए सस्पेंड करने को कहा था।
मामला सुर्खियां बना तो विभाग में खलबली मची और मुख्यालय ने पूरी रिपोर्ट मांग ली। एडिशनल कमिश्नर एमएन वर्मा ने इसकी जांच संयुक्त आयुक्त वीपी कटियार को सौंपी। रिमाइंडर आने पर गुरुवार शाम रिपोर्ट तैयार कर ई-मेल की गयी। इस पर कमिश्नर अमृता सोनी ने निलंबन के आदेश जारी करा दिया। जबकि विभागीय अफसर भी जांच के घेरे में आ गए हैं।
भाजपा नेताओं ने किया घेराव, थाना में दी तहरीर, एफआईआर
भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा एडिशनल कमिश्नर एमएन वर्मा से मिलने पहुंचे और उन्होंने घटनाक्रम पर तीखी नाराजगी जताई। भाजपाइयों ने कहा कि टिप्पणी करने वाले कर्मी का तुरंत सस्पेंड किया जाए और कार्यक्रम प्रभारी अफसर पर कार्रवाई हो। इसके बाद वर्मा ने रिपोर्ट तैयार कराई। व्यापारी नेता शोभित सक्सेना ने संबंधित कर्मचारी पर एफआईआर करने को कैंट थाना में तहरीर दी। सीओ प्रथम के आदेश पर देर शाम एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस दौरान बंटी ठाकुर, अधीर सक्सेना, प्रभुदयाल, देवेंद्र जोशी, विशाल मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री कार्यालय और शासन पहुंचा मामला
भाजपा विधायक डॉ. श्यामबिहारी लाल और राजेश मिश्रा आदि ने वाणिज्य कर स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री पर व्यंग्यात्मक और अशोभनीय कटाक्ष मामला मुख्यमंत्री कार्यालय और शासन तक पहुंचा दिया है। जिला प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा कार्यालय ने भी इसका संज्ञान ले लिया है। विधायक पप्पू भरतौल ने गुरुवार शाम विधान सभा में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। विधायक ने पत्र सौंप वाणिज्य कर अफसर बेलगाम हो गए हैं। इन अफसरों पर प्रभावी विभागीय कार्रवाई कर आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
अफसर नहीं बख्शे नहीं जाएंगे
सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री अशोभनीय कटाक्ष अचानक नहीं हुआ है। कार्यक्रम में वक्ता और प्रस्तुति पहले से तय होती है। इसलिए संबंधित अफसरों पर भी कार्रवाई जरूरी है। प्रभावी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री को लिखा गया है।
- पवन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष
अफसर सुनते क्यों रहे.. कार्रवाई जरूरी
सरकारी कार्यक्रम में वाणिज्य कर प्रमुख अफसरों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री और मंत्रियाें व्यंग्य कसे गए। अफसर सुनते रहे, यह तो अराजकता है। इन पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। शासन और वित्तमंत्री से प्रभावी करने को पत्र भी लिखा है।
- राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल, विधायक
मनमानी सूची बनाकर सम्मानित किए व्यापारी
स्थापना दिवस की आड़ में वसूली की गई और मनमानी सूची तैयार कर व्यापारी सम्मानित किए गए। अफसरों की शह पर सरकारी कार्यक्रम में राजनेताओं पर अशोभनीय कटाक्ष हुए। आयोजक अफसर पर कार्रवाई होना जरूरी है।
- राजेंद्र गुप्ता, उद्योग व्यापार मंडल
कर्मचारी सस्पेंड, जांच जारी
मुख्यालय ने पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी थी, स्थानीय स्तर पर जांच कराई गई और उसके आधार पर मुख्यालय को अवगत कराया गया। गुरुवार शाम को कमिश्नर कार्यालय ने सस्पेंशन आर्डर जारी कर दिए। विभागीय आंतरिक कार्रवाई अलग से चलती रहेगी।
- एमएन वर्मा, एडिशनल कमिश्नर