Bareilly News: जल्द स्वरूप लेगा नाथ कॉरिडोर, मुख्यमंत्री योगी बोले- अगली बार लोकार्पण करने आऊंगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोगों की धार्मिक आस्था को छुआ। बरेली को नाथ कॉरिडोर के जरिए काशी से जोड़ा। कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ, प्रयागराज में कुंभ, अयोध्या में अयोध्या धाम का कॉरिडोर बन रहा है, इसलिए बरेली में हम नाथ कॉरिडोर को भी फाइनल स्वरूप देने के लिए आए हैं।
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बरेली में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बरेली का नाथ कॉरिडोर जल्द आकार लेगा। उन्होंने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ, प्रयागराज में कुंभ, अयोध्या में अयोध्या धाम का कॉरिडोर बन रहा है, इसलिए बरेली में हम नाथ कॉरिडोर को भी आज फाइनल स्वरूप देने के लिए आए हैं। नाथ कॉरिडोर को जोड़ने वाले जितने भी महत्वपूर्ण मार्ग हैं, इन सबको स्वीकृति दे दी गई है। अगली बार इन सबका लोकार्पण करने आएंगे।
बरेली क्लब में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर हमारी विरासत की पहचान है। आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री ने भी लक्ष्य रखा है कि जब देश शताब्दी वर्षगांठ मनाएगा, तब कैसा भारत चाहिए। एक विकसित भारत चाहिए होगा।
विकास वाराणसी, गोरखपुर में होगा तो बरेली में भी होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चेहरा देखकर योजनाएं नहीं दी जातीं। अगर विकास गाजियाबाद व नोएडा में होगा, वाराणसी व गोरखपुर में होगा, प्रयागराज व मथुरा में होगा तो बरेली को उस विकास से कोई वंचित नहीं कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश ही नहीं देश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के दिया जा रहा है। विकास की बड़ी-बड़ी योजनाएं जैसे- हाईवे, रेलवे, अत्याधुनिक एयरपोर्ट, आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे संस्थान आज भारत को नयी पहचान दे रहे हैं। स्मार्ट सिटी हो और हर घर नल की योजना भी सभी के लिए है।
45 मिनट तक देखा प्रेजेंटेशन
नाथ कॉरिडोर परियोजना को लेकर सीएम योगी गंभीर हैं। 25 मिनट का समय प्रेजेंटेशन के लिए मिला था लेकिन 45 मिनट तक चला। मुख्यमंत्री ने इस पर गहरी रूचि ली। उन्हें बताया गया कि धार्मिक पर्यटन के साथ नाथ कॉरिडोर की सड़कें आवागमन को सुगम करेंगी। शहर को नई पहचान मिलेगी। कॉरिडोर में सिर्फ सड़कें नहीं, चौराहे शिव को समर्पित होने हैं। मंदिर परिसर सज और संवर जाएंगे।
सात मंदिरों को आपस में चौड़ी और अतिक्रमण मुक्त सड़कों से जाना है। शहर के मंदिर पर ही नहीं चौराहों पर भी आप नाथ नगरी की सांस्कृतिक विरासत को देख सकेंगे। मंदिरों में रुद्राभिषेक, शिवपुराण की कथा कराने और धार्मिक अनुष्ठान के लिए एक हाल प्रस्तावित है। साथ ही यात्री शेड और बहु उद्देशीय सत्संग भवन बनेगा।
मई से चल रही थी कवायद, टेंडर निकाले गए
नॉथ कॉरिडोर की प्रस्तुति पहली बार 17 मई 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी गई थी। सैद्धांतिक सहमति तो उसी समय हो गई थी। मुख्यमंत्री ने इसे सराहा था। उनके निर्देश पर ही लोक निर्माण विभाग ने नाथ कॉरिडोर के लिए सर्वे किया। एस्टीमेट मंजूर कराए।
सीएम के दौरे से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को प्रस्तावित नाथ कॉरिडोर की आठ सड़कों के लिए 24.62 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी ने मंजूर किए हैं। स्वीकृति की प्रत्याशा में टेंडर तो पहले ही निकाल दिए गए थे। टेंडर 24 जनवरी को खुलेंगे। मार्च तक निर्माण की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले सीएम सड़कों का लोकार्पण कर सकते हैं।
मंदिर परिसर में दिखेगा वैदिक काल का वास्तुशास्त्र
छह पौराणिक मंदिरों को वैदिक काल के वास्तुशास्त्र से जोड़ने की कवायद है। अगर आप किसी एक मंदिर में गए तो दूसरे मंदिरों में नक्काशी और निर्माण उसी तर्ज के दिखाई पड़ेंगे। प्रत्येक मंदिर परिसर में गोशाला रहेगी। पेयजल, शौचालय, रेलवे स्टेशन की तर्ज पर सामान रखने के लिए अमानती सामान घर, पूजन सामग्री के लिए दुकान, वैदिक पुस्तकालय बनना प्रस्तावित है।
मंदिरों के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने वाले आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल ने इस जानकारी क साथ बताया कि वैदिक पुस्तकालय में वेद पुराण, उपनिषद व अन्य धार्मिक ग्रंथ रहेंगे। डिजिटल कॉपी रहेगी। शहर के चारों दिशाओं में शिव को समर्पित द्वार बन रहे हैं, जिनका निर्माण जल्दी ही पूरा होगा।