{"_id":"6928be7d911c6ca6210c8b00","slug":"cm-removes-names-from-mass-marriage-list-anger-sparks-anger-in-two-families-villagers-express-shock-and-question-the-system-bareilly-news-c-401-1-mrg1002-3412-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सीएम सामूहिक विवाह सूची से हटाया नाम, दो परिवारों में गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सीएम सामूहिक विवाह सूची से हटाया नाम, दो परिवारों में गुस्सा
विज्ञापन
मीरगंज/दुनका। सीएम सामूहिक विवाह योजना की सूची से बुधवार को दो युवतियों का नाम हटा दिया गया है। इससे परिवारों और लोगों में आक्रोश फैल गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान ने अचानक नाम काटे जाने पर हैरानी जताते हुए डीएम को लिखित शिकायतीपत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
नोनीराम वर्मा और भूप सिंह ने 12 नवंबर को नियमपूर्वक आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत भी हो गए। क्रमांक 275 और 276 जारी हुए और 28 नवंबर को बरेली कॉलेज में विवाह समारोह के लिए उपस्थित होने का संदेश भी दे दिया गया था। वहां उपस्थित होने के लिए पास भी जारी कर दिए गए। परिवारों में खुशियां थीं कि उनकी बेटियां सम्मान के साथ सरकारी मंच पर परिणय सूत्र में बंधेंगी, लेकिन बुधवार को एडीओ समाज कल्याण, शेरगढ़ द्वारा अचानक फोन पर यह सूचना दी गई कि दोनों युवतियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने शासन की इस व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि दोनों घरों में शादी की तैयारी हो गई है। ऐसे में सूची से नाम काटना ऊचित नहीं है। परिवारों का कहना है कि एक बार स्वीकृति मिल जाने के बाद नाम हटाना उन बेटियों के सपनों को आहत करने जैसा है, जिनकी शादी की तैयारी इसी भरोसे पर शुरू की गई थी कि सरकार उनका सहारा बनेगी।
विज्ञापन
क्षेत्र पंचायत सदस्य मोतीराम वर्मा, ग्राम प्रधान तारावती और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरी सूची की जांच कराई जाए। पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मल्साखेड़ा की दोनों बेटियों के विवाह को पूर्व स्वीकृति के अनुसार योजना में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
नोनीराम वर्मा और भूप सिंह ने 12 नवंबर को नियमपूर्वक आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत भी हो गए। क्रमांक 275 और 276 जारी हुए और 28 नवंबर को बरेली कॉलेज में विवाह समारोह के लिए उपस्थित होने का संदेश भी दे दिया गया था। वहां उपस्थित होने के लिए पास भी जारी कर दिए गए। परिवारों में खुशियां थीं कि उनकी बेटियां सम्मान के साथ सरकारी मंच पर परिणय सूत्र में बंधेंगी, लेकिन बुधवार को एडीओ समाज कल्याण, शेरगढ़ द्वारा अचानक फोन पर यह सूचना दी गई कि दोनों युवतियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शासन की इस व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि दोनों घरों में शादी की तैयारी हो गई है। ऐसे में सूची से नाम काटना ऊचित नहीं है। परिवारों का कहना है कि एक बार स्वीकृति मिल जाने के बाद नाम हटाना उन बेटियों के सपनों को आहत करने जैसा है, जिनकी शादी की तैयारी इसी भरोसे पर शुरू की गई थी कि सरकार उनका सहारा बनेगी।
विज्ञापन
क्षेत्र पंचायत सदस्य मोतीराम वर्मा, ग्राम प्रधान तारावती और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरी सूची की जांच कराई जाए। पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मल्साखेड़ा की दोनों बेटियों के विवाह को पूर्व स्वीकृति के अनुसार योजना में शामिल किया जाए।