{"_id":"688fcc42657795f6890f2a03","slug":"clerk-accused-of-bribery-suspended-investigation-handed-over-to-a-two-member-team-bareilly-news-c-4-bly1015-696121-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: घूसखोरी का आरोपी लिपिक निलंबित दो सदस्यीय टीम को सौंपी गई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: घूसखोरी का आरोपी लिपिक निलंबित दो सदस्यीय टीम को सौंपी गई जांच
विज्ञापन
बरेली। 20 हजार की घूस लेते शनिवार को पकड़े गए विद्युत निगम के बाबू को रविवार को मुख्य अभियंता ने निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए अधिशासी अभियंता धर्मराज सिंह और ओम प्रकाश सिंह को नियुक्त किया है।
वहीं, बाबू पर दर्ज हुई एफआईआर में कई अहम जानकारियां सामने आईं हैं। पीड़ित के मुताबिक, रिश्वत मांगे जाने के बाद उसने एक्सईएन को तीन बार प्रार्थनापत्र दिया लेकिन हर बार उसे बाबू के पास ही भेज दिया गया।
शनिवार को एंटी करप्शन की टीम ने 20 हजार की घूस लेते हुए विद्युत निगम के बाबू अजीत कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया था। आरोपी के बैग से 1.76 लाख रुपये की बरामदगी भी हुई थी। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
दर्ज हुई रिपोर्ट में मीरगंज के गांव गूला निवासी पीड़ित आभाष सिंह चौहान का आरोप है कि 20 हजार की रिश्वत मांगे जाने के बाद उसने नौ जुलाई को एक्सईएन को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन उसे बाबू के पास भेज दिया गया।
बाबू ने उससे कहा कि सिर्फ प्रार्थना पत्र से कुछ नहीं होगा, खर्चे के लिए रकम देनी होगी। इसके बाद 17 जुलाई और 24 जुलाई को भी एक्सईएन को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उसे आरोपी बाबू अजीत के पास ही भेजा गया। मीरगंज और बरेली का चार्ज उसके पास ही है।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अजीत को एक्सईएन को दिए प्रार्थना पत्र तक का भय नहीं था। उनके कार्यालय से पत्र आने के बाद भी वह रिश्वत मांग रहा था। कार्यालय से ही जुड़े एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया है कि बाबू अजीत एक्सईएन के ही सारे कार्य देखता था। उसको एक्सईएन ही बरेली लेकर आए थे।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 88 हजार के बिल को आरोपी 35 हजार का कैसे करता था? इसका पता लगाने के लिए समिति को निर्देश दिए गए हैं। 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। संवाद
विज्ञापन
वहीं, बाबू पर दर्ज हुई एफआईआर में कई अहम जानकारियां सामने आईं हैं। पीड़ित के मुताबिक, रिश्वत मांगे जाने के बाद उसने एक्सईएन को तीन बार प्रार्थनापत्र दिया लेकिन हर बार उसे बाबू के पास ही भेज दिया गया।
विज्ञापन
शनिवार को एंटी करप्शन की टीम ने 20 हजार की घूस लेते हुए विद्युत निगम के बाबू अजीत कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया था। आरोपी के बैग से 1.76 लाख रुपये की बरामदगी भी हुई थी। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
दर्ज हुई रिपोर्ट में मीरगंज के गांव गूला निवासी पीड़ित आभाष सिंह चौहान का आरोप है कि 20 हजार की रिश्वत मांगे जाने के बाद उसने नौ जुलाई को एक्सईएन को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन उसे बाबू के पास भेज दिया गया।
बाबू ने उससे कहा कि सिर्फ प्रार्थना पत्र से कुछ नहीं होगा, खर्चे के लिए रकम देनी होगी। इसके बाद 17 जुलाई और 24 जुलाई को भी एक्सईएन को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उसे आरोपी बाबू अजीत के पास ही भेजा गया। मीरगंज और बरेली का चार्ज उसके पास ही है।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अजीत को एक्सईएन को दिए प्रार्थना पत्र तक का भय नहीं था। उनके कार्यालय से पत्र आने के बाद भी वह रिश्वत मांग रहा था। कार्यालय से ही जुड़े एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया है कि बाबू अजीत एक्सईएन के ही सारे कार्य देखता था। उसको एक्सईएन ही बरेली लेकर आए थे।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 88 हजार के बिल को आरोपी 35 हजार का कैसे करता था? इसका पता लगाने के लिए समिति को निर्देश दिए गए हैं। 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। संवाद