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अमेजन और फ्लिपकार्ट पर बिकेंगे जरी उत्पाद
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प्रोड्सर कंपनी बनाकर ओडीओपी को ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध कराने की योजना
स्वयं सहायता समूह की बनेगी कंपनी, केंद्र सरकार से आर्थिक मदद
बरेली। पिछले दिनों एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की रैंकिंग में फेल होने के बाद अब अफसरों ने योजना के बाबत कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को विकास भवन में अफसरों ने जरी के क्षेत्र में सराहनीय काम कर रहे स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की मीटिंग बुलाई। इसमें निदेशक हस्तशिल्प ने प्रोड्सर कंपनी बनाकर उत्पादन को ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी।
निदेशक हस्तशिल्प और सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के जरी जरदोजी के कारीगरों की एक प्रोड्यूसर कंपनी बनाई जाएगी, जिससे कि छोटे कारीगरों को उनके माल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। कंपनी की स्थापना के लिए एक लाख की अंशपूंजी समूह लगाएगा और पांच लाख भारत सरकार देगी। इसमें चार लाख रुपये बैंक के जीएम डीआईसी की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। कुल दस लाख की धनराशि कंपनी में निवेश होगी। कंपनी बनने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। बिक्री की पूरी धनराशि समूह को मिलेगी। इसके अलावा सीधे ग्राहक तक माल पहुंचाने के लिए कंपनी को ऑनलाइन फ्लिपकार्ट और अमेजन पर भी सेलर के रूप में रजिस्टर कराया जाएगा। ताकि समूह ऑनलाइन भी अपने उत्पाद को प्रदर्शित कर बेच सकें। स्थापना के बाद कंपनी के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस दौरान मौजूद एनआईएफटी के फैशन डिजाइनरों ने डिजाइनिंग संबंधी जानकारी दी। साथ ही सीए ने बैलेंस शीट के द्वारा कंपनी को होने वाले लाभ और हानि के विषय में बताया।
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स्वयं सहायता समूह की बनेगी कंपनी, केंद्र सरकार से आर्थिक मदद
बरेली। पिछले दिनों एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की रैंकिंग में फेल होने के बाद अब अफसरों ने योजना के बाबत कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को विकास भवन में अफसरों ने जरी के क्षेत्र में सराहनीय काम कर रहे स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की मीटिंग बुलाई। इसमें निदेशक हस्तशिल्प ने प्रोड्सर कंपनी बनाकर उत्पादन को ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी।
निदेशक हस्तशिल्प और सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के जरी जरदोजी के कारीगरों की एक प्रोड्यूसर कंपनी बनाई जाएगी, जिससे कि छोटे कारीगरों को उनके माल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। कंपनी की स्थापना के लिए एक लाख की अंशपूंजी समूह लगाएगा और पांच लाख भारत सरकार देगी। इसमें चार लाख रुपये बैंक के जीएम डीआईसी की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। कुल दस लाख की धनराशि कंपनी में निवेश होगी। कंपनी बनने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। बिक्री की पूरी धनराशि समूह को मिलेगी। इसके अलावा सीधे ग्राहक तक माल पहुंचाने के लिए कंपनी को ऑनलाइन फ्लिपकार्ट और अमेजन पर भी सेलर के रूप में रजिस्टर कराया जाएगा। ताकि समूह ऑनलाइन भी अपने उत्पाद को प्रदर्शित कर बेच सकें। स्थापना के बाद कंपनी के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस दौरान मौजूद एनआईएफटी के फैशन डिजाइनरों ने डिजाइनिंग संबंधी जानकारी दी। साथ ही सीए ने बैलेंस शीट के द्वारा कंपनी को होने वाले लाभ और हानि के विषय में बताया।
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