{"_id":"5dec170c8ebc3e1bf77483ae","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly387113568","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवास विकास की आवासीय कॉलोनी से गायब हो गई रिहायश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवास विकास की आवासीय कॉलोनी से गायब हो गई रिहायश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मकानों में शोरूम.. सड़क पर सीढ़ियां और पार्किंग
विज्ञापन
अफसरों की सांठगांठ से अब भी कई जगह किया जा रहा अवैध निर्माण
बरेली। आवास विकास परिषद के अधिकारियों और आंवटियों की सांठगांठ से राजेंद्रनगर आवासीय परियोजना से रिहायश तो गायब हो गई और उसकी जगह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, नर्सिंग होम, रेस्टोरेंट, स्कूल और दुकानें नजर आ रही हैं। सड़के भी कब्जाकर उन पर सीढ़ियां और पार्किंग बना दी गई हैं। राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, एकतानगर समेत कई जगह अब भी अवैध निर्माण हो रहे हैं।
आवासीय परियोजना के व्यावसायिक क्षेत्र में तब्दील होने के बावजूद आवास विकास के अधिकारी कभी-कभार इनकी सूची बनाकर कुछ आवंटियों को नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। किसी अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की हाल-फिलहाल कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। बता दें कि आवास विकास की विभिन्न योजनाओं में करीब चार हजार लोगों को आवास आवंटित हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से इन भवनों का आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत से व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में आवास विकास की दो बड़ी आवासीय योजनाएं राजेंद्रनगर और जनकपुरी में निर्धारित ले-आउट के विरुद्घ भवनों का निर्माण मनमाने तरीके से बदल कर भवनों का अवैध इस्तेमाल भी हो रहा है। राजेंद्रनगर में प्रभातनगर के सामने पुरानी रेललाइन से डेलापीर तिराहे की आरे करीब दर्जनभर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो गया है। डीडीपुरम चौराहे से शील चौराहा तक भी दोनों तरफ तमाम अवैध निर्माण हो गए हैं। वर्तमान में भी बहुत बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण आवासीय क्षेत्र में हो रहा है।
विज्ञापन
ध्वस्तीकरण के नाम पर कार्रवाई शून्य
राजेंद्रनगर रोड पर पुरानी रेल लाइन से डेलापीर रोड पर आवास विकास की आवासीय कालोनी में शॉपिंग कॉप्लेक्स, हॉस्पिटल, कई बुटीक सेंटर, हैंडलूम की दुकानें, कई नसिंग होम के निर्माण अवैध तरीके से करा लिए गए हैं। शील चौराहे से डीडीपुरम रोड पर आवास विकास के दफ्तर के पास भी कई जगहों पर जनकपुरी राजेंद्रनगर बिजली घर के आसपास भी तमाम आवंटी अपने आवासीय भवनों का व्यावसायिक प्रयोग कर रहे हैं। इसी तरह जनकपुरी गुरुद्वारा रोड पर भी तमाम कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, एक डेयरी का संचालन हो रहा है। शील चौराहा के पास भी आवास विकास के कई भवनों में दुकानें और रेस्टोरेंट, रेडीमेड की दुकानें बेधड़क चल रही हैं। आवास विकास की कई और आवासीय योजनाओं का भी यही हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
‘अवैध निर्माण और आवासीय भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले आवंटियों को नोटिस भेज गए हैं। आवंटियों ने अगर खुद अवैध निर्माण नहीं तोड़ा तो परिषद अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास परिषद
विज्ञापन
अफसरों की सांठगांठ से अब भी कई जगह किया जा रहा अवैध निर्माण बरेली। आवास विकास परिषद के अधिकारियों और आंवटियों की सांठगांठ से राजेंद्रनगर आवासीय परियोजना से रिहायश तो गायब हो गई और उसकी जगह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, नर्सिंग होम, रेस्टोरेंट, स्कूल और दुकानें नजर आ रही हैं। सड़के भी कब्जाकर उन पर सीढ़ियां और पार्किंग बना दी गई हैं। राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, एकतानगर समेत कई जगह अब भी अवैध निर्माण हो रहे हैं।
आवासीय परियोजना के व्यावसायिक क्षेत्र में तब्दील होने के बावजूद आवास विकास के अधिकारी कभी-कभार इनकी सूची बनाकर कुछ आवंटियों को नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। किसी अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की हाल-फिलहाल कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। बता दें कि आवास विकास की विभिन्न योजनाओं में करीब चार हजार लोगों को आवास आवंटित हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से इन भवनों का आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत से व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में आवास विकास की दो बड़ी आवासीय योजनाएं राजेंद्रनगर और जनकपुरी में निर्धारित ले-आउट के विरुद्घ भवनों का निर्माण मनमाने तरीके से बदल कर भवनों का अवैध इस्तेमाल भी हो रहा है। राजेंद्रनगर में प्रभातनगर के सामने पुरानी रेललाइन से डेलापीर तिराहे की आरे करीब दर्जनभर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो गया है। डीडीपुरम चौराहे से शील चौराहा तक भी दोनों तरफ तमाम अवैध निर्माण हो गए हैं। वर्तमान में भी बहुत बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण आवासीय क्षेत्र में हो रहा है।
विज्ञापन
ध्वस्तीकरण के नाम पर कार्रवाई शून्य
राजेंद्रनगर रोड पर पुरानी रेल लाइन से डेलापीर रोड पर आवास विकास की आवासीय कालोनी में शॉपिंग कॉप्लेक्स, हॉस्पिटल, कई बुटीक सेंटर, हैंडलूम की दुकानें, कई नसिंग होम के निर्माण अवैध तरीके से करा लिए गए हैं। शील चौराहे से डीडीपुरम रोड पर आवास विकास के दफ्तर के पास भी कई जगहों पर जनकपुरी राजेंद्रनगर बिजली घर के आसपास भी तमाम आवंटी अपने आवासीय भवनों का व्यावसायिक प्रयोग कर रहे हैं। इसी तरह जनकपुरी गुरुद्वारा रोड पर भी तमाम कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, एक डेयरी का संचालन हो रहा है। शील चौराहा के पास भी आवास विकास के कई भवनों में दुकानें और रेस्टोरेंट, रेडीमेड की दुकानें बेधड़क चल रही हैं। आवास विकास की कई और आवासीय योजनाओं का भी यही हाल है।
विज्ञापन
‘अवैध निर्माण और आवासीय भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले आवंटियों को नोटिस भेज गए हैं। आवंटियों ने अगर खुद अवैध निर्माण नहीं तोड़ा तो परिषद अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास परिषद