{"_id":"5dc479418ebc3e5b66093c7e","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3831150195","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीबी मुक्त भारत के लिए रुहेलखंड विवि की पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीबी मुक्त भारत के लिए रुहेलखंड विवि की पहल
Fri, 08 Nov 2019 06:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 06:01 AM IST
विज्ञापन
टीबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की पहल पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने टीबी मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय में फार्मेसी विभाग के शिक्षकों ने डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया है। इसकी मदद से विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्रों एवं अफसर तक 90 टीबीग्रस्त बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आयोजन में शामिल सभी समर्थ लोगों से एक-एक टीबीग्रस्त बच्चे को गोद लेकर उसकी देखभाल करने की अपील की थी।
विज्ञापन
राज्यपाल की पहल पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय में फार्मेसी विभाग के एसोसिएट प्रोफसर डॉ. अमित वर्मा ने सोशल साइट्स फेसबुक, ट्वीटर और व्हाटसऐप के जरिये ‘जीरो टीबी एडॉप्ट पेशेंट’ नाम से प्लेटफार्म तैयार किया है। इसके जरिये समाज के समर्थ लोगों एवं अफसरों को एक-एक बच्चे को गोद लेने की अपील की जा रही है। फार्म भरने के बाद लोगों की सहमति मिल जाती है तो उनके साथ टीबीग्रस्त बच्चे की जानकारी साझा की जाती है और फिर वे उसकी देखभाल करते हैं।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय समेत 90 लोग अब तक इतने ही टीबीग्रस्त बच्चे गोद ले चुके हैं। डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं।