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साहब! रेल लाइन के बराबर ठीक नहीं रहेगा पटाखा बाजार.. बाकी आप जानें
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बरेली। पुलिस का मानना है कि सुभाषनगर में रेल लाइन के किनारे पुरानी जगह पर पटाखा बाजार लगाना सुरक्षित नहीं रहेगा। अमृतसार में पिछले साल हुए हादसे का जिक्र करते हुए पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कोई भी हादसा होने की स्थिति में यहां बचाव के काम कर पाना मुश्किल होगा। मंगलवार को पुलिस अपनी रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर में भेज देगी। उधर, पटाखा कारोबारी लगातार कोशिश कर रहे हैं कि पुरानी जगह पर ही बाजार लगाने की इस बार भी अनुमति मिल जाए। पिछले साल भी पुलिस के यहां पटाखा बाजार को असुरक्षित बताए जाने के बावजूद अफसरों ने ऐन मौके पर अनुमति दे दी थी।
सुभाषनगर में खन्ना बिल्डिंग के सामने रेलवे लाइन के बराबर में कई सालों से पटाखा बाजार लगता आ रहा है। पिछले साल अमृतसर में रेल लाइन किनारे आतिशबाजी के दौरान मची भगदड़ के बाद तमाम लोगों के ट्रेन से कट जाने की घटना के बाद पुलिस ने दिवाली से पहले सुभाषनगर के पटाखा बाजार को भी असुरक्षित बताते हुए प्रशासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने इस रिपोर्ट के आधार पर पहले तो पटाखा बाजार लगाने की अनुमति देने से इनकार किया लेकिन पटाखा कारोबारियों के काफी दबाव बनाने के बाद ऐन मौके पर अनुमति दे दी थी। इस बार भी सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने अमृतसर हादसे का जिक्र करते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
सूत्रों के मुताबिक सुभाषनगर चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह ने पटाखा बजार के संबंध में रिपोर्ट बनाकर इंस्पेक्टर के सुपुर्द कर दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पटाखा बाजार की मौजूदा जगह कोई भी हादसा होने की स्थिति में काफी असुरक्षित साबित हो सकती है। रेल पटरी बराबर में होने के कारण ऐसी स्थिति में वहां दमकल की गाड़ियां पहुंचने और बचाव के काम करने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में इस जगह पर पटाखा बाजार लगाने की अनुमति देना ठीक नहीं रहेगा। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि मंगलवार को यह रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को भेज दी जाएगी।
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बंद पड़ी नेकपुर चीनी मिल में पटाखा बाजार लगवाने का सुझाव
पुलिस की रिपोर्ट में यह सुझाव भी दिया गया है कि रेल लाइन किनारे पटाखा बाजार लगवाने के बजाय अगर नेकपुर चीनी मिल के खाली पड़े मैदान में लगाया जाए तो किसी घटना की स्थिति में नुकसान की गुंजाइश न के बराबर होगी। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि नेकपुर मिल का मैदान ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन आगे प्रशासनिक अधिकारियों को ही निर्णय लेना है कि वह कहां पटाखा बाजार लगाना ज्यादा उचित समझते हैं। जैसा आदेश होगा, पुलिस उसी के मुताबिक सुरक्षा बंदोबस्त मुहैया करा देगी।
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सुभाषनगर में खन्ना बिल्डिंग के सामने रेलवे लाइन के बराबर में कई सालों से पटाखा बाजार लगता आ रहा है। पिछले साल अमृतसर में रेल लाइन किनारे आतिशबाजी के दौरान मची भगदड़ के बाद तमाम लोगों के ट्रेन से कट जाने की घटना के बाद पुलिस ने दिवाली से पहले सुभाषनगर के पटाखा बाजार को भी असुरक्षित बताते हुए प्रशासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने इस रिपोर्ट के आधार पर पहले तो पटाखा बाजार लगाने की अनुमति देने से इनकार किया लेकिन पटाखा कारोबारियों के काफी दबाव बनाने के बाद ऐन मौके पर अनुमति दे दी थी। इस बार भी सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने अमृतसर हादसे का जिक्र करते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
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सूत्रों के मुताबिक सुभाषनगर चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह ने पटाखा बजार के संबंध में रिपोर्ट बनाकर इंस्पेक्टर के सुपुर्द कर दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पटाखा बाजार की मौजूदा जगह कोई भी हादसा होने की स्थिति में काफी असुरक्षित साबित हो सकती है। रेल पटरी बराबर में होने के कारण ऐसी स्थिति में वहां दमकल की गाड़ियां पहुंचने और बचाव के काम करने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में इस जगह पर पटाखा बाजार लगाने की अनुमति देना ठीक नहीं रहेगा। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि मंगलवार को यह रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को भेज दी जाएगी।
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बंद पड़ी नेकपुर चीनी मिल में पटाखा बाजार लगवाने का सुझाव
पुलिस की रिपोर्ट में यह सुझाव भी दिया गया है कि रेल लाइन किनारे पटाखा बाजार लगवाने के बजाय अगर नेकपुर चीनी मिल के खाली पड़े मैदान में लगाया जाए तो किसी घटना की स्थिति में नुकसान की गुंजाइश न के बराबर होगी। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि नेकपुर मिल का मैदान ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन आगे प्रशासनिक अधिकारियों को ही निर्णय लेना है कि वह कहां पटाखा बाजार लगाना ज्यादा उचित समझते हैं। जैसा आदेश होगा, पुलिस उसी के मुताबिक सुरक्षा बंदोबस्त मुहैया करा देगी।