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पुलों और ट्यूबवेल से जुड़े मामलों की हर हफ्ते होगी समन्वय बैठक
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बरेली। सेतु निगम के अटके प्रोजेक्ट और सरकारी ट्यूबवेल के खराब होने का मामला गुरुवार को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने उठा था। प्रभारी मंत्री इस बात से नाराज हुए थे कि विभागों के बीच समन्वय न होने से कई महत्वपूर्ण प्रोेजेक्ट या तो फंस गए हैं या फिर वह काफी धीमी गति से चल रहे हैं। प्रशासन ने तय किया है कि हफ्ते में दो दिन अलग-अलग विभागों की बैठक कराकर ऐसे मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में पावर कारपोरेशन और नलकूप विभागों के अधिकारियों की शिकायत विधायकों ने की थी। विधायकों ने कहा था कि बिजली कनेक्शन न होने से कई जगह ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं तो कहीं ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। प्रभारी मंत्री ने दोनों ही विभागों के बीच समन्वय न होने पर नाराजगी जताई थी। इसी तरह सेतु निगम और पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के बीच भी समन्वय न होने से सेटेलाइट और नकटिया पर बिजली लाइन शिफ्ट न हो पाने की दिक्कत सामने आई थी। यहां भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी उजागर हुई। प्रभारी मंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने यह तय किया है कि सेतु निगम व नलकूप व उससे जुड़े विभागों की बैठक हर हफ्ते बुधवार और गुरुवार को तय की गई है। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि पहले बैठकों को नियमित किया जाएगा ताकि समन्वय की कमी से कोई प्रोजेक्ट अटकने न पाएं।
मनेरगा के कामों की भी टीमें बनाकर होगी जांच
मनरेगा में खेतों के समतलीकरण के नाम पर गोलमाल होने का मामला भी प्रभारी मंत्री के सामने उजागर हुआ था। इसमें डीसी मनरेगा गंगाराम के खिलाफ जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। डीएम ने सीडीओ से टास्क टीमें बनाकर ब्लॉकवार जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीसी मनरेगा से यह रिकार्ड भी मांगा गया है कि किन खेतों के समतलीकरण में कितना काम हुआ है और इस पर कितनी बजट खर्च हुआ है।
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प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में पावर कारपोरेशन और नलकूप विभागों के अधिकारियों की शिकायत विधायकों ने की थी। विधायकों ने कहा था कि बिजली कनेक्शन न होने से कई जगह ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं तो कहीं ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। प्रभारी मंत्री ने दोनों ही विभागों के बीच समन्वय न होने पर नाराजगी जताई थी। इसी तरह सेतु निगम और पावर कारपोरेशन के अधिकारियों के बीच भी समन्वय न होने से सेटेलाइट और नकटिया पर बिजली लाइन शिफ्ट न हो पाने की दिक्कत सामने आई थी। यहां भी संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी उजागर हुई। प्रभारी मंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने यह तय किया है कि सेतु निगम व नलकूप व उससे जुड़े विभागों की बैठक हर हफ्ते बुधवार और गुरुवार को तय की गई है। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि पहले बैठकों को नियमित किया जाएगा ताकि समन्वय की कमी से कोई प्रोजेक्ट अटकने न पाएं।
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मनेरगा के कामों की भी टीमें बनाकर होगी जांच
मनरेगा में खेतों के समतलीकरण के नाम पर गोलमाल होने का मामला भी प्रभारी मंत्री के सामने उजागर हुआ था। इसमें डीसी मनरेगा गंगाराम के खिलाफ जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। डीएम ने सीडीओ से टास्क टीमें बनाकर ब्लॉकवार जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीसी मनरेगा से यह रिकार्ड भी मांगा गया है कि किन खेतों के समतलीकरण में कितना काम हुआ है और इस पर कितनी बजट खर्च हुआ है।
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