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गनीमत है कि नहीं आती रोडवेज की सभी बसें....
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बदायूं। शहर के रोडवेज बस स्टैंड का कुछ ऐसा हाल है कि यहां पर 20-25 बसें तक खड़ी होना मुश्किल है। अगर दो-चार बसें और आ जाएं तो स्टैंड परिसर छोटा पड़ जाता है। गनीमत तो यह है कि रोडवेज की बसें अपने-अपने रूट पर दौड़ती रहती हैं। इससे स्टैंड आने वाली बसों को जगह मिल जाती है। अन्यथा दो-चार बसें बढ़ते ही चौराहे पर जाम लग जाता है और फिर बसों को स्टैंड परिसर में खड़ा होना मुश्किल हो जाता है।
परिवहन निगम के पास बदायूं डिपो की कुल 164 बसें हैं। इनमें करीब 60 बसें दिल्ली रूट पर चल रहीं हैं। बाकी बरेली, मुरादाबाद, बिसौली, फर्रुखाबाद और कासगंज, आगरा रूट पर लगाई गई हैं। दिल्ली रूट पर बसें इसलिए अधिक लगाई गईं हैं क्योंकि इस रूट पर बदायूं से दिल्ली के लिए कोई ट्रेन की सुविधा नहीं है, जबकि दिल्ली रूट पर लोगों का सबसे अधिक आना-जाना लगा रहता है। इससे दिल्ली की बसें कम देर के लिए खड़ी होती हैं। बाकी आसपास के जिलों को आने जाने वाली बसों को समय लगता है। उन्हें यात्रियों को बैठाने और एकत्र करने में देर लगती है। कभी-कभी इससे स्टैंड परिसर में लोगों को निकलने के लिए जगह तक नहीं बचती है। रोडवेज वर्कशॉप भी स्टैंड परिसर के पीछे है। वर्कशॉप आने-जाने वाली बसें स्टैंड परिसर से होकर गुजरती हैं। कभी-कभी उन्हें भी वर्कशॉप जाने के लिए जगह नहीं मिलती। उन्हें चौराहे या पुलिस लाइन के आसपास घंटों इंतजार करना पड़ता है।
वो तो गनीमत है कि रोडवेज की सभी बसें नहीं आती। नहीं तो स्टैंड परिसर से लेकर रोडवेज चौराहा, पुलिस लाइन चौराहे तक और इधर आंबेडकर पार्क तक की जगह कम पड़ जाएगी। हालांकि नए वर्कशॉप का निर्माण चल रहा है, लेकिन तब तक के लिए स्टैंड परिसर के हालात ऐसे ही रहने वाले लग रहे हैं।
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वर्कशॉप शिफ्ट हो तो बने बात
- रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण दातागंज मार्ग पर गुरुकुल के सामने हो रहा है। परिवहन निगम स्वयं पांच करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण करा रहा है। अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है। निर्माण होने के बाद जैसे ही वर्कशॉप शिफ्ट होगी, तभी स्टैंड परिसर में राहत महसूस होगी। कम से कम मरम्मत को आने वाली बसें यहां नहीं आएंगी। वह सीधे वर्कशॉप पहुंचेंगी। इससे रोडवेज बस स्टैंड पर जाम नहीं लगेगा।
यह है बसों का स्टाफ
-परिवहन निगम के पास इस समय 45 नियमित चालक हैं, जबकि संविदा चालक 223 हैं। नियमित परिचालक 43 और संविदा के परिचालक 233 हैं। सभी की किलोमीटर के हिसाब से ड्यूटी लगी है।
यह रोडवेज स्टैंड अभी का नहीं बना है। इसलिए वर्कशॉप के लिए दातागंज मार्ग पर जमीन खरीदी गई है और उस पर निर्माण चल रहा है। अब अधिक समय नहीं लगेगा। कुछ निर्माण हो चुका है, कुछ रह गया है। उसे पूरा करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद वर्कशॉप उधर शिफ्ट कर दिया जाएगा, जिसके बाद काफी जगह होगी।
राजेश कुमार, एआरएम
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परिवहन निगम के पास बदायूं डिपो की कुल 164 बसें हैं। इनमें करीब 60 बसें दिल्ली रूट पर चल रहीं हैं। बाकी बरेली, मुरादाबाद, बिसौली, फर्रुखाबाद और कासगंज, आगरा रूट पर लगाई गई हैं। दिल्ली रूट पर बसें इसलिए अधिक लगाई गईं हैं क्योंकि इस रूट पर बदायूं से दिल्ली के लिए कोई ट्रेन की सुविधा नहीं है, जबकि दिल्ली रूट पर लोगों का सबसे अधिक आना-जाना लगा रहता है। इससे दिल्ली की बसें कम देर के लिए खड़ी होती हैं। बाकी आसपास के जिलों को आने जाने वाली बसों को समय लगता है। उन्हें यात्रियों को बैठाने और एकत्र करने में देर लगती है। कभी-कभी इससे स्टैंड परिसर में लोगों को निकलने के लिए जगह तक नहीं बचती है। रोडवेज वर्कशॉप भी स्टैंड परिसर के पीछे है। वर्कशॉप आने-जाने वाली बसें स्टैंड परिसर से होकर गुजरती हैं। कभी-कभी उन्हें भी वर्कशॉप जाने के लिए जगह नहीं मिलती। उन्हें चौराहे या पुलिस लाइन के आसपास घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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वो तो गनीमत है कि रोडवेज की सभी बसें नहीं आती। नहीं तो स्टैंड परिसर से लेकर रोडवेज चौराहा, पुलिस लाइन चौराहे तक और इधर आंबेडकर पार्क तक की जगह कम पड़ जाएगी। हालांकि नए वर्कशॉप का निर्माण चल रहा है, लेकिन तब तक के लिए स्टैंड परिसर के हालात ऐसे ही रहने वाले लग रहे हैं।
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वर्कशॉप शिफ्ट हो तो बने बात
- रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण दातागंज मार्ग पर गुरुकुल के सामने हो रहा है। परिवहन निगम स्वयं पांच करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण करा रहा है। अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है। निर्माण होने के बाद जैसे ही वर्कशॉप शिफ्ट होगी, तभी स्टैंड परिसर में राहत महसूस होगी। कम से कम मरम्मत को आने वाली बसें यहां नहीं आएंगी। वह सीधे वर्कशॉप पहुंचेंगी। इससे रोडवेज बस स्टैंड पर जाम नहीं लगेगा।
यह है बसों का स्टाफ
-परिवहन निगम के पास इस समय 45 नियमित चालक हैं, जबकि संविदा चालक 223 हैं। नियमित परिचालक 43 और संविदा के परिचालक 233 हैं। सभी की किलोमीटर के हिसाब से ड्यूटी लगी है।
यह रोडवेज स्टैंड अभी का नहीं बना है। इसलिए वर्कशॉप के लिए दातागंज मार्ग पर जमीन खरीदी गई है और उस पर निर्माण चल रहा है। अब अधिक समय नहीं लगेगा। कुछ निर्माण हो चुका है, कुछ रह गया है। उसे पूरा करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद वर्कशॉप उधर शिफ्ट कर दिया जाएगा, जिसके बाद काफी जगह होगी।
राजेश कुमार, एआरएम