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आयुष्मान कार्ड पर इलाज न करने वाले अस्पतालों ने दिया स्पष्टीकरण
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बरेली। आयुष्मान कार्ड पर इलाज न मिलने के कारण एक बुजुर्ग की मौत हो जाने के मामले की जांच के लिए सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने तीन सदस्यीय टीम बना दी है। मामले में मृतक के परिवार ने बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से भी शिकायत की थी। इसके साथ ही एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने इलाज न देने वाले तीनों अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन से मामले को लेकर स्पष्टीकरण लिया। सीएमओ ने बताया कि किसी ने डॉक्टर न होने तो किसी ने पैर फ्रैक्चर होने की बात की।
प्रेमनगर क्षेत्र के दीवान खाना निवासी 70 वर्षीय मतलूव की इलाज न मिलने के कारण बुधवार सुबह तड़के घर पर मौत हो गई थी। उनकी बेटी नाजिया ने बताया था कि मंगलवार शाम तबियत बिगड़ने के बाद परिवार उन्हें लेकर तीन अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज तक गया था। लेकिन आयुष्मान कार्ड देखकर किसी ने उनका इलाज नहीं किया। सबने बहाने बनाकर टाल दिया। गरीब परिवार बुजुर्ग को लेकर घर लौट आया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत सीएमओ के साथ बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री से भी की थी। उन्होंने सीएमओ को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इस पर सीएमओ ने बृहस्पतिवार को ही जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई। टीम में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार, आयुष्मान कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुराग अग्रवाल और ग्रीवांस रिड्रेसल मैनेजर रहेंगे।
इसके साथ ही एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम शुक्रवार को सभी अस्पतालों के प्रबंधन से स्पष्टीकरण लेने पहुंचे। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि मिशन अस्पताल के प्रबंधन ने स्पष्टीकरण में कहा की उनके डॉक्टर छुट्टी पर थे। इसके चलते मरीज को देखा नहीं जा सका। सरन अस्पताल के प्रबंधन ने डॉक्टर के पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही। बताया कि इसके कारण वह किसी अन्य मरीज को भी नहीं देख सके। वहीं एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने इलाज शुरू कर दिया था। लेकिन बुजुर्ग की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कहीं और ले जाने की बात कही गई थी।
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प्रेमनगर क्षेत्र के दीवान खाना निवासी 70 वर्षीय मतलूव की इलाज न मिलने के कारण बुधवार सुबह तड़के घर पर मौत हो गई थी। उनकी बेटी नाजिया ने बताया था कि मंगलवार शाम तबियत बिगड़ने के बाद परिवार उन्हें लेकर तीन अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज तक गया था। लेकिन आयुष्मान कार्ड देखकर किसी ने उनका इलाज नहीं किया। सबने बहाने बनाकर टाल दिया। गरीब परिवार बुजुर्ग को लेकर घर लौट आया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत सीएमओ के साथ बृहस्पतिवार को प्रभारी मंत्री से भी की थी। उन्होंने सीएमओ को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इस पर सीएमओ ने बृहस्पतिवार को ही जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई। टीम में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार, आयुष्मान कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुराग अग्रवाल और ग्रीवांस रिड्रेसल मैनेजर रहेंगे।
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इसके साथ ही एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम शुक्रवार को सभी अस्पतालों के प्रबंधन से स्पष्टीकरण लेने पहुंचे। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि मिशन अस्पताल के प्रबंधन ने स्पष्टीकरण में कहा की उनके डॉक्टर छुट्टी पर थे। इसके चलते मरीज को देखा नहीं जा सका। सरन अस्पताल के प्रबंधन ने डॉक्टर के पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही। बताया कि इसके कारण वह किसी अन्य मरीज को भी नहीं देख सके। वहीं एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने इलाज शुरू कर दिया था। लेकिन बुजुर्ग की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें कहीं और ले जाने की बात कही गई थी।
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