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Bareilly News: हालात कर रहे इशारा...धोखे में मारा गया शिवचंद्र
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मंदिर पर कब्जा जमाने के लिए दूसरे साधु के पीछे पड़े थे हमलावर
फरीदपुर। काली मंदिर परिसर में दो साधुओं के बीच तनातनी चल रही है। यहां के एक साधु पर कई बार हमले कराए गए, पर वह किस्मत से बचते रहे। उन्होंने एसएसपी को ये बातें बताईं। अब इसी वजह से शिवचंद्र की हत्या होने की आशंका है।
मंदिर में दो कमरे बने हैं। दोनों में अलग-अलग दो साधु रहते हैं। एक कमरे में रहने वाले अमित गिरि ने बताया कि मंदिर पर पूर्ण अधिकार जमाने के लिए दूसरा साधु उनको रास्ते से हटाना चाहता था। इसके लिए उसने कई बार रात में हमले करवाए, पर वह बचते गए। बुधवार शाम अमित गिरि पंचेश्वरनाथ मंदिर पर सोने चले गए। वहीं, पहली बार काली मंदिर पहुंचे साधु शिवचंद्र गिरि उनकी जगह सो गए। आशंका जताई जा रही है कि शायद इसी धोखे में शिवचंद्र गिरि की हत्या कर दी गई।
अमित गिरि ने एसएसपी को बताया कि शिवचंद्र गिरि को इलाके में कोई नहीं जानता था। वह दस दिन पहले ही पचौमी गांव पहुंचे थे और बुधवार रात पहली बार काली मंदिर पर सोने चले गए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तीन ईंटें व डंडे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि काली मंदिर पर रहने वाला दूसरा साधु कई दिनों से मंदिर पर नहीं पहुंचा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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बिखरा पड़ा था सामान, मोबाइल भी ले गए
साधु की हत्या के बाद पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो देखा कि उनके थैले में रखीं डायरियां व कुछ अन्य कागज, उनके पासपोर्ट साइज फोटो, चिमटा और दस रुपये का नोट सहित सारा सामान बिखरा पड़ा था। शव से काफी दूर कवर पड़ा था, लेकिन मोबाइल फोन गायब था। पुलिस टीम ने कई चीजें कब्जे में ले लीं।
18 साल पहले डकैती के दौरान हुई थी तीन साधुओं की हत्या
पचौमी के ग्रामीणों के अनुसार गांव का मंदिर पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व का है। पांडवों के बनाए गए पंचेश्वरनाथ मंदिर पर अब से 18 वर्ष पहले कई साधु-संत रहते थे। उस दौरान मंदिर पर डकैती पड़ी थी, जिसमें तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी। तब खौफ में कई साधु यहां से चले गए थे।
श्मशान भूमि पर हुई थी साधु की हत्या
मोहल्ला परा स्थित श्मशान भूमि पर दो साधु रहते थे। श्मशान भूमि पर कब्जे को लेकर डेढ़ साल पहले एक ने दूसरे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्यारोपी दूसरे साधु को जेल भेजा था। आरोपी साधु की भी जेल में मौत हो चुकी है। संवाद
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साधु की हत्या के मामले में चोरी व लूट आदि की स्थिति नहीं मिली है। हत्या किसी कहासुनी या रंजिश की वजह से हुई लग रही है। ये भी संभव है कि किसी और से रंजिश निकालने आए लोगों ने धोखे से इस साधु की हत्या कर दी हो। दो टीम लगाई गई हैं। जल्दी ही खुलासा कर दिया जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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फरीदपुर। काली मंदिर परिसर में दो साधुओं के बीच तनातनी चल रही है। यहां के एक साधु पर कई बार हमले कराए गए, पर वह किस्मत से बचते रहे। उन्होंने एसएसपी को ये बातें बताईं। अब इसी वजह से शिवचंद्र की हत्या होने की आशंका है।
मंदिर में दो कमरे बने हैं। दोनों में अलग-अलग दो साधु रहते हैं। एक कमरे में रहने वाले अमित गिरि ने बताया कि मंदिर पर पूर्ण अधिकार जमाने के लिए दूसरा साधु उनको रास्ते से हटाना चाहता था। इसके लिए उसने कई बार रात में हमले करवाए, पर वह बचते गए। बुधवार शाम अमित गिरि पंचेश्वरनाथ मंदिर पर सोने चले गए। वहीं, पहली बार काली मंदिर पहुंचे साधु शिवचंद्र गिरि उनकी जगह सो गए। आशंका जताई जा रही है कि शायद इसी धोखे में शिवचंद्र गिरि की हत्या कर दी गई।
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अमित गिरि ने एसएसपी को बताया कि शिवचंद्र गिरि को इलाके में कोई नहीं जानता था। वह दस दिन पहले ही पचौमी गांव पहुंचे थे और बुधवार रात पहली बार काली मंदिर पर सोने चले गए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तीन ईंटें व डंडे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि काली मंदिर पर रहने वाला दूसरा साधु कई दिनों से मंदिर पर नहीं पहुंचा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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बिखरा पड़ा था सामान, मोबाइल भी ले गए
साधु की हत्या के बाद पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो देखा कि उनके थैले में रखीं डायरियां व कुछ अन्य कागज, उनके पासपोर्ट साइज फोटो, चिमटा और दस रुपये का नोट सहित सारा सामान बिखरा पड़ा था। शव से काफी दूर कवर पड़ा था, लेकिन मोबाइल फोन गायब था। पुलिस टीम ने कई चीजें कब्जे में ले लीं।
18 साल पहले डकैती के दौरान हुई थी तीन साधुओं की हत्या
पचौमी के ग्रामीणों के अनुसार गांव का मंदिर पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व का है। पांडवों के बनाए गए पंचेश्वरनाथ मंदिर पर अब से 18 वर्ष पहले कई साधु-संत रहते थे। उस दौरान मंदिर पर डकैती पड़ी थी, जिसमें तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी। तब खौफ में कई साधु यहां से चले गए थे।
श्मशान भूमि पर हुई थी साधु की हत्या
मोहल्ला परा स्थित श्मशान भूमि पर दो साधु रहते थे। श्मशान भूमि पर कब्जे को लेकर डेढ़ साल पहले एक ने दूसरे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्यारोपी दूसरे साधु को जेल भेजा था। आरोपी साधु की भी जेल में मौत हो चुकी है। संवाद
साधु की हत्या के मामले में चोरी व लूट आदि की स्थिति नहीं मिली है। हत्या किसी कहासुनी या रंजिश की वजह से हुई लग रही है। ये भी संभव है कि किसी और से रंजिश निकालने आए लोगों ने धोखे से इस साधु की हत्या कर दी हो। दो टीम लगाई गई हैं। जल्दी ही खुलासा कर दिया जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी