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छात्रा ने माना- 'हां फिरौती मांगने वाले वीडियो में मैं ही हूं'
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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के मामले में जेल भेजी गई एलएलएम की छात्रा ने एसआईटी के सामने स्वीकार कर लिया है कि जिस गाड़ी में पांच करोड़ की फिरौती वाला मेसेज भेजे जाने को लेकर चर्चा का वीडियो सामने आया है, उसमें वह मौजूद है। बोलने वालों में उसकी भी आवाज है। छात्रा के यह स्वीकार करने के बाद एसआईटी ने उसे बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
एसआईटी की टीम में शामिल आईपीएस भारती सिंह ने बताया कि फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी संजय सिंह, सचिन उर्फ सोनू , विक्रम को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सचिन और विक्रम ने रिमांड पर लेने पर बताया कि फिरौती मामले में छात्रा की प्रमुख भूमिका है। वहीं फोरेंसिक लैब से जांच के बाद वीडियो क्लिप मिलने पर छात्रा को दिखाया गया, जिसमें वह फर्जी सिम का प्रयोग कर व्हाट्सऐप के माध्यम से चिन्मयानंद से फिरौती मांगने की बात अपने साथी संजय, सचिन, विक्रम के बीच कर रही है। उस क्लिप को देखकर उसने एसआईटी के सामने फिरौती मांगने की बात कुबूल कर ली। इसके साथ ही कई टोल टैक्स बैरियर पर उनकी उपस्थिति, होटलों में उनकी एक साथ उपस्थिति व सीडीआर के संबंध में भी पुख्ता साक्ष्य संकलित किए गए। बुधवार को इन्हीं साक्ष्यों को लेकर एसआईटी ने छात्रा के घर पर पहुंचकर दोबारा पूछताछ की और फिरौती मांगे जाने वाला वीडियो भी दिखाया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने छात्रा को हिरासत में ले लिया। मेडिकल कराया और न्यायालय में पेश किया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए सात अक्तूबर का रिमांड स्वीकार किया। इसके बाद छात्रा का नियमानुसार जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया।
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एसआईटी की टीम में शामिल आईपीएस भारती सिंह ने बताया कि फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी संजय सिंह, सचिन उर्फ सोनू , विक्रम को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सचिन और विक्रम ने रिमांड पर लेने पर बताया कि फिरौती मामले में छात्रा की प्रमुख भूमिका है। वहीं फोरेंसिक लैब से जांच के बाद वीडियो क्लिप मिलने पर छात्रा को दिखाया गया, जिसमें वह फर्जी सिम का प्रयोग कर व्हाट्सऐप के माध्यम से चिन्मयानंद से फिरौती मांगने की बात अपने साथी संजय, सचिन, विक्रम के बीच कर रही है। उस क्लिप को देखकर उसने एसआईटी के सामने फिरौती मांगने की बात कुबूल कर ली। इसके साथ ही कई टोल टैक्स बैरियर पर उनकी उपस्थिति, होटलों में उनकी एक साथ उपस्थिति व सीडीआर के संबंध में भी पुख्ता साक्ष्य संकलित किए गए। बुधवार को इन्हीं साक्ष्यों को लेकर एसआईटी ने छात्रा के घर पर पहुंचकर दोबारा पूछताछ की और फिरौती मांगे जाने वाला वीडियो भी दिखाया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने छात्रा को हिरासत में ले लिया। मेडिकल कराया और न्यायालय में पेश किया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए सात अक्तूबर का रिमांड स्वीकार किया। इसके बाद छात्रा का नियमानुसार जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया।
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