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Bareilly News: डिहाइड्रेशन, सूखी खांसी से बच्चे परेशान, एलर्जी की दवा खत्म
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बरेली। तप रहा पारा बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। रविवार को शहर समेत देहात के स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य स्वास्थ्य मेला में 576 बच्चे इलाज को पहुंचे। ज्यादातर डिहाइड्रेशन और सूखी खांसी के चपेट में रहे। वहीं, कई स्वास्थ्य केंद्रों पर एलर्जी की दवा खत्म थी।
फरीदपुर सीएचसी समेत संबद्ध स्वास्थ्य केंद्रों पर दिन भर में दो सौ लोग इलाज को पहुंचे। इसमें 70 बच्चों में डायरिया के संदिग्ध लक्षण थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक गर्मी में जरा सी लापरवाही बच्चों को बीमार बना रही है। वहीं, जिन बच्चों में निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन की समस्या थी, उन्हें ओआरएस के पैकेट समेत संबंधित दवाएं दी गईं। केंद्र पर बच्चों का नियमित टीकाकरण भी हुआ। बच्चों के अलावा कई बड़े भी पेट संबंधी रोगों के चपेट में रहे। उल्टी, दस्त, सिर चकराने, शरीर में दर्द, खांसी और जुकाम की समस्या से ग्रसित थे।
सिविल लाइंस स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर 54 मरीज इलाज को पहुंचे थे। इसमें 17 बच्चे और किशोर रहे, जो बुखार से तप रहे थे। वहीं, अन्य मरीजों में ज्यादातर त्वचा रोग की चपेट में रहे। उन्हें फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए एंटी फंगल क्रीम, एंटीबायोटिक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
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25 मरीज हायर सेंटर किए गए रेफर
स्वास्थ्य केंद्रों से इलाज को पहुंचे गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। इसमें छह मरीज मेडिकल ट्रीटमेंट, नौ मरीज आंख की सर्जरी व नौ गर्भवती गायनी सर्जरी के लिए और एक अन्य मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया। नौ महिलाएं खून की कमी की चपेट में रहीं और बच्चों की जांच में सात बच्चे कुपोषित रहे। कुछ लोग कई दिन से खांसी से पीड़ित थे। इनमें से 16 लोग संदिग्ध टीबी रोगी मिले।
बुखार से तप रहे थे 292 रोगी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार केंद्रों पर इलाज के लिए बुखार के 292 मरीज पहुंचे। लक्षण के आधार पर उनकी कोविड, हेपेटाइटिस, डेंगू आदि की अलग-अलग जांच कराई गई पर रिपोर्ट निगेटिव मिली। मलेरिया संदिग्ध 59 मरीजों की जांच में तीन पॉजिटिव मिले हैं। अन्य सभी वायरल बुखार के चपेट में रहे, जिन्हें दवाएं दी गईं। 272 की एएनसी जांच हुई थी। मेले में रविवार को 3846 मरीजों को डॉक्टरों ने परामर्श दिया।
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फरीदपुर सीएचसी समेत संबद्ध स्वास्थ्य केंद्रों पर दिन भर में दो सौ लोग इलाज को पहुंचे। इसमें 70 बच्चों में डायरिया के संदिग्ध लक्षण थे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक गर्मी में जरा सी लापरवाही बच्चों को बीमार बना रही है। वहीं, जिन बच्चों में निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन की समस्या थी, उन्हें ओआरएस के पैकेट समेत संबंधित दवाएं दी गईं। केंद्र पर बच्चों का नियमित टीकाकरण भी हुआ। बच्चों के अलावा कई बड़े भी पेट संबंधी रोगों के चपेट में रहे। उल्टी, दस्त, सिर चकराने, शरीर में दर्द, खांसी और जुकाम की समस्या से ग्रसित थे।
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सिविल लाइंस स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर 54 मरीज इलाज को पहुंचे थे। इसमें 17 बच्चे और किशोर रहे, जो बुखार से तप रहे थे। वहीं, अन्य मरीजों में ज्यादातर त्वचा रोग की चपेट में रहे। उन्हें फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए एंटी फंगल क्रीम, एंटीबायोटिक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
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25 मरीज हायर सेंटर किए गए रेफर
स्वास्थ्य केंद्रों से इलाज को पहुंचे गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। इसमें छह मरीज मेडिकल ट्रीटमेंट, नौ मरीज आंख की सर्जरी व नौ गर्भवती गायनी सर्जरी के लिए और एक अन्य मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया। नौ महिलाएं खून की कमी की चपेट में रहीं और बच्चों की जांच में सात बच्चे कुपोषित रहे। कुछ लोग कई दिन से खांसी से पीड़ित थे। इनमें से 16 लोग संदिग्ध टीबी रोगी मिले।
बुखार से तप रहे थे 292 रोगी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार केंद्रों पर इलाज के लिए बुखार के 292 मरीज पहुंचे। लक्षण के आधार पर उनकी कोविड, हेपेटाइटिस, डेंगू आदि की अलग-अलग जांच कराई गई पर रिपोर्ट निगेटिव मिली। मलेरिया संदिग्ध 59 मरीजों की जांच में तीन पॉजिटिव मिले हैं। अन्य सभी वायरल बुखार के चपेट में रहे, जिन्हें दवाएं दी गईं। 272 की एएनसी जांच हुई थी। मेले में रविवार को 3846 मरीजों को डॉक्टरों ने परामर्श दिया।