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Bareilly News: रोबोटिक मशीनों से सीवर सफाई के लिए बनाया चार्ट
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बरेली। नगर निगम के जलकल विभाग की तरफ से सीवर की सफाई के लिए छह रोबोटिक मशीनें मंगाई गई हैं। अब इसकी सफाई छह अक्तूबर से चार्ट बनाकर रात में कराई जा रही है। जिससे भविष्य में बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या न हो सके। यह रोबोटिक मशीनें एक-एक करोड़ की लागत से मंगाई गई है।
इन मशीनों का उद्देश्य भविष्य में बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या को रोकना है। नगर के 25 वार्डों में 411 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई है। ये रोबोटिक मशीनें नगर निगम के 15वें वित्त के तहत जून में मंगाई गई थीं।
प्रत्येक मशीन की लागत एक करोड़ रुपये है। वर्तमान में बिहारीपुर मेमरान, मलूकपुर, नौमहला, बिहारीपुर, सिविल लाइंस और काजी टोला में सीवर लाइन के मैनहोल की सफाई की जा रही है। एक मशीन को एक वार्ड में 15 दिनों तक रखा जाता है। इससे बेहतर ढंग से सीवर की सफाई सुनिश्चित होती है।
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कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यप्रणाली : जलकल के अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों के उपयोग से कर्मचारियों को सीवर सफाई के दौरान मैनहोल के अंदर जान जोखिम में डालकर नहीं उतरना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो गई है।
सफाई कार्य अब अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। रोबोटिक मशीन में हाई-रिजोल्यूशन कैमरा, मैकेनिकल आर्म और कंट्रोल सिस्टम लगा है।
संचालक बाहर बैठकर डिस्प्ले के माध्यम से सीवर के अंदर की स्थिति देखता है और मशीन को नियंत्रित करता है, जिससे कचरा बाहर निकाला जाता है और जाम की समस्या दूर होती है।
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इन मशीनों का उद्देश्य भविष्य में बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या को रोकना है। नगर के 25 वार्डों में 411 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई है। ये रोबोटिक मशीनें नगर निगम के 15वें वित्त के तहत जून में मंगाई गई थीं।
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प्रत्येक मशीन की लागत एक करोड़ रुपये है। वर्तमान में बिहारीपुर मेमरान, मलूकपुर, नौमहला, बिहारीपुर, सिविल लाइंस और काजी टोला में सीवर लाइन के मैनहोल की सफाई की जा रही है। एक मशीन को एक वार्ड में 15 दिनों तक रखा जाता है। इससे बेहतर ढंग से सीवर की सफाई सुनिश्चित होती है।
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कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यप्रणाली : जलकल के अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों के उपयोग से कर्मचारियों को सीवर सफाई के दौरान मैनहोल के अंदर जान जोखिम में डालकर नहीं उतरना पड़ रहा है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो गई है।
सफाई कार्य अब अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। रोबोटिक मशीन में हाई-रिजोल्यूशन कैमरा, मैकेनिकल आर्म और कंट्रोल सिस्टम लगा है।
संचालक बाहर बैठकर डिस्प्ले के माध्यम से सीवर के अंदर की स्थिति देखता है और मशीन को नियंत्रित करता है, जिससे कचरा बाहर निकाला जाता है और जाम की समस्या दूर होती है।