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तीन तलाक-हलाला पीड़ित महिलाओं को एक और राहत, शहर इमाम और चोटीकटवा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
Wed, 23 Jan 2019 06:40 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 23 Jan 2019 06:40 PM IST
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बरेली के थाना बारादरी में पिछले साल जुलाई के महीने में आला हजरत फाउंडेशन की अध्यक्ष निदा खान की ओर से दो एफआईआर दर्ज कराई गई थीं। एक एफआईआर तो उन्हें इस्लाम से खारिज कर सामाजिक बहिष्कार का फतवा देने वाले शहर इमाम, काजी और पति के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
जबकि दूसरी एफआईआर तीन तलाक और हलाला पीड़ित औरतों के मामले उठाने को लेकर उनकी चोटी काटकर उन्हें देश से बाहर खदेड़ देने का एलान करने वाले फैजाने मदीना कौंसिल चलाने वाले मोइन सिद्दीकी और निदा के पति के खिलाफ दर्ज हुई। इन दोनों मामलों में बारादरी पुलिस ने शहर इमाम, काजी, चोटीकटवा मोइन और निदा के शौहर शीरान रजा खां के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
निदा खान के खिलाफ 16 जुलाई 2018 को बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फतवा जारी किया गया था। इसमें उन्हें इस्लाम से खारिज करने, उन्हें जिंदा न रहने देने, उनकी मौत के बाद किसी भी मुसलमान को जनाजे में न जाने का हुक्म दिया गया था। साथ ही किसी भी कब्रिस्तान में उनके मृत शरीर को दफन न करने की बात कही गई थी।
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निदा ने एसएसपी से शिकायत की तो इस मामले में 25 जुलाई 2018 को शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां के खिलाफ थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि इस फतवे के बाद लोग उन्हें और उनके परिवार को घृणा की दृष्टि से देखने लगे। बारादरी के विवेचक एसआई राकेश सिंह ने इस मामले में नौ जनवरी को शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
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जबकि दूसरी एफआईआर तीन तलाक और हलाला पीड़ित औरतों के मामले उठाने को लेकर उनकी चोटी काटकर उन्हें देश से बाहर खदेड़ देने का एलान करने वाले फैजाने मदीना कौंसिल चलाने वाले मोइन सिद्दीकी और निदा के पति के खिलाफ दर्ज हुई। इन दोनों मामलों में बारादरी पुलिस ने शहर इमाम, काजी, चोटीकटवा मोइन और निदा के शौहर शीरान रजा खां के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
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निदा खान के खिलाफ 16 जुलाई 2018 को बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फतवा जारी किया गया था। इसमें उन्हें इस्लाम से खारिज करने, उन्हें जिंदा न रहने देने, उनकी मौत के बाद किसी भी मुसलमान को जनाजे में न जाने का हुक्म दिया गया था। साथ ही किसी भी कब्रिस्तान में उनके मृत शरीर को दफन न करने की बात कही गई थी।
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निदा ने एसएसपी से शिकायत की तो इस मामले में 25 जुलाई 2018 को शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां के खिलाफ थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि इस फतवे के बाद लोग उन्हें और उनके परिवार को घृणा की दृष्टि से देखने लगे। बारादरी के विवेचक एसआई राकेश सिंह ने इस मामले में नौ जनवरी को शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
यह एफआईआर दर्ज होने के बाद अगले ही दिन 26 जुलाई 2018 को निदा ने दूसरी रिपोर्ट पति शीरान रजा खां और फैजाने मदीना कौंसिल के मौलाना मोइन सिद्दीकी के खिलाफ दर्ज कराई। इसमें आरोप था कि फतवा जारी होने के बाद शीरान के कहने पर मोइन ने उन्हें तीन दिन के अंदर भारत न छोड़ने पर सार्वजनिक रूप से चोटी काट देने और जबरन पत्थर मारकर भारत से खदेड़ने की धमकी दी। इस मामले में भी विवेचक एसआई राकेश सिंह ने मौलाना मोइन सिद्दीकी और शीरान रजा खां के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
हालांकि शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां पर दर्ज एफआईआर से पुलिस ने धारा 295ए और 505(2) हटाते हुए धारा 506 बढ़ाई है। मौलाना मोइन और शीरान रजा खां पर दर्ज हुई दूसरी रिपोर्ट से भी 295ए, 153ए और 505(2) को हटाते हुए धारा 506 बढ़ाई गई है।
निदा खान की ओर से फतवा देने के मामले में दर्ज कराई गई दोनों रिपोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। कुछ धाराएं कम की गई हैं और कुछ धाराएं बढ़ाई भी गई हैं।- राकेश सिंह, विवेचक
हालांकि शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम, काजी आफताब रिजवी और पति शीरान रजा खां पर दर्ज एफआईआर से पुलिस ने धारा 295ए और 505(2) हटाते हुए धारा 506 बढ़ाई है। मौलाना मोइन और शीरान रजा खां पर दर्ज हुई दूसरी रिपोर्ट से भी 295ए, 153ए और 505(2) को हटाते हुए धारा 506 बढ़ाई गई है।
निदा खान की ओर से फतवा देने के मामले में दर्ज कराई गई दोनों रिपोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। कुछ धाराएं कम की गई हैं और कुछ धाराएं बढ़ाई भी गई हैं।- राकेश सिंह, विवेचक