{"_id":"5e7109fd8ebc3ea4aa44959f","slug":"charge-sheet-filed-against-arm-of-ruhelkhand-depot-in-case-of-taking-bribe-bareilly-news-bly399877372","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेलीः रिश्वत लेने के मामले में रुहेलखंड डिपो के पूर्व एआरएम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेलीः रिश्वत लेने के मामले में रुहेलखंड डिपो के पूर्व एआरएम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबू के जरिये घूस लेने के आरोपों की पुष्टि, फिलहाल नोएडा डिपो में तैनात हैं सत्येंद्र वर्मा
विज्ञापन
बरेली। कंडक्टर से रिश्वत लेने के आरोप में रुहेलखंड डिपो के तत्कालीन एआरएम सत्येंद्र कुमार वर्मा को भी दोषी मानते हुए एंटी करप्शन टीम ने उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। उन्हें बाबू के जरिये घूस लेने का आरोपी बनाया गया है। वर्मा फिलहाल नोएडा डिपो में तैनात हैं।
रुहेलखंड डिपो के बाबू राजीव सक्सेना को एंटी करप्शन टीम ने 20 सितंबर 2019 को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। राजीव ने बताया था कि एआरएम सत्येंद्र वर्मा के कहने पर वह परिचालक कुणाल से रिश्वत ले रहा था। दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कर राजीव को उसी दिन जेल भेज दिया गया था पर एआरएम गायब हो गए थे। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर चरन सिंह ने की। बाबू के खिलाफ 14 नवंबर को ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। अब एआरएम के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन
रुहेलखंड डिपो के बाबू राजीव सक्सेना को एंटी करप्शन टीम ने 20 सितंबर 2019 को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। राजीव ने बताया था कि एआरएम सत्येंद्र वर्मा के कहने पर वह परिचालक कुणाल से रिश्वत ले रहा था। दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कर राजीव को उसी दिन जेल भेज दिया गया था पर एआरएम गायब हो गए थे। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर चरन सिंह ने की। बाबू के खिलाफ 14 नवंबर को ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। अब एआरएम के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन
अफसरों की मेहरबानी से बचते रहे एआरएम
एआरएम सत्येंद्र वर्मा का उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पहले गोरखपुर के निचनौल डिपो में तबादला किया गया, लेकिन गिरफ्तारी के डर से उन्होंने दो महीने ज्वाइनिंग नहीं की। इसके बाद उनका ट्रांसफर नोएडा डिपो करा दिया। वहां वह एआरएम कार्मिक के पद पर तैनात हैं। एआरएम का एक घर नोएडा में भी बताया जाता है, जहां उनका परिवार लंबे समय से रह रहा है। इस तरह कार्रवाई के बावजूद एआरएम मौज में हैं। वहीं, राजीव को पिछले दिनों जमानत मिलने के बाद आरएम ने नौकरी पर बहाल कर दिया है। कोर्ट का आदेश आने तक का तर्क देकर बहाली की गई है। बताते हैं कि राजीव की बहाली के लिए आरएम से कई अफसरों ने पैरवी की थी।
विज्ञापन