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और चेयरमैन ने बैठक कर ईओ को हटा दिया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:56 AM IST
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ईओ हटाये
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एक बार फिर से सत्ता में अपनी राजनीतिक पहुंच का अहसास कराते हुए नवाबगंज नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर ने बुधवार को बोर्ड की बैठक बुलाई और अधिशासी अधिकारी नरेंद्र जौहरी को मुक्त कर शासन को भेजने का फैसला ले लिया। उनके इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ईओ का तबादला और कार्यमुक्त करने का अधिकार शासन में निहित है। यहां तक कि शासन के अनुमोदन के बिना डीएम के स्तर से भी इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर का आरोप है कि ईओ कार्यालय नहीं आते हैं। उनके हस्ताक्षर कराने के लिए फाइलें मुरादाबाद स्थित आवास पर भेजी जाती हैं। 15 अगस्त हो या फिर 26 जनवरी या फिर और कोई महत्वपूर्ण दिन, ऐसे अवसरों पर भी ईओ कार्यालय में नहीं आए। मार्च का महीना है, काम प्रभावित हो रहे हैं। इसीलिए उनको एक तरफा कार्यमुक्त करते हुए डीएम को पत्र लिखा गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ऐसा कर सकती हैं तो उन्होंने कहा कि वह नियम देख कर बाद में बताएंगी। फिर फोन कर उन्होंने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 1916 कीधारा 58 के तहत कार्रवाई की गई है, हालांकि इसमें संशोधन हो चुका है। चर्चा है कि क्लोजिंग का महीना होने के चलते बहुत सी विवादित फाइलें हैं जिन पर ईओ के चेयरमैन की इच्छानुसार हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। कई दिनों से दोनों में मनमुटाव चल रहा था। यह भी सच है कि अन्य प्रभार होने के बहाने ईओ नवाबगंज में बैठ ही नहीं रहे हैं।
‘हमने नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 58 के तहत बोर्ड की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ईओ को कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया है। इस धारा में ईओ को दंडित करने का अधिकार है।’
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-शहला ताहिर, अध्यक्ष नगर पालिका
‘1916 की इस धारा में संशोधन के बाद यह अधिकार शासन में समाहित हो गए हैं। नए संशोधन के अनुसार शासन के नगर विकास विभाग को ही ईओ के तबादले और कार्रवाई का अधिकार है। बोर्ड ने क्या बैठक की है, उसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है। कार्यालय न बैठने का आरोप गलत है, मेरे पास नवाबगंज के साथ-साथ सेंथल और शीशगढ़ का भी अतिरिक्त चार्ज है।’ नरेंद्र कुमार जौहरी, ईओ
‘नगर पालिका बोर्ड में क्या फैसला हुआ है, उसकी जानकारी नहीं है। बोर्ड ने क्या प्रस्ताव पारित किया है और इस तरह का प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है या नहीं। इस बारे में शुक्रवार को जानकारी करने पर ही स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।’ अरुण कुमार, एडीएम (प्रशासन)
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नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर का आरोप है कि ईओ कार्यालय नहीं आते हैं। उनके हस्ताक्षर कराने के लिए फाइलें मुरादाबाद स्थित आवास पर भेजी जाती हैं। 15 अगस्त हो या फिर 26 जनवरी या फिर और कोई महत्वपूर्ण दिन, ऐसे अवसरों पर भी ईओ कार्यालय में नहीं आए। मार्च का महीना है, काम प्रभावित हो रहे हैं। इसीलिए उनको एक तरफा कार्यमुक्त करते हुए डीएम को पत्र लिखा गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ऐसा कर सकती हैं तो उन्होंने कहा कि वह नियम देख कर बाद में बताएंगी। फिर फोन कर उन्होंने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 1916 कीधारा 58 के तहत कार्रवाई की गई है, हालांकि इसमें संशोधन हो चुका है। चर्चा है कि क्लोजिंग का महीना होने के चलते बहुत सी विवादित फाइलें हैं जिन पर ईओ के चेयरमैन की इच्छानुसार हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। कई दिनों से दोनों में मनमुटाव चल रहा था। यह भी सच है कि अन्य प्रभार होने के बहाने ईओ नवाबगंज में बैठ ही नहीं रहे हैं।
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‘हमने नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 58 के तहत बोर्ड की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ईओ को कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया है। इस धारा में ईओ को दंडित करने का अधिकार है।’
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-शहला ताहिर, अध्यक्ष नगर पालिका
‘1916 की इस धारा में संशोधन के बाद यह अधिकार शासन में समाहित हो गए हैं। नए संशोधन के अनुसार शासन के नगर विकास विभाग को ही ईओ के तबादले और कार्रवाई का अधिकार है। बोर्ड ने क्या बैठक की है, उसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है। कार्यालय न बैठने का आरोप गलत है, मेरे पास नवाबगंज के साथ-साथ सेंथल और शीशगढ़ का भी अतिरिक्त चार्ज है।’ नरेंद्र कुमार जौहरी, ईओ
‘नगर पालिका बोर्ड में क्या फैसला हुआ है, उसकी जानकारी नहीं है। बोर्ड ने क्या प्रस्ताव पारित किया है और इस तरह का प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है या नहीं। इस बारे में शुक्रवार को जानकारी करने पर ही स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।’ अरुण कुमार, एडीएम (प्रशासन)