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Bareilly News: नगर निगम में धूल फांक रहे फड़ विक्रेताओं के प्रमाणपत्र
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- पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को कराए जाने थे मुहैया, फोटो वायरल होने के बाद खुला मामला
बरेली। पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों (फड़ विक्रेताओं) को देने के लिए छपवाए गए प्रमाणपत्र नगर निगम में धूल फांक रहे हैं। नगर निगम के ही किसी कर्मचारी ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी तो मामले का खुलासा हुआ।
केंद्र सरकार की ओर से फड़ विक्रेताओं के लिए पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत आवेदकों को 10 हजार रुपये का लोन दिया जाना था। जिले के 30 हजार से अधिक फड़ विक्रेताओं को योजना का लाभ दिया गया, पर उनको प्रमाणपत्र नहीं दिए गए। शासकीय धनराशि खर्चकर छपवाए गए ये प्रमाणपत्र अब नगर निगम में धूल फांक रहे हैं। उन पर दीमक लगने की नौबत आ गई है। जिम्मेदारों ने इन प्रमाणपत्रों को बांटने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
नगर निगम में रखे गए प्रमाणपत्र पहले जोनल कार्यालय में रखे गए थे। इसके बाद टैक्स विभाग में पहुंच गए। वहां पर काम शुरू हुआ तो प्रमाणपत्रों को दूसरे कक्ष में रखवा दिया गया, लेकिन लाभार्थियों को नहीं दिया गया। संवाद
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो दिखवाते हैं कि प्रमाणपत्र कब आए थे और बांटे क्यों नहीं गए। जल्द से जल्द अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर इनको बंटवाया जाएगा। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
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बरेली। पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों (फड़ विक्रेताओं) को देने के लिए छपवाए गए प्रमाणपत्र नगर निगम में धूल फांक रहे हैं। नगर निगम के ही किसी कर्मचारी ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी तो मामले का खुलासा हुआ।
केंद्र सरकार की ओर से फड़ विक्रेताओं के लिए पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत आवेदकों को 10 हजार रुपये का लोन दिया जाना था। जिले के 30 हजार से अधिक फड़ विक्रेताओं को योजना का लाभ दिया गया, पर उनको प्रमाणपत्र नहीं दिए गए। शासकीय धनराशि खर्चकर छपवाए गए ये प्रमाणपत्र अब नगर निगम में धूल फांक रहे हैं। उन पर दीमक लगने की नौबत आ गई है। जिम्मेदारों ने इन प्रमाणपत्रों को बांटने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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नगर निगम में रखे गए प्रमाणपत्र पहले जोनल कार्यालय में रखे गए थे। इसके बाद टैक्स विभाग में पहुंच गए। वहां पर काम शुरू हुआ तो प्रमाणपत्रों को दूसरे कक्ष में रखवा दिया गया, लेकिन लाभार्थियों को नहीं दिया गया। संवाद
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो दिखवाते हैं कि प्रमाणपत्र कब आए थे और बांटे क्यों नहीं गए। जल्द से जल्द अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर इनको बंटवाया जाएगा। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त