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मोतियाबिंद से डरने की जरूरत नहीं

Sun, 29 May 2016 02:13 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sun, 29 May 2016 02:13 AM IST
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Cataracts do not need to be afraid of
कानपऊफ्रेंस
एक उम्र के बाद आंखों में धुंधलापन छाना और दिखाई न देना बड़ी समस्या है। यह मोतियाबिंद कहलाता है। हर व्यक्ति को 60 साल के बाद इस स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। इसके लिए पहले से तैयार रहेें। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सर्जरी से मोतियाबिंद से छुटकारा आसानी से पाया जा सकता है।
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एसआरएमएस मेडिकल इंस्टीट्यूट में राष्ट्रीय कान्फ्रेंस दृष्टिकॉन का आयोजन किया गया। यूपी स्टेट ऑफ ऑप्थोमोलोजी सोसायटी के सचिव डॉ. मलय चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम अंधता निवारण से मोतियाबिंद पर रोक लगेगी यह कहना गलत है। अंधता निवारण कार्यक्रम के अलावा पूरे देश में कितने लोगाें को हम मोतियाबिंद से छुटकारा दे रहे हैं इसका कोई आंकड़ा नहीं है। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम भी केवल अंधेपन से छुटकारा देने में सहायक है। आंखों की नजर तेज करने में नहीं। यह भी कहा कि मोतियाबिंद के आपरेशन में अभी भी सरकारी अस्पताल मैनुअल सर्जरी कर रहे हैं, जबकि फेको सर्जरी सब से अच्छी है। इस मौके पर मरीजों के आपरेशन भी किए गए। कान्फ्रेंस का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेजर जनरल डॉ. डीएस भाकुनी, चेयरमैन देवमूर्ति, प्रशासनिक निदेशक आदित्य मूर्ति, प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित, डॉ. जेएस वर्मा, आयोजन अध्यक्ष बीएन चौधरी, आयोजन सचिव डॉ. नीलिमा मेहरोत्रा ने किया।
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छोटी उम्र में नहीं होता मोतियाबिंद
डॉ. चतुर्वेदी का कहना है कि मोतियाबिंद के लिए उम्र तय है। यह आपको 60 साल के बाद होगी। छोटी उम्र में लोगाें को घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में ऐसा केस सामने नहीं आया है जब 35 से 45 साल की उम्र में मोतियाबिंद हुआ हो। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. निलिमा मेहरोत्रा ने बताया कि मोतियाबिंद उसी तरह है जैसे बाल सफेद होना। हर व्यक्ति को एक उम्र में सफेद बालाें से होकर गुजरना होता है, उसी तरह मोतियाबिंद है। 
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प्रत्येक मौसम में हो सकता है मोतियाबिंद का आपरेशन
सिर्फ जाड़ों में ही मोतियाबिंद का आपरेशन होता है, सेमिनार में आए चिकित्सकों ने इसे नकार दिया। कहा कि मोतियाबिंद जितना कच्चा हो, सर्जरी के लिए उतना अच्छा है। मोतियाबिंद के पकने का इंतजार न करें। 
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