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सीएआरआई: केज फ्री मॉडल से संवरेगी मुर्गे-मुर्गियों की सेहत, बढ़ेगी मांस और अंडों की गुणवत्ता

Sun, 12 Nov 2023 02:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 12 Nov 2023 02:07 AM IST
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CARI: Cage free model will improve the health of chickens and increase the quality of meat and eggs.
बरेली। मुर्गे-मुर्गियों (कुक्कुट) को अगर आजादी से पलने का मौका मिले तो मांस और अंडे की गुणवत्ता बढ़ती है। पौष्टिकता 15 फीसदी बढ़ जाती है। पोल्ट्री व्यवसायी, किसानों को भी इससे मुनाफा होता है। इसलिए अब केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) मुर्गे-मुर्गियों की सेहत संवारने के लिए केज फ्री मॉडल तैयार करेगा।
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संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी के मुताबिक बीते दिनों वह टीम के साथ इंडोनेशिया गए थे। वहां पर कुक्कुट को पिंजड़े की बजाय केज फ्री मॉडल के जरिये पाला जाता है। इसमें जालीदार बाड़ा होता है। निगरानी की व्यवस्था ऐसी होती है कि कुक्कुट को पता नहीं चलता। दूसरे पशुओं का प्रवेश भी बाड़े में नहीं होता। इससे सुरक्षा रहती है। बाड़े में सूर्य की रोशनी भरपूर आती है। कुक्कुट के चारे पर लगने वाला खर्च भी करीब 40 फीसदी तक कम हो जाता है।
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कुक्कुट को इस पद्धति से पालने में किसान और पोल्ट्री फार्मरों को खासा फायदा होता है। क्योंकि उन्हें किसी बड़े कवर्ड एरिया की जरूरत नहीं होती। चारे का खर्च बचता है। मुर्गे-मुर्गियों को अनुकूल पर्यावरण मिलने से उनका विकास भी पिंजडे में बंद होकर पले पक्षियों से बेहतर होता है। इसी का प्रभाव शारीरिक क्षमता के साथ अंडे और मांस पर पड़ता है। नया मॉडल अगले साल तक तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पिंजड़ों में बंद रहने से यह होती है दिक्कत
निदेशक ने बताया कि ज्यादातर समय पिंजड़े में बंद होकर पलने से कुक्कुट में प्राकृतिक वातावरण से दूरी होती है। थर्मल डिस्कंफर्ट, एनर्जी डिप्लेशन व अन्य दिक्कतें होती हैं। विकास धीमा होता है। ब्रूसेस, हैमरेज, एसिड असंतुलन, इलेक्ट्रोलाइट बदलाव होते हैं। इसका असर अंडों पर होता है। वहीं, पिंजड़े के खांचों की बनावट, वेंटिलेशन आदि व्यवस्थित न होने से मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।



नए मॉडल से पालने पर बढ़ेंगी कीमतें
डॉ. तिवारी के मुताबिक केज फ्री मॉडल से पलने वाले मुर्गे-मुर्गियों की शारीरिक बनावट, चमक अलग से नजर आती है। लिहाजा, इनके मांस और अंडों की मांग व कीमत भी बढ़ेगी। बताया कि इंडोनेशिया में सामान्य तरीके से पहले वाले कुक्कुट के बजाय केज फ्री मॉडल के कुक्कुट की मांग ज्यादा है। इसके लिए करीब 20 से 30 फीसदी ज्यादा कीमत भी दे रहे हैं। इसका लाभ पालकों को मिल रहा है।
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