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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Buildings were buried beneath the pond

बिल्डिंगों के नीचे दफन हो गए तालाब

Mon, 25 Apr 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Mon, 25 Apr 2016 01:14 AM IST
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तालाब तो बहुत थे लेकिन भूमाफिया ने उनको पटवाकर कहीं कालोनी बना दी तो कहीं दुकान। बिल्डिंगों के नीचे डेढ़ सौ से ज्यादा तालाब दफन हो गए । राजस्व अभिलेखों में दर्ज 169 तालाब मौके से गायब पाए गए थे। सर्वे में चिह्नित करने के बाद अफसरों ने इन तालाबों को पुनर्जीवित करने का प्लान भी बनाया। एसडीएम और तहसीलदारों को सारे तालाबों से कब्जा हटवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अफसरों ने दौड़भाग खानापूरी में ही मामला निपटा दिया। 
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गायब मिले ज्यादातर तालाबों पर भूमाफिया का कब्जा बताया गया। गुपचुप तरीके से तालाबों को पाटकर उन पर मकान बनवा दिए गए। गांवों में भी बड़ी तादाद में तालाबों को पाटा गया है। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के पैतृक गांव कांधरपुर के दो तालाबों पर कब्जा कर लिया गया। दोनों तालाब राजस्व अभिलेखों में तो हैं लेकिन मौके पर नहीं रह गए हैं। भुता ब्लाक के रसूलपुर वाहनपुर गांव में 10 तालाबों पर कब्जा पाया गया। मीरगंज के नगरिया सादात में सात, सैजना और नगरिया कल्यानपुर गांव में चार-चार तालाबों पर कब्जे हो चुके हैं। क्यारा ब्लाक के सरायतल्फी गांव में पांच तालाबों पर माफियाओं का कब्जा है। आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के देवचरा गांव में गाटा संख्या 397 पर 0.076 हेक्टेयर और बल्लिया गांव में गाटा संख्या 517 पर 0.089 हेक्टेयर में तालाब थे, जो अब नहीं पाए गए हैं।
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 शहर के 67 तालाबों में आधे नहीं बचे  
न फेंसिंग हुई, न नगर निगम के स्वामित्व के बोर्ड लगे 
नगर निगम के क्षेत्र में 67 तालाबों का चिन्हांकन कर उनके फेंसिंग कराने की बात तय हुई थी। तालाब के बाहर नगर निगम के स्वामित्व का बोर्ड भी लगना था। दो साल बाद भी तालाब और पोखरों को बचाने के लिए कोई काम नहीं हो पाया। 
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के गांव ट्यूलिया में दो साल पहले छह तालाब चिह्नित किए गए थे। इनमें दो तालाब गायब हो चुके हैं। परसाखेड़ा, गोविंदापुर, बंडिया, बेनीपुर चौधरी, मथुरापुर, फरीदापुर चौधरी, सैदपुर हाकिंस, पीर बहोड़ा, सनैया धन सिंह, हरूनगला, सिठौरा, हैदराबाद उर्फ खड़ौआ और मढ़ीनाथ एरिया में बडे़ तालाबों को पाटने का काम अब भी चल रहा है। कंजादासपुर में नगर निगम के आधे तालाब पर कब्जा हो चुका है। दो साल पहले इन तालाबों को बचाने के लिए नगर निगम को अपने स्वामित्व के बोर्ड लगाकर चारो ओर से फेंसिंग कराने की योजना बनी थी। ये योजना नगर निगम के इंजीनियरों की फाइलों में बंद होकर रह गई। 

‘दो साल पहले नगर निगम क्षेत्र के तालाबों के चारो ओर फेंसिंग और स्वामित्व वाले बोर्ड लगाने की योजना बनी थी। हमारे स्टाफ की ढीली कार्यप्रणाली से ये काम नहीं हो पाया। अब हम अगले महीने से तालाबों की फेंसिंग कराने जा रहे हैं।’ डा. आईएस तोमर, मेयर 

:::कहां कितने तालाबों पर मिले कब्जे
 नगर पंचायतों में 7, भुता ब्लाक- 35, क्यारा ब्लाक- 34, आलमपुर जाफराबाद- 27, मीरगंज- 22, बिथरीचैनपुर- 12, रामनगर- 6, फतेहगंज पश्चिमी- 5, मझगवां- 4 और फरीदपुर ब्लाक में 3 तालाबों पर कब्जे पाए गए।



 एसडीएम को चिन्हित तालाबों से कब्जा हटाने के आदेश दिए गए थे। कितने तालाबों को कब्जामुक्त किया गया, इसकी रिपोर्ट संबंधित एसडीएम से मांगी गई है। -शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ एवं प्रभारी डीएम
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