UP Budget 2026: बरेली में उद्योगों को दम देगा बजट, स्वास्थ्य महकमे की भी सुधरेगी सेहत
प्रदेश सरकार ने बजट में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में विशेष प्रावधान किए हैं। इससे बरेली में मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर की उम्मीद जगी है। वहीं बजट में औद्योगिक विकास पर भी फोकस किया गया, जिससे उद्योगों को रफ्तार मिलेगी।
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प्रदेश सरकार का बजट उद्योगों को दम देगा। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में विकास के लिए किए गए आवंटन से बरेली में मेडिकल कॉलेज और ट्रॉमा सेंटर की उम्मीद जगी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंडस्ट्रियल जोन की घोषणा से निवेशकों के लिए भूमि की अड़चन दूर होगी। बजट में औद्योगिक विकास के लिए पिछले वर्ष से 13 फीसदी अधिक 27,103 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इससे जिले के बहेड़ी, रिछा, भोजीपुरा, निजी औद्योगिक क्षेत्र फरीदपुर और सीबीगंज में जर्जर सड़कों, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों, जलभराव आदि समस्याओं से निजात की उम्मीद है।
परसाखेड़ा में उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण विकास कार्य करा रहा है, लेकिन इससे सटे क्षेत्र में स्थापित उद्योगों की दशा बदहाल है। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तारीकरण की घोषणा से इन उद्योगों के दिन बहुरने की आस है। यहां मूलभूत सुविधा उपलब्ध होने पर उद्योग रफ्तार भरेंगे। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले वर्षों में चिह्नित कार्य पूरे होने की आस है।
बंद पड़ी बहेड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क की उम्मीद
बजट में टेक्सटाइल पार्क की घोषणा से बहेड़ी में 25 साल से बंद कताई मिल में फिर मशीनें सक्रिय होने की उम्मीद है। सहायक आयुक्त हथकरघा सर्वेश शुक्ला के मुताबिक, इस मिल में संतकबीर टेक्सटाइल पार्क का विकास किया जाएगा। करीब सौ टेक्सटाइल यूनिट स्थापित होने से रोजगार सृजित होंगे। युवाओं का प्रवास थमेगा।
सीएम युवा उद्यमी और स्वरोजगार योजना का बढ़ेगा लक्ष्य
पिछले वर्ष सीएम युवा उद्यमी और स्वरोजगार योजना के लिए लक्ष्य से करीब दोगुने आवेदन मिले, पर लोन का आवंटन लक्ष्य के सापेक्ष ही रहा। इसमें भी 40 फीसदी आवेदकों के प्रस्ताव बैंकों ने निरस्त कर दिए। इन योजनाओं का बजट बढ़ने से लक्ष्य में इजाफा होगा। इससे युवाओं की स्वरोजगार की आस पूरी होने की उम्मीद है। एक जिला एक व्यंजन में दर्ज उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भी तेजी आने की उम्मीद है।
सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जगी उम्मीद
जिला अस्पताल परिसर में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर (लेवल-2) के निर्माण के लिए 44 करोड़ के बजट का इंतजार थमने की उम्मीद है। तीन सौ बेड अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के तर्ज पर संचालन की भी आस जगी है। बजट में प्रदेश में प्रस्तावित चार अस्पतालों में से एक बरेली में संचालित हो सकता है। जिला अस्पताल में ट्रॉमा विंग भवन का निर्माण पूरा हुए करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं। संसाधन और विशेषज्ञों के अभाव में इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। ट्रॉमा सेंटर संचालन की घोषणा से संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सकों की तैनाती की उम्मीद जगी है।
एम्स की स्थापना और कारीगरों के संरक्षण की उठाई मांग
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने बरेली में एम्स की स्थापना की मांग की। जरी, बांस-बेत, फर्नीचर और प्लाई उद्योग से जुड़े कारीगरों व उद्यमियों को प्रोत्साहन और संरक्षण देने पर जोर दिया। बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग दोहराई। सुभाषनगर व मढ़ीनाथ क्षेत्र में अंडरपास का मामला उठाया। बरेली में बदायूं रोड पर नए बस अड्डे के निर्माण, शहर में मेट्रो सेवा शुरू करने, एयरपोर्ट से उड़ानों को बढ़ाने, चारधाम यात्रा के लिए बरेली एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की मांग की।
बेड और संसाधनों का तैयार हो रहा रिकॉर्ड
तीन सौ बेड अस्पताल के पीपीपी मॉडल पर संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कमर कस ली है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने आईएमए की बरेली शाखा को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों, भवन का नक्शा आदि उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी सीएमएस से रिकॉर्ड मांगा है। आठ वर्ष पूर्व निर्माण पूरा होने के बाद तीन सौ बेड अस्पताल में अब तक आधे-अधूरे संसाधनों के साथ ओपीडी संचालित है।
विशेषज्ञ और स्टाफ के अभाव में आईसीयू, पीकू, इमरजेंसी वार्ड में उपकरण धूल फांक रहे हैं। बीते दिनों मंडलायुक्त ने पीपीपी मॉडल पर इसके संचालन के लिए कवायद शुरू की है। इसके लिए अब अस्पताल में मौजूद उपकरणों और उनके संचालन की स्थिति संबंधी रिपोर्ट मांगी है। संबंधित रिकॉर्ड आईएमए को मुहैया कराया जाएगा ताकि उसके आधार पर संचालन संबंधी प्रस्ताव तैयार किया जा सके।