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Bareilly News: मुख्य सचिव का वादा अधूरा, ढाई माह बाद भी अटल सेतु को चौपुला से जोड़ने को बजट नहीं
Mon, 09 Oct 2023 06:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Oct 2023 06:16 PM IST
सार
पांच वर्ष पहले जब दिसंबर 2018 में अटल सेतु का निर्माण शुरू हुआ था तब लोग उम्मीद कर रहे थे कि पुराने चौपुला पुल और अटल सेतु के बीच जुड़ाव हो जाएगा। जाम से राहत मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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अटल सेतु का चौपुला पुल से होना है जुड़ाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में अटल सेतु को चौपुला पुल से जोड़ने का काम बजट के इंतजार में फंसा है। यह स्थिति तब है जब करीब ढाई महीने पहले जुलाई में बरेली आए मुख्य सचिव ने कमिश्नर का पत्र मिलते ही तीन दिन में बजट जारी कराने का वादा किया था। उसके बाद पत्र भी गया। कई स्तर पर पैरवी भी हुई। यही नहीं इसके लिए जरूरी 15 करोड़ रुपये के बजट को सेतु निगम की व्यय वित्त समिति भी एक महीने पहले 8 सितंबर को मंजूरी दे चुकी है।
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इसके बावजूद बजट का अभी अता-पता नहीं। इसके चलते निर्माण रुका हुआ है। जनता परेशान हो रही है। लोगों को एक पुल से उतरकर दूसरी तरफ जाने पर जाम का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पुलों को जोड़ने के लिए 42 मीटर लंबा स्टील स्ट्रक्चर बनेगा। कुछ हिस्सों में स्लैब डाली जानी है। स्थिति यह है कि शहर के हर हिस्से से लोग किसी न किसी काम से दिन में एक-दो बार इस मार्ग से गुजरते हैं। बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को अय्यूब खां चौराहे की ओर आना है तो पुल से नीचे उतरना पड़ता है।
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पुल के नीचे जाम में फंसने की मजबूरी है। अगर पुल जुड़ जाते हैं तो बदायूं की ओर से आने वाले वाहन चौपुला पुल से अटल सेतु होते हुए सीधे अय्यूब खां चौराहे तक आ सकते हैं। इसी तरह से अय्यूब खां चौराहे से बदायूं की ओर जाने वाले वाहनों को भी जाम में फंसने से देरी होती है।
पांच वर्ष पहले जब दिसंबर 2018 में अटल सेतु का निर्माण शुरू हुआ था तब लोग उम्मीद कर रहे थे कि पुराने चौपुला पुल और अटल सेतु के बीच जुड़ाव हो जाएगा। जाम से राहत मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अटल सेतु तो बना पर दोनों को जोड़ने का काम अटक गया। तब से इंतजार ही इंतजार है। इधर बजट स्वीकृत हुआ है तो जारी होना बाकी है।
विधायक संजीव अग्रवाल ने उठाया था मुद्दा
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के बरेली दौरे के समय कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने बीती 15 जुलाई को पुलों को जोड़ने का मुद्दा उठाया था। तब मुख्य सचिव ने कहा था कि कमिश्नर का पत्र मिलने के बाद तीन दिन में बजट दिलाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। देरी पर देरी होती रही। ऐसे में विधायक ने लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद से मिलकर बात रखी।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान से फोन पर बातचीत की। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी प्रमुख सचिव लोक निर्माण को पत्र लिखे। एमडी सेतु निगम ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद पुल जोड़ने के काम को हरी झंडी मिली और वित्तीय स्वीकृति मिली लेकिन बजट अब तक जारी नहीं हो सका।
बजट जारी कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से बातचीत करेंगे। यदि देरी और ज्यादा होगी तो लोक निर्माण मंत्री को अवगत कराएंगे। -संजीव अग्रवाल, कैंट क्षेत्र के विधायक
वित्तीय स्वीकृति होने के बाद बजट जारी होता है। बजट की प्रतीक्षा की जा रही है जैसे ही बजट जारी होगा तो टेंडर निकाले जाएंगे। -अरुण कुमार गुप्ता, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के बरेली दौरे के समय कैंट क्षेत्र के विधायक संजीव अग्रवाल ने बीती 15 जुलाई को पुलों को जोड़ने का मुद्दा उठाया था। तब मुख्य सचिव ने कहा था कि कमिश्नर का पत्र मिलने के बाद तीन दिन में बजट दिलाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। देरी पर देरी होती रही। ऐसे में विधायक ने लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद से मिलकर बात रखी।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान से फोन पर बातचीत की। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी प्रमुख सचिव लोक निर्माण को पत्र लिखे। एमडी सेतु निगम ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद पुल जोड़ने के काम को हरी झंडी मिली और वित्तीय स्वीकृति मिली लेकिन बजट अब तक जारी नहीं हो सका।
बजट जारी कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से बातचीत करेंगे। यदि देरी और ज्यादा होगी तो लोक निर्माण मंत्री को अवगत कराएंगे। -संजीव अग्रवाल, कैंट क्षेत्र के विधायक
वित्तीय स्वीकृति होने के बाद बजट जारी होता है। बजट की प्रतीक्षा की जा रही है जैसे ही बजट जारी होगा तो टेंडर निकाले जाएंगे। -अरुण कुमार गुप्ता, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम