फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Brother... Rakhi has been sent, I am on duty.

Bareilly News: भइया... राखी भेज दी है, मैं ड्यूटी पर हूं

Fri, 01 Sep 2023 02:19 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 01 Sep 2023 02:19 AM IST
विज्ञापन
Brother... Rakhi has been sent, I am on duty.
बरेली। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का पर्व है। इस दिन बहनें रक्षासूत्र बांधकर भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई उनकी रक्षा का वचन और उपहार देते हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने शहर में घूमकर हाल देखा तो पुलिस, पैरामिलिट्री व अस्पताल से लेकर कई जगह महिलाएं ड्यूटी करती नजर आईं। बातचीत में उन्होंने भाई से न मिल पाने का रंज तो जताया पर ड्यूटी को प्राथमिकता देने की बात भी कही। ब्यूरो
विज्ञापन

---
आरएएफ में तैनात बहनों ने सहकर्मियों को बांधी राखी
फोटो
मेरठ की 108वीं बटालियन आरएएफ की एक कंपनी करीब सवा महीने से बरेली में तैनात है। इसमें आठ महिलाकर्मी भी हैं। इनमें से तीन की ड्यूटी सेटेलाइट बस अड्डे पर लगी थी। इनमें शामिल बनारस की निवासी नीलम ने सहकर्मी जवानों व अन्य लोगों को राखियां बांधकर त्योहार मनाया। नीलम ने बताया कि उनके भाई दिल्ली में नौकरी करते हैं। उन्होंने दिल्ली राखी भेज दी है।
विज्ञापन

सीओ प्रथम ने प्रयागराज भेजी राखी
फोटो
सीओ प्रथम श्वेता यादव भी रक्षाबंधन पर ड्यूटी करती दिखीं। कुछ देर कार्यालय में बैठकर काम निपटाया। उन्होंने बताया कि मायका प्रयागराज में है। वहां छोटे भाई रहते हैं। उनसे रक्षाबंधन पर तो मुश्किल से ही मिलना हो पाता है। हर बार की तरह इस बार भी भाई को राखी भेज दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह साल से राखी बांधने नहीं गईं श्वेता त्यागी
कोतवाली में तैनात दरोगा श्वेता त्यागी पुराने बस अड्डे पर ड्यूटी कर रही थीं। उन्होंने बताया कि उनके भाई गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। वह छह साल से रक्षाबंधन पर घर नहीं जा सकी हैं। हर बार की तरह इस बार भी राखी भेज दी है। भाई से वीडियो कॉल पर बात कर ली।
जेल की आरक्षियों को भी आई भाई की याद
केंद्रीय जेल की आरक्षी राखी गुप्ता व अंजलि दोनों दिल्ली की निवासी हैं। अंजलि के दो छोटे भाई पढ़ाई कर रहे हैं। राखी के भाई व्यापार करते हैं। दोनों ही दो साल से रक्षाबंधन पर घर नहीं जा पाई हैं। बृहस्पतिवार को उनकी ड्यूटी बंदियों को राखी बंधवाने में लगी थी। दोनों को अपने भाइयों की याद आई पर कर्तव्य पथ पर डटी रहीं।
भाई को वीडियो कॉल करके मनाया त्योहार
सरिता राना 300 बेड अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं। त्योहारों पर वह हमेशा ड्यूटी को तरजीह देती हैं। उनके बड़े और मझले भाई देहरादून में हैं। छोटे भाई वाराणसी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी एंटी रेबिज वैक्सीन (एआरपी) लगाने के लिए थी। इसलिए अवकाश नहीं मिला। डाक से राखी भेज दी। वीडियो कॉल पर भाई से बात कर ली।


त्योहार पर ड्यूटी करके मिलती है खुशी
वंदना सिंह 300 बेड अस्पताल में आंखों की डाॅक्टर हैं। जरूरत पर ओपीडी व इमरजेंसी ड्यूटी करती हैं। रक्षाबंधन पर कई डाक्टर छुट्टी पर चले गए तो वंदना सिंह ने ओपीडी में सेवाएं दीं। उन्होंने बताया कि त्योहारों पर ड्यूटी का महत्व अधिक है, क्योंकि इमरजेंसी में मरीज आते हैं। अगर किसी की जान बचा पाई तो ऐसा लगता है कि जीवन का मकसद पूरा हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed