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Bareilly News: भाई-बहन ने पाकिस्तान में कराई आमद, अफसर बोले- 30 से पहले लौट जाएं भारत
Mon, 28 Apr 2025 01:55 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:55 AM IST
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बरेली। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद उपजे हालात से ऐसे लोग बेहद परेशान हैं, जिनका ताल्लुक हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों मुल्कों से है। बरेली के शाहबाद की रहने वाली नाजमा भी उनमें से एक हैं। वह जखीरा मोहल्ला निवासी भाई महताब के साथ 23 अप्रैल को बेटी से मिलने लाहौर (पाकिस्तान) गई थीं। दोनों ने 24 अप्रैल को पाकिस्तान में जैसे ही आमद दर्ज कराई, वहां की हुकूमत ने 30 अप्रैल से पहले भारत लौट जाने के लिए कहा। एक माह का वीजा होने के बावजूद अब दोनों सोमवार को वाघा बॉर्डर से भारत में दाखिल होंगे।
उनका परिवार इतना डरा हुआ है कि वे किसी से बात करना भी नहीं चाहते। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, नाजमा की बेटी मोहसिना 12 साल पहले शादी कर पाकिस्तान चली गई थीं। तब से वह सिर्फ एक बार भारत आईं हैं। मोहसिना को अब तक पाकिस्तान की नागरिकता भी नहीं मिली है। इस वजह से परिजन और परेशान हैं। उन्हें डर है कि कहीं उसे भी न साथ लाना पड़ जाए। ऐसे में उसके बच्चों का क्या होगा। दो दिन इसी कश्मकश में बीत गए। जानकारी के मुताबिक, नाजमा और महताब की एक बहन भी पाकिस्तान के लाहौर में ही रहती हैं।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि नाजमा और महताब जिस दिन वाघा से लाहौर के लिए रवाना हुए, उसी दिन पहलगाम की घटना हो गई। उन्हें पहले से इसकी जानकारी होती तो वे बॉर्डर क्रॉस ही नहीं करते।
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उनका परिवार इतना डरा हुआ है कि वे किसी से बात करना भी नहीं चाहते। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, नाजमा की बेटी मोहसिना 12 साल पहले शादी कर पाकिस्तान चली गई थीं। तब से वह सिर्फ एक बार भारत आईं हैं। मोहसिना को अब तक पाकिस्तान की नागरिकता भी नहीं मिली है। इस वजह से परिजन और परेशान हैं। उन्हें डर है कि कहीं उसे भी न साथ लाना पड़ जाए। ऐसे में उसके बच्चों का क्या होगा। दो दिन इसी कश्मकश में बीत गए। जानकारी के मुताबिक, नाजमा और महताब की एक बहन भी पाकिस्तान के लाहौर में ही रहती हैं।
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पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि नाजमा और महताब जिस दिन वाघा से लाहौर के लिए रवाना हुए, उसी दिन पहलगाम की घटना हो गई। उन्हें पहले से इसकी जानकारी होती तो वे बॉर्डर क्रॉस ही नहीं करते।
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