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Bareilly News: नदी में समाया पुल का संपर्क मार्ग, आवागमन बाधित
Thu, 01 Oct 2026 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:08 AM IST
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मीरगंज। गोरा लोकनाथपुर के पास रामगंगा नदी पर बने पुल के संपर्क मार्ग का 10 फुट हिस्सा बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे नदी में समा गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क धंसने से आंवला, गुलड़िया, बदायूं, सिरौली, शाहबाद व चंदौसी सहित करीब सौ गांवों और कस्बों का संपर्क टूट गया। अब वाहन चालकों को 50-60 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
सूचना पर एसडीएम निधि शुक्ला और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एहतियातन पुल के दोनों छोरों पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि रोड के दोनों ओर मिट्टी से भरे कट्टे डालकर तीन दिन में आवागमन चालू करा दिया जाएगा।
40.96 करोड़ से हुआ था निर्माण
40.96 करोड़ रुपये से 780.30 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ था। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चार जनवरी 2022 को इसका लोकार्पण किया था।
दो दिन पहले हो जाती पिचिंग तो नहीं धंसती सड़क
ग्रामीण बाबूराम कश्यप, पूर्व प्रधान गजेंद्र कश्यप, अमित कुमार, रमेश चंद्र, सोमपाल सिंह, वीरपाल आदि ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के समक्ष सड़क धंसने की आशंका जताई थी। रोड के दोनों ओर पत्थरों की पिचिंग लगाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने टालमटोल कर दिया। ग्रामीणों ने मंगलवार को बरेली के सांसद और विधायक को भी बताया था, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा पूरे पुल को छोड़कर आसपास के गांवों की तरफ मुड़ रही है। इससे गांव में कटान का भी खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने नदी की धारा मोड़ने के लिए पिचिंग कार्य कराने की मांग की है।
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लोगों को किया सतर्क
ग्राम प्रशासक चौधरी धर्मेंद्र सिंह एवं प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि गांव बसंतपुर के सरदार इकबाल सिंह बुधवार तड़के तीन बजे अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर नगरिया सादात रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए जा रहे थे। उस समय पुल के पास 10 फुट से अधिक एप्रोच रोड रामगंगा में समा गई थी। उन्होंने फोन से सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से आने-जाने वालों को रोक दिया।
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सूचना पर एसडीएम निधि शुक्ला और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एहतियातन पुल के दोनों छोरों पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि रोड के दोनों ओर मिट्टी से भरे कट्टे डालकर तीन दिन में आवागमन चालू करा दिया जाएगा।
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40.96 करोड़ से हुआ था निर्माण
40.96 करोड़ रुपये से 780.30 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ था। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चार जनवरी 2022 को इसका लोकार्पण किया था।
दो दिन पहले हो जाती पिचिंग तो नहीं धंसती सड़क
ग्रामीण बाबूराम कश्यप, पूर्व प्रधान गजेंद्र कश्यप, अमित कुमार, रमेश चंद्र, सोमपाल सिंह, वीरपाल आदि ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के समक्ष सड़क धंसने की आशंका जताई थी। रोड के दोनों ओर पत्थरों की पिचिंग लगाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने टालमटोल कर दिया। ग्रामीणों ने मंगलवार को बरेली के सांसद और विधायक को भी बताया था, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा पूरे पुल को छोड़कर आसपास के गांवों की तरफ मुड़ रही है। इससे गांव में कटान का भी खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने नदी की धारा मोड़ने के लिए पिचिंग कार्य कराने की मांग की है।
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लोगों को किया सतर्क
ग्राम प्रशासक चौधरी धर्मेंद्र सिंह एवं प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि गांव बसंतपुर के सरदार इकबाल सिंह बुधवार तड़के तीन बजे अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर नगरिया सादात रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए जा रहे थे। उस समय पुल के पास 10 फुट से अधिक एप्रोच रोड रामगंगा में समा गई थी। उन्होंने फोन से सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से आने-जाने वालों को रोक दिया।