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पीलीभीत बाईपास पर 36 लाख के संकेतक लगाने में गोलमाल
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- फोटो : amar ujala
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लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से हुई शिकायत
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बरेली। पीलीभीत बाईपास और सीबीगंज क्षेत्र में लगाए संकेतक बोर्ड में घपले का आरोप लगाते हुए आशुतोष मिश्रा नाम के व्यक्ति ने लोक निर्माण विभाग से शिकायत की है। उनका कहना है कि ठेकेदार ने टेंडर लेने के बाद मानक पूरे नहीं किए हैं। संकेतक बार्ड में जहां एंगल लगाए जाने थे, वहां पाइप लगाकर 36 लाख का बिल बना दिया।
आशुतोष मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग को भेजे शिकायती पत्र में कहा, 2019 में शहर में संकेतक बोर्ड लगाए जाने थे। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने मानकों का पालन नहीं किया है। एल्युमिनियम कंपोजिट पैनल को विभाग की ओर से प्रतिबंधित किए जाने केबाद भी ठेकेदार ने उसी सामग्री का प्रयोग किया गया। विभाग के अधिकारियों से अनुमति भी मिल गई, इससे जाहिर होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब हुआ है। शिकायतकर्ता ने कहा कि संकेतक बोर्ड लगाने में घपला हुआ है। इसकी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जांच पूरी होने तक भुगतान रोकने की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि भुगतान किया गया तो वह कोर्ट की शरण लेगा। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एम निसार का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलेगी तो दिखवाया जाएगा।
आशुतोष मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग को भेजे शिकायती पत्र में कहा, 2019 में शहर में संकेतक बोर्ड लगाए जाने थे। कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने मानकों का पालन नहीं किया है। एल्युमिनियम कंपोजिट पैनल को विभाग की ओर से प्रतिबंधित किए जाने केबाद भी ठेकेदार ने उसी सामग्री का प्रयोग किया गया। विभाग के अधिकारियों से अनुमति भी मिल गई, इससे जाहिर होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब हुआ है। शिकायतकर्ता ने कहा कि संकेतक बोर्ड लगाने में घपला हुआ है। इसकी जांच कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जांच पूरी होने तक भुगतान रोकने की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि भुगतान किया गया तो वह कोर्ट की शरण लेगा। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एम निसार का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलेगी तो दिखवाया जाएगा।
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