फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   boiler of itr install in superior factory

आईटीआर से गायब विदेशी बॉयलर सुपीरियर फैक्टरी में लगे

Mon, 08 Feb 2021 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
boiler of itr install in superior factory
सीबीगंज (बरेली)। करीब 30 साल से बंद पड़ी राज्य सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन टरपेंटाइन एंड रोजिन फैक्टरी यानी आईटीआर से गायब दो विदेशी बॉयलर सीबीगंज की ही निजी डिस्टलरी सुपीरियर इंडस्ट्रीज में लगे पाए गए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से आईटीआर फैक्टरी के पूर्व प्रबंधक केबी अग्रवाल समेत कुछ और लोगों के खिलाफ थाना सीबीगंज में एफआईआर दर्ज कराई गई है। हालांकि गैरकानूनी तौर पर बॉयलर की खरीदारी करने वाली सुपीरियर इंडस्ट्रीज का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन

सीबीगंज में आईटीआर फैक्टरी 1924 में स्थापित की गई थी जिस पर प्रदेश सरकार का 85 प्रतिशत स्वामित्व है। फैक्टरी बंद होने के कारण 1993 में औद्योगिक इकाई अधिनियम के तहत इस औद्योगिक इकाई को रुग्ण घोषित कर दिया गया। इसके बाद सात जून 2001 को कंपनी की संपत्तियों को बेचने के लिए एसेट सेल कमेटी का गठन किया गया जिसने 17 अगस्त 2001 को कुछ संपत्तियों की बिक्री के लिए निविदा जारी की। इस निविदा के तहत कंपनी की एल्कोहल इकाई को एक विक्रय अनुबंध के जरिये पांच अप्रैल 2003 को सुपीरियर इंडस्ट्रीज के हक में हस्तांतरित कर दिया गया। कुछ समय बाद इस मामले में किसी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर की तो विजिलेंस जांच कराई गई। इस जांच में पता चला कि आईटीआर कंपनी में लगे इंग्लैंड निर्मित दो लंकाशायर बॉयलर सुपीरियर इंडस्ट्रीज में स्थापित हैं। शासन ने इसकी पुष्टि के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को सुपीरियर इंडस्ट्रीज में स्थलीय जांच करने का निर्देश दिया। आईटीआर के पदेन सुरक्षा अधिकारी की हैसियत से सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने पिछले साल 12 फरवरी को सुपीरियर इंडस्ट्रीज की एल्कोहल इकाई का निरीक्षण किया तो दोनों बॉयलर वहां लगे पाए गए।
विज्ञापन

बॉयलर खरीदने का दावा किया
पर कागजात नहीं दिखा पाए
सुपीरियर फैक्टरी में जांच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को कंपनी के मैनेजर और अवर अभियंता ने बताया कि दोनों लंकाशायर बायलर आईटीआर कंपनी से खरीदे गए हैं जिनका वास्तविक स्वरूप बदलकर उनका प्रयोग किया जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने सुपीरियर इंडस्ट्रीज को दो दिन के अंदर बायलर खरीद से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा लेकिन 20 फरवरी 2020 तक कंपनी ने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद मैनेजर और अवर अभियंता के बयान के आधार पर ही यह माना गया कि आईटीआई फैक्टरी से गायब दोनों बायलर सुपीरियर इंडस्ट्रीज में स्थापित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेल या दबाव: सिटी मजिस्ट्रेट की तहरीर
में सुपीरियर का नाम पर रिपोर्ट में नहीं
जांच में पाया गया कि आईटीआर से गायब बायलरों की कीमत 15 साल पहले ही करीब 50 लाख थी। तत्कालीन कारखाना प्रबंधक केबी अग्रवाल कुछ सहयोगियों की मदद से आपराधिक साजिश कर मरम्मत कराने के बहाने जून 2004 में आईटीआर से इन बायलरों को उखड़वाकर बाहर निकाला। फिर नाजायज फायदे के लिए सुपीरियर इंडस्ट्रीज के हवाले कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार की ओर से पुलिस को दी तहरीर में आईटीआर के तत्कालीन कारखाना प्रबंधक केबी अग्रवाल के साथ सुपीरियर इंडस्ट्रीज के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा गया था लेकिन सीबीगंज पुलिस ने एफआईआर में सुपीरियर इंडस्ट्रीज का नाम शामिल नहीं किया। एफआईआर में सिर्फ केबी अग्रवाल और उनके सहयोगियों का ही उल्लेख है।
साल भर जांच रिपोर्ट दबाए बैठे रहे अफसर
सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में पिछले साल फरवरी में ही दो लंकाशायर बायलर गायब होने की बात सामने आ गई थी। सुपीरियर इंडस्ट्रीज की जांच में इसकी पुष्टि भी हो गई लेकिन अफसर फिर भी इस मामले को दबाए बैठे रहे। अब जाकर शनिवार देर रात थाना सीबीगंज इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

आईटीआर फैक्टरी के दो लंकाशायर बॉयलर गायब होने की बात कही जा रही है लेकिन यह गलत है। दोनों बॉयलर नियमानुसार नीलाम हुए थे। दोनों बॉयलर ब्रिटेन स्थित लंकाशायर कंपनी के हैं इसलिए उन्हें कंपनी के नाम से ही जाना जाता है। मेरे खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज हुई है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। - केबी अग्रवाल, तत्कालीन कारखाना प्रबंधक आईटीआर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed