Bareilly News: बोगस फर्म बनाकर सरकार को लगाया 72.84 लाख का चूना, जीएसटी के सहायक आयुक्त ने कराई रिपोर्ट
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बरेली में सक्रिय गिरोह बोगस फर्में बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहा है। राज्य कर विभाग जोन चार के सहायक आयुक्त अविरल मुदगल ने ऐसे ही एक मामले में बारादरी थाने में सलीम ट्रेडर्स के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सहायक आयुक्त ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को बताया कि सलीम ट्रेडर्स ने फर्जी कागजात के जरिये जीएसटी नंबर प्राप्त किया और सरकार को 72.84 लाख के राजस्व का चूना लगाया। गाजियाबाद के सजवान नगर की रहने वाली नगमा के नाम से सलीम ट्रेडर्स का कारोबार स्थल बारादरी क्षेत्र में कालीबाड़ी दर्शाकर जीएसटी नंबर हासिल किया गया।
फर्म ने अप्रैल 2021 में 2,79,18,238 की फर्जी आपूर्ति दिखाकर 50,25,282 रुपये का जीएसटी पास-ऑन किया। मई 2021 में 1,25,47,280 की आपूर्ति दिखाकर 22,58,510 का जीएसटी पास-ऑन किया गया। कुल 72.84 लाख रुपये के राजस्व का चूना इस फर्म ने सरकार को लगाया गया। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
बरेली जिले में मजदूरों, गरीबों और अशिक्षितों के नाम से बोगस फर्म बनाकर जीएसटी रिफंड के करोड़ों रुपयों का गबन किया जा रहा है। इसके पीछे पूरा गिरोह सक्रिय है। गिरोह के गुर्गे बोगस फर्म बनाकर उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। दिल्ली व गुजरात के जालसाजों के साथ मिलकर कागजों पर फर्जी इनवर्ड और आपूर्ति दिखाकर जीएसटी रिफंड हड़प रहे हैं।
पिछले दिनों बारादरी थाने में बरेली रेंज ए के राज्य कर अधिकारी ने ऐसे मामलों में कुछ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिनकी विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं। एक मामले में नवादा शेखान के पते पर बनाई गई फर्म ठाकुर इंटरप्राइजेज मॉल मंगाए बिना ही कागजों पर फर्जी आपूर्ति कर रही थी। फर्म मालिक अभिषेक ठाकुर ने 2441 लाख रुपये की सप्लाई दिखाकर 439 लाख रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट पास-ऑन किया। जब टीम फर्म के इस पते पर पहुंची तो वह फर्जी निकला। वेदपाल की पत्नी के नाम फर्जी किरायानामा बनाकर फर्म खोलने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
दूसरा मुकदमा मूर्ति इंटरप्राइजेज के खिलाफ कराया गया। इस फर्म को खोलने के लिए शक्तिनगर कॉलोनी में फर्जी किरायानामा बिजली बिल का इस्तेमाल किया गया। फर्म ने 149 लाख रुपये की कर चोरी की। बताया जा रहा है कि फर्जी फर्म खोलकर जीएसटी हड़पने वाले गिरोह में कैंट इलाके के कुछ लोग शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, 60 से अधिक बोगस फर्में बनाकर धोखाधड़ी की जा रही है।
भूमिगत हुए आरोपी
बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य मजदूरों और अनपढ़ लोगों के नाम से बोगस फर्म बनाते हैं। इसके बाद फर्म को पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर टैक्स रिफंड हासिल करते हैं। पुलिस गिरोह का सुराग लगा रही है, लेकिन पिछले दिनों दी गई दबिश के बाद गिरोह के कई सदस्य भाग गए हैं।
एसटी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जीएसटी चोरी व बोगस फर्म बनाकर धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। क्राइम ब्रांच इन मामलों की विवेचना कर रही है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, विवेचक उन्हें चार्जशीट में शामिल कर गिरफ्तारी करेंगे।