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सोमवार को बोर्ड बैठक में होगा वाईशेपर पर मंथन
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बरेली। स्मार्ट सिटी बोर्ड की सोमवार को होने वाली बैठक में कुतुबखाना फ्लाईओवर का बजट रिवाइज किया जाएगा। साथ ही बैठक में फ्लाईओवर के वाईशेप पर भी चर्चा होगी। यदि वाईशेप पर सहमति बनी तो उसका बजट अलग से तैयार करके बाद में भेजा जाएगा।
सेतु निगम ने अभी कोहाड़ापीर से कोतवाली के पास तक एक ही तरफ टू लेन का 1590 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने के लिए जल निगम, नगर निगम व पावर कॉरपोरेशन से एस्टीमेट लिया है। इसमें जीएसटी जोड़कर कर यह बजट करीब 130 करोड़ रुपये पहुंचने की संभावना है। अब बैठक में वाईशेप को लेकर भी मंथन किया जाएगा। सेतु निगम के अधिकारी बिहारीपुर की तरफ सड़क को दो जगह तंग बताकर वाईशेप पुल की संभावनाओं को खारिज कर चुके थे लेकिन अब उन्होंने दोबारा सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें खासतौर पर यह देखा जाएगा कि बिहारीपुर से थोड़ा आगे पुल उतरने लायक पर्याप्त जगह है या नहीं।
फ्लाईओवर वाईशेप बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने हस्तक्षेप किया है। पिछले हफ्ते गंगवार ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एक ही तरफ पुल बनने पर उसे अनुपयोगी मानते हुए वाईशेप डिजाइन में ही उसका निर्माण करने के निर्देश दिए थे। इसी बैठक में सुझाव आया था कि बिहारीपुर की तरफ सड़क अगर तंग है तो पुल की लंबाई बढ़ाकर उसका छोर कुछ आगे उतारा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सेतु निगम के अधिकारियों को वाईशेप फ्लाईओवर बनाने के लिए इस विकल्प पर संभावनाएं तलाश करते हुए दोबारा सर्वे करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि वाईशेप पुल से ही कुतुबखाना इलाके में जाम की समस्या खत्म हो पाएगी, वरना पुल बनाने का कोई फ ायदा नहीं होगा।
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बैठक में व्यापारियों के विरोध का भी उठेगा मुद्दा
स्मार्ट सिटी की बैठक में कुतुबखाना फ्लाईओवर को लेकर इलाके के व्यापारियों के विरोध से निपटने के इंतजामों पर चर्चा के भी आसार हैं। पिछले दिनों विभागों ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि व्यापारी उन्हें कुतुबखाना में काम ही नहीं करने दे रहे हैं, ऐसे में वे कैसे फ्लाईओवर बना पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब वह सर्वे करने जाते हैं तो व्यापारी हिंसक रवैया अपनाने लगते हैं। उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगते हैं। ऐसे में सर्वे कर पाना मुश्किल है।
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सेतु निगम ने अभी कोहाड़ापीर से कोतवाली के पास तक एक ही तरफ टू लेन का 1590 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने के लिए जल निगम, नगर निगम व पावर कॉरपोरेशन से एस्टीमेट लिया है। इसमें जीएसटी जोड़कर कर यह बजट करीब 130 करोड़ रुपये पहुंचने की संभावना है। अब बैठक में वाईशेप को लेकर भी मंथन किया जाएगा। सेतु निगम के अधिकारी बिहारीपुर की तरफ सड़क को दो जगह तंग बताकर वाईशेप पुल की संभावनाओं को खारिज कर चुके थे लेकिन अब उन्होंने दोबारा सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें खासतौर पर यह देखा जाएगा कि बिहारीपुर से थोड़ा आगे पुल उतरने लायक पर्याप्त जगह है या नहीं।
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फ्लाईओवर वाईशेप बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने हस्तक्षेप किया है। पिछले हफ्ते गंगवार ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एक ही तरफ पुल बनने पर उसे अनुपयोगी मानते हुए वाईशेप डिजाइन में ही उसका निर्माण करने के निर्देश दिए थे। इसी बैठक में सुझाव आया था कि बिहारीपुर की तरफ सड़क अगर तंग है तो पुल की लंबाई बढ़ाकर उसका छोर कुछ आगे उतारा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सेतु निगम के अधिकारियों को वाईशेप फ्लाईओवर बनाने के लिए इस विकल्प पर संभावनाएं तलाश करते हुए दोबारा सर्वे करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि वाईशेप पुल से ही कुतुबखाना इलाके में जाम की समस्या खत्म हो पाएगी, वरना पुल बनाने का कोई फ ायदा नहीं होगा।
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बैठक में व्यापारियों के विरोध का भी उठेगा मुद्दा
स्मार्ट सिटी की बैठक में कुतुबखाना फ्लाईओवर को लेकर इलाके के व्यापारियों के विरोध से निपटने के इंतजामों पर चर्चा के भी आसार हैं। पिछले दिनों विभागों ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि व्यापारी उन्हें कुतुबखाना में काम ही नहीं करने दे रहे हैं, ऐसे में वे कैसे फ्लाईओवर बना पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब वह सर्वे करने जाते हैं तो व्यापारी हिंसक रवैया अपनाने लगते हैं। उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगते हैं। ऐसे में सर्वे कर पाना मुश्किल है।